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स्वास्थ्य के साथ हो रहा खिलवाड़, मिलावटखोर तैयार, विभाग मौन
Updated Sun, 28 Oct 2018 12:54 AM IST
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अमर उजार ब्यूरो
करनाल। त्योहारी सीजन पर खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों ने पूरी तैयारियां की हुई है और धड़ल्ले से वह दुकानों से अलग अन्य जगहों पर बिना साफ सफाई के घटिया मिठाई बनाने में जुटे हुए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का इन मिलावटखोरों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। दीपावली के 11 दिन रह जाने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति के लिए मिठाई की दुकानों से सैंपल ले रहा है। इतना ही नहीं यदि सैंपलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग ने गिनी चुनी दुकानों से अभी तक सिर्फ 33 ही मिठाइयों के सैंपल लिए है, लेकिन जब तक इन सैंपलों की रिपोर्ट आएगी, तब तक इस मिठाई को शहरवासी खा चुके होंगे। जिसका खामियाजा लोगों को बीमार होकर भुगतना पड़ेगा। यही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने दस महीने में एक बार भी गली सड़ी फल व सब्जियां बेचने वालों के खिलाफ एक बार भी एक्शन नहीं लिया है।
दुकानों पर खुले में मिठाई बेची जा रही है जिनपर मक्खी मच्छर भिनभनाते रहते हैं। इतना ही नहीं अधिकतर दुकानें सड़क के किनारे हैं, जिनपर खुले में रखी मिठाइयों पर धुल जमी रहती है। इन मिठाइयों को बेचकर दुकानदार लोगों को बीमारियां बेच रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। विभाग भी शहरवासियों के बीमार होने का इंतजार कर रहा है। शहर में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और विभाग के पास कार्रवाई की फुर्सत नहीं है या फिर विभाग कार्रवाई करना नहीं चाहता।
सीएम सिटी में अभी तक गिनी चुनी दुकानों से ही लिए हैं 9 सैंपल
दीपावली के 11 दिन रह जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने खानापूर्ति के लिए जिले में मिठाई की दुकानों से सैंपल लेना तो शुरू कर दिया है, लेकिन सीएम सिटी में अभी तक विभाग की टीम ने गिनी चुनी दुकानों से 9 ही सैंपल लिए हैं। इससे अलग असंध, तरावड़ी, घरौंडा आदि क्षेत्र में 24 सैंपल लिए हैं। दुकानदारों को जागरूक करने व साफ-सफाई की जांच के लिए विभाग की ओर से कोई भी टीम अभी तक नहीं बनाई है।
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पिछले साल गली सड़ी फल सब्जियां बेचने वालों पर एक बार ही की थी कार्रवाई
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर गली-सड़ी फल सब्जियों के रूप में लोगों को बीमारियां दी जा रही हैं। अभी तक विभाग की ओर से एक बार भी कार्रवाई नहीं की गई। पिछले वर्ष 2017 में एक बार स्वास्थ्य विभाग ने गले-सड़े फल बेचने, खुले में मिठाई बेचने, जूस की दुकान आदि पर छापेमारी कर दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट किया था लेकिन इस साल एक बार भी विभाग ने कार्रवाई के लिए जहमत नहीं उठाई। बस स्टैंड से लेकर कमेटी चौक पर लाइन में फ्रूट रेहड़ी लगी हुई हैं, उनपर सरेआम गले सड़े फल बेचे जाते हैं, इसी प्रकार मिठाई की दुकानों पर रखी मिठाई पर भी मक्खी मच्छर बैठे रहते हैं।
अनार के जूस में मिलाते हैं लाल रंग
