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Karnal News: सामान्य बुखार की दवा से ठीक हो रहे कोरोना मरीज
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- अब तक पांच मरीज हुए ठीक, अस्पताल में भर्ती करने की नहीं पड़ी जरूरत
संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कोरोना वायरस का नया ओमिक्रॉन वेरिएंट ज्यादा तेज तो नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे असर दिखा रहा है। राहत की बात ये है कि इस बार के संक्रमित मरीजों में सिर्फ बुखार और जुकाम जैसे सामान्य लक्षण नजर आ रहे हैं और सामान्य बुखार की दवाओं से ही ठीक हो रहे हैं। अब तक जिले में पांच मरीज ठीक हो चुके हैं।
कोरोना की पहली लहर में नाक बहना, बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस फूलना जैसे लक्षण दिखाई देते थे। तब संक्रमित के इलाज के लिए ऑक्सीजन और डॉक्टरों की खास निगरानी जरूरी हो गई थी। वहीं, अब घर पर आराम और बुखार की दवा से राहत मिल रही है। पहले वेरियंट में रिकवरी पांच से सात दिन में होती थी और कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा था। अब संक्रमित को घर पर ही होम आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है, जिसमें न ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है और न ही खास निगरानी की। यह तीन से चार दिन में ठीक हो जाता है।
अब तक 15 मरीज मिले
अब तक कोरोना के 15 मरीज मिल चुके हैं, वहीं वीरवार को एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया है जबकि पांच मरीज ठीक हो चुके हैं। अब 10 सक्रिय मरीज हैं, जो होम आइसोलेटेड हैं। वीरवार को नौ मरीजों के सैंपल लिए गए।
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वर्जन-
जिले में जो नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, वे सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सामने आए। उन्हें अलग से कोई विशेष कोविड ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ी। सामान्य पैरासिटामोल और आराम से वे खुद-ब-खुद ठीक हो गए। इससे डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है, जैसे कि मास्क पहनना और भीड़भाड़ से बचना। हालांकि गंभीर केस अब नहीं आ रहे, फिर भी समय रहते जांच जरूरी है।
- डॉ. अन्नू शर्मा, उप-सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। कोरोना वायरस का नया ओमिक्रॉन वेरिएंट ज्यादा तेज तो नहीं है, लेकिन धीरे-धीरे असर दिखा रहा है। राहत की बात ये है कि इस बार के संक्रमित मरीजों में सिर्फ बुखार और जुकाम जैसे सामान्य लक्षण नजर आ रहे हैं और सामान्य बुखार की दवाओं से ही ठीक हो रहे हैं। अब तक जिले में पांच मरीज ठीक हो चुके हैं।
कोरोना की पहली लहर में नाक बहना, बुखार, खांसी, गले में खराश और सांस फूलना जैसे लक्षण दिखाई देते थे। तब संक्रमित के इलाज के लिए ऑक्सीजन और डॉक्टरों की खास निगरानी जरूरी हो गई थी। वहीं, अब घर पर आराम और बुखार की दवा से राहत मिल रही है। पहले वेरियंट में रिकवरी पांच से सात दिन में होती थी और कई बार अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा था। अब संक्रमित को घर पर ही होम आइसोलेट कर इलाज किया जा रहा है, जिसमें न ऑक्सीजन की जरूरत पड़ रही है और न ही खास निगरानी की। यह तीन से चार दिन में ठीक हो जाता है।
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अब तक 15 मरीज मिले
अब तक कोरोना के 15 मरीज मिल चुके हैं, वहीं वीरवार को एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया है जबकि पांच मरीज ठीक हो चुके हैं। अब 10 सक्रिय मरीज हैं, जो होम आइसोलेटेड हैं। वीरवार को नौ मरीजों के सैंपल लिए गए।
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वर्जन-
जिले में जो नए कोरोना संक्रमित मिले हैं, वे सामान्य फ्लू जैसे लक्षणों के साथ सामने आए। उन्हें अलग से कोई विशेष कोविड ट्रीटमेंट की जरूरत नहीं पड़ी। सामान्य पैरासिटामोल और आराम से वे खुद-ब-खुद ठीक हो गए। इससे डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी जरूरी है, जैसे कि मास्क पहनना और भीड़भाड़ से बचना। हालांकि गंभीर केस अब नहीं आ रहे, फिर भी समय रहते जांच जरूरी है।
- डॉ. अन्नू शर्मा, उप-सिविल सर्जन, जिला नागरिक अस्पताल