{"_id":"5b68a5974f1c1b05468b6514","slug":"141533584791-karnal-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"किराए पर लिए गोदाम में निकालते थे टेंकरों से दूध, पानी व केमिकल मिलकार ले जाते थे एनडीआरआई व मार्डन डेरी, पुलिस ने रंगे हाथों कि","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
किराए पर लिए गोदाम में निकालते थे टेंकरों से दूध, पानी व केमिकल मिलकार ले जाते थे एनडीआरआई व मार्डन डेरी, पुलिस ने रंगे हाथों कि
Updated Tue, 07 Aug 2018 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। पुलिस की सीआईए-1 टीम ने दूध में मिलावट कर एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में पहुंचाने वाले एक गिरोह को काबू कर लिया है। यह गिरोह एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी के लिए यूपी से टैंकरों में दूध भरकर लाते थे और फिर करनाल के ब्रह्मानंनद चौक स्थित मंगल कॉलोनी में एक गोदाम के अंदर टैंकरों से आधा दूध ड्रम में निकाल लेते थे और फिर पानी और केमिकल मिलाकर उस दूध को पूरा कर देते थे। इसके बाद दूध के टैंकरों को एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में ले जाते थे। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों को रंगे हाथों टैंकर से दूध निकालते हुए पकड़ा है। इस गिरोह में दूध खरीदने वाला एक व्यक्ति व उसका नौकर भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पुलिस कल इन आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। इस मामले का खुलासा होने के बाद एनडीआरआई से मिलने वाले दुग्ध खाद्य पदार्थों की क्वालिटी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
टैंकरों से दूध निकालते हुए पकड़े आरोपी
सीआईए-1 इंचार्ज विरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली की कुछ लोग आपस में मिलीभगत कर ब्रह्मानंद चौक स्थित मंगल कॉलोनी करनाल में गलत तरीके से दूध के टैंकरों से दूध निकालकर बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत एएसआई रामफल की अध्यक्षता में एक टीम को मंगल कॉलोनी के लिए रवाना किया योजनाबद्ध तरीके से छापामारी की और वहां पर खड़े दो टैंकरों से दूध निकाल रहे छह आरोपियों को पकड़ लिया। इन आरोपियों ड्राइवर दिनेश वासी खेड़ा हापुड़ यूपी, क्लीनर हरीष वासी सिलोर मेरठ यूपी, दूसरे टैंकर का ड्राइवर साजिद वासी सरदला मेरठ यूपी व क्लीनर फेशल मेरठ यूपी को काबू कर लिया है। इसके साथ ही इन आरोपियों से दूध खरीदने वाले घोघड़ीपुर निवासी अशोक व उसके नौकर को भी काबू कर लिया है।
9 महीने से कर रहे थे दूध में मिलावट, पहुंचा रहे थे एनडीआरआई व मॉर्डन डेरी में
सीआईए-1 विरेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वह ये दुध के दोनों टैंकर यूपी के जिला मुज्जफरनगर के गांव झाड़वन व बुढ़ाना से लेकर आए थे। जिसमें से उन्होंने एक टैंकर को एनडीआरआई करनाल व दूसरे को मार्डन डेरी करनाल में पहुंचाना था। लेकिन इससे पहले वे टैंकरों को लेकर मंगल कॉलोनी करनाल में एक किराए के गोदाम में लेकर आते थे और वहां टैंकरों से दूध निकालकर घोघड़ीपुर निवासी अशोक को देते थे। इसके बाद पानी और केमिकल डालकर उस दूध को पूरा कर देते थे। यह धंधा वह पिछले 9 महीने से कर रहे थे।
विज्ञापन
दूध खरीदार आरोपी की है डेरी
सीआईए-1 इंचार्ज विरेंद्र ने बताया कि टेंकर के ड्राइवर आरोपी अशोक को दूध बेचते थे, आरोपी अशोक की गांव घोघड़ीपुर बस अड्डे पर दूध की डेरी है। वह दूध को आधे दाम में खरीदता था और फिर अपनी डेरी पर ले जाकर खाद्य सामग्री बनाता था।
एनडीआरआई व मॉर्डन डेरी के दुध व अन्य सामान की शुद्धता पर उठे सवाल।
राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल में मिलने वाले दुध व उससे बनने वाले खाद्य पदार्थ की शुद्धता पर सभी लोग विश्वास करते हैं, इसी प्रकार मॉर्डन डेरी की खाद्य सामग्री पर भी। लेकिन इस मामले का खुलासा होने के बाद एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में मिलने वाले दूध व उससे बनने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि ये आरोपी टैंकरों में केमिकल व पानी डालकर यह दूध एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में ले जाते थे।
विज्ञापन
करनाल। पुलिस की सीआईए-1 टीम ने दूध में मिलावट कर एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में पहुंचाने वाले एक गिरोह को काबू कर लिया है। यह गिरोह एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी के लिए यूपी से टैंकरों में दूध भरकर लाते थे और फिर करनाल के ब्रह्मानंनद चौक स्थित मंगल कॉलोनी में एक गोदाम के अंदर टैंकरों से आधा दूध ड्रम में निकाल लेते थे और फिर पानी और केमिकल मिलाकर उस दूध को पूरा कर देते थे। इसके बाद दूध के टैंकरों को एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में ले जाते थे। पुलिस ने इस गिरोह के छह सदस्यों को रंगे हाथों टैंकर से दूध निकालते हुए पकड़ा है। इस गिरोह में दूध खरीदने वाला एक व्यक्ति व उसका नौकर भी शामिल हैं। पुलिस ने सभी 6 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और पुलिस कल इन आरोपियों को कोर्ट में पेश करेगी। इस मामले का खुलासा होने के बाद एनडीआरआई से मिलने वाले दुग्ध खाद्य पदार्थों की क्वालिटी पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।
टैंकरों से दूध निकालते हुए पकड़े आरोपी
सीआईए-1 इंचार्ज विरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली की कुछ लोग आपस में मिलीभगत कर ब्रह्मानंद चौक स्थित मंगल कॉलोनी करनाल में गलत तरीके से दूध के टैंकरों से दूध निकालकर बेच रहे हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने तुरंत एएसआई रामफल की अध्यक्षता में एक टीम को मंगल कॉलोनी के लिए रवाना किया योजनाबद्ध तरीके से छापामारी की और वहां पर खड़े दो टैंकरों से दूध निकाल रहे छह आरोपियों को पकड़ लिया। इन आरोपियों ड्राइवर दिनेश वासी खेड़ा हापुड़ यूपी, क्लीनर हरीष वासी सिलोर मेरठ यूपी, दूसरे टैंकर का ड्राइवर साजिद वासी सरदला मेरठ यूपी व क्लीनर फेशल मेरठ यूपी को काबू कर लिया है। इसके साथ ही इन आरोपियों से दूध खरीदने वाले घोघड़ीपुर निवासी अशोक व उसके नौकर को भी काबू कर लिया है।
विज्ञापन
9 महीने से कर रहे थे दूध में मिलावट, पहुंचा रहे थे एनडीआरआई व मॉर्डन डेरी में
सीआईए-1 विरेंद्र सिंह ने बताया कि पूछताछ करने पर आरोपियों ने बताया कि वह ये दुध के दोनों टैंकर यूपी के जिला मुज्जफरनगर के गांव झाड़वन व बुढ़ाना से लेकर आए थे। जिसमें से उन्होंने एक टैंकर को एनडीआरआई करनाल व दूसरे को मार्डन डेरी करनाल में पहुंचाना था। लेकिन इससे पहले वे टैंकरों को लेकर मंगल कॉलोनी करनाल में एक किराए के गोदाम में लेकर आते थे और वहां टैंकरों से दूध निकालकर घोघड़ीपुर निवासी अशोक को देते थे। इसके बाद पानी और केमिकल डालकर उस दूध को पूरा कर देते थे। यह धंधा वह पिछले 9 महीने से कर रहे थे।
विज्ञापन
दूध खरीदार आरोपी की है डेरी
सीआईए-1 इंचार्ज विरेंद्र ने बताया कि टेंकर के ड्राइवर आरोपी अशोक को दूध बेचते थे, आरोपी अशोक की गांव घोघड़ीपुर बस अड्डे पर दूध की डेरी है। वह दूध को आधे दाम में खरीदता था और फिर अपनी डेरी पर ले जाकर खाद्य सामग्री बनाता था।
एनडीआरआई व मॉर्डन डेरी के दुध व अन्य सामान की शुद्धता पर उठे सवाल।
राष्ट्रीय डेरी अनुसंधान संस्थान करनाल में मिलने वाले दुध व उससे बनने वाले खाद्य पदार्थ की शुद्धता पर सभी लोग विश्वास करते हैं, इसी प्रकार मॉर्डन डेरी की खाद्य सामग्री पर भी। लेकिन इस मामले का खुलासा होने के बाद एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में मिलने वाले दूध व उससे बनने वाली खाद्य सामग्री की शुद्धता पर सवाल खड़े हो गए हैं। क्योंकि ये आरोपी टैंकरों में केमिकल व पानी डालकर यह दूध एनडीआरआई और मॉर्डन डेरी में ले जाते थे।