जूस कार्नर संचालक अनार के जूस का रंग गहरा करने के लिए उसमें रंग मिला लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उपभोक्ता जूस का गहरा रंग देखकर उसे खुश होकर पी जाता है, लेकिन उसे नहीं पता कि इस जूस में रंग मिला हुआ है। जूस कार्नर वाले पहले ही एक डिब्बे में अनार के दाने निकाल लेते हैं, जिनका रंग सफेद होता है। फिर उन्हें वे लाल करने के लिए उन अनार के दानों में रंग मिला देते हैं। यदि आपको यह चेक करना हो तो उनके अनार से भरे डिब्बे में हाथ डालकर देखे तो आपका हाथ लाल हो जाएगा।
बिना लाइसेंस व जांच किए धड़ल्ले से बेच रहे हैं कैंपरों में पानी
शहर में जगह-जगह आरो प्लांट लगे हुए हैं। जिनके पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं है। इस बात के बारे में विभाग को भी पता है, लेकिन फिर भी अनजान बना स्वास्थ्य विभाग खुली आंखों से यह खेल देख रहा है। बिना पानी की जांच किए ये फैक्टरी मालिक कैंपरों में पानी भर कर ऑफिस व घरों में पहुंचाते हैं। इन प्लांटों में साफ-सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इस कारण पानी में कभी छिपकली निकलती है तो कभी मच्छर व मक्खी।
जगह-जगह खुले हैं ढाबे, नहीं देते साफ सफाई पर ध्यान
शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेरठ रोड, अस्पताल चौक सहित जगह-जगह ढाबे खुले हैं, इनके पास भी कोई लाइसेंस नहीं है। इन ढाबों पर गरीब व्यक्ति खाना खाते हैं। लेकिन इन ढाबों पर सफाई का कोई नाम नहीं होता। ये ड्रम में पानी रखते हैं वह भी बिना ढका हुआ होता है। ऐसे ही सब्जियां आदि उन पर भी मच्छर मक्खी बैठे रहते हैं।
सीएमओ बोले, मैंने अभी ज्वाइन किया है, मैं अभी देख रहा हूं
खुले में बिक रही मिठाइयों के बारे में जब सीएमओ से बात की तो सीएमओ डॉ. गुलशन राय ने कहा कि अभी उन्होंने ज्वाइन किए कुछ ही दिन हुए हैं वो अभी देख रहे हैं और जल्द ही इन दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक जिलेभर में करीब 33 मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं।
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करनाल। त्योहारी सीजन पर खाद्य सामग्री में मिलावट करने वाले मिलावटखोरों ने पूरी तैयारियां की हुई है और धड़ल्ले से वह दुकानों से अलग अन्य जगहों पर बिना साफ सफाई के घटिया मिठाई बनाने में जुटे हुए हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का इन मिलावटखोरों की तरफ कोई ध्यान नहीं है। दीपावली के 11 दिन रह जाने के कारण अब स्वास्थ्य विभाग खानापूर्ति के लिए मिठाई की दुकानों से सैंपल ले रहा है। इतना ही नहीं यदि सैंपलों की बात करें तो स्वास्थ्य विभाग ने गिनी चुनी दुकानों से अभी तक सिर्फ 33 ही मिठाइयों के सैंपल लिए है, लेकिन जब तक इन सैंपलों की रिपोर्ट आएगी, तब तक इस मिठाई को शहरवासी खा चुके होंगे। जिसका खामियाजा लोगों को बीमार होकर भुगतना पड़ेगा। यही नहीं स्वास्थ्य विभाग ने दस महीने में एक बार भी गली सड़ी फल व सब्जियां बेचने वालों के खिलाफ एक बार भी एक्शन नहीं लिया है।
दुकानों पर खुले में मिठाई बेची जा रही है जिनपर मक्खी मच्छर भिनभनाते रहते हैं। इतना ही नहीं अधिकतर दुकानें सड़क के किनारे हैं, जिनपर खुले में रखी मिठाइयों पर धुल जमी रहती है। इन मिठाइयों को बेचकर दुकानदार लोगों को बीमारियां बेच रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य विभाग का इस ओर कोई ध्यान नहीं है। विभाग भी शहरवासियों के बीमार होने का इंतजार कर रहा है। शहर में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और विभाग के पास कार्रवाई की फुर्सत नहीं है या फिर विभाग कार्रवाई करना नहीं चाहता।
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सीएम सिटी में अभी तक गिनी चुनी दुकानों से ही लिए हैं 9 सैंपल
दीपावली के 11 दिन रह जाने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने खानापूर्ति के लिए जिले में मिठाई की दुकानों से सैंपल लेना तो शुरू कर दिया है, लेकिन सीएम सिटी में अभी तक विभाग की टीम ने गिनी चुनी दुकानों से 9 ही सैंपल लिए हैं। इससे अलग असंध, तरावड़ी, घरौंडा आदि क्षेत्र में 24 सैंपल लिए हैं। दुकानदारों को जागरूक करने व साफ-सफाई की जांच के लिए विभाग की ओर से कोई भी टीम अभी तक नहीं बनाई है।
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पिछले साल गली सड़ी फल सब्जियां बेचने वालों पर एक बार ही की थी कार्रवाई
बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर गली-सड़ी फल सब्जियों के रूप में लोगों को बीमारियां दी जा रही हैं। अभी तक विभाग की ओर से एक बार भी कार्रवाई नहीं की गई। पिछले वर्ष 2017 में एक बार स्वास्थ्य विभाग ने गले-सड़े फल बेचने, खुले में मिठाई बेचने, जूस की दुकान आदि पर छापेमारी कर दूषित खाद्य सामग्री को नष्ट किया था लेकिन इस साल एक बार भी विभाग ने कार्रवाई के लिए जहमत नहीं उठाई। बस स्टैंड से लेकर कमेटी चौक पर लाइन में फ्रूट रेहड़ी लगी हुई हैं, उनपर सरेआम गले सड़े फल बेचे जाते हैं, इसी प्रकार मिठाई की दुकानों पर रखी मिठाई पर भी मक्खी मच्छर बैठे रहते हैं।
अनार के जूस में मिलाते हैं लाल रंग
जूस कार्नर संचालक अनार के जूस का रंग गहरा करने के लिए उसमें रंग मिला लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करते हैं। उपभोक्ता जूस का गहरा रंग देखकर उसे खुश होकर पी जाता है, लेकिन उसे नहीं पता कि इस जूस में रंग मिला हुआ है। जूस कार्नर वाले पहले ही एक डिब्बे में अनार के दाने निकाल लेते हैं, जिनका रंग सफेद होता है। फिर उन्हें वे लाल करने के लिए उन अनार के दानों में रंग मिला देते हैं। यदि आपको यह चेक करना हो तो उनके अनार से भरे डिब्बे में हाथ डालकर देखे तो आपका हाथ लाल हो जाएगा।
बिना लाइसेंस व जांच किए धड़ल्ले से बेच रहे हैं कैंपरों में पानी
शहर में जगह-जगह आरो प्लांट लगे हुए हैं। जिनके पास किसी प्रकार का लाइसेंस नहीं है। इस बात के बारे में विभाग को भी पता है, लेकिन फिर भी अनजान बना स्वास्थ्य विभाग खुली आंखों से यह खेल देख रहा है। बिना पानी की जांच किए ये फैक्टरी मालिक कैंपरों में पानी भर कर ऑफिस व घरों में पहुंचाते हैं। इन प्लांटों में साफ-सफाई पर भी कोई ध्यान नहीं दिया जाता। इस कारण पानी में कभी छिपकली निकलती है तो कभी मच्छर व मक्खी।
जगह-जगह खुले हैं ढाबे, नहीं देते साफ सफाई पर ध्यान
शहर में बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, मेरठ रोड, अस्पताल चौक सहित जगह-जगह ढाबे खुले हैं, इनके पास भी कोई लाइसेंस नहीं है। इन ढाबों पर गरीब व्यक्ति खाना खाते हैं। लेकिन इन ढाबों पर सफाई का कोई नाम नहीं होता। ये ड्रम में पानी रखते हैं वह भी बिना ढका हुआ होता है। ऐसे ही सब्जियां आदि उन पर भी मच्छर मक्खी बैठे रहते हैं।
सीएमओ बोले, मैंने अभी ज्वाइन किया है, मैं अभी देख रहा हूं
खुले में बिक रही मिठाइयों के बारे में जब सीएमओ से बात की तो सीएमओ डॉ. गुलशन राय ने कहा कि अभी उन्होंने ज्वाइन किए कुछ ही दिन हुए हैं वो अभी देख रहे हैं और जल्द ही इन दुकानों पर भी कार्रवाई की जाएगी। अभी तक जिलेभर में करीब 33 मिठाइयों के सैंपल लिए गए हैं।