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अधिकारों, कर्तव्यों का मार्गदर्शक है संविधान : डॉ. सैनी
Wed, 27 Nov 2024 02:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Wed, 27 Nov 2024 02:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान विभाग और एनएसएस के संयुक्त तत्वाधान में संविधान दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य हमारे संविधान की महानता को सम्मानित करना और नागरिकों को इसके महत्व का एहसास दिलाना है।
संविधान हर नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों का मार्गदर्शक है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में बताया कि भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक और विचारक भी थे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और असाधारण नेतृत्व से हमें एक ऐसा संविधान दिया, जो समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है।
भारतीय संविधान न केवल एक कानूनी दस्तावेज है बल्कि यह स्वतंत्रता, समानता और न्याय के उच्च आदर्शों पर आधारित एक संरचना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान आज भी दुनिया में सबसे मजबूत और प्रभावी संविधान में से एक माना जाता है।
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हमारा संविधान न केवल भारतीय समाज की विविधता का प्रतीक है बल्कि यह हमें एकजुट भी रखता है। डॉ. सैनी ने कहा कि भारतीय संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने छात्रों को संविधान के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बलराम शर्मा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के आदर्शो, विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार, प्रो. अमोल, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रो. सुगम गुप्ता, प्रो, कमलप्रीत, प्रो. आशीष, प्रो. मनीषा, प्रो. गुरदेव सिंह मौजूद रहे।
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करनाल। डीएवी पीजी कॉलेज में राजनीतिक विज्ञान विभाग और एनएसएस के संयुक्त तत्वाधान में संविधान दिवस मनाया गया। प्राचार्य डॉ. रामपाल सैनी ने कहा कि इस दिन का उद्देश्य हमारे संविधान की महानता को सम्मानित करना और नागरिकों को इसके महत्व का एहसास दिलाना है।
संविधान हर नागरिक के अधिकारों और कर्तव्यों का मार्गदर्शक है। उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के बारे में बताया कि भारतीय संविधान के मुख्य शिल्पकार थे, बल्कि एक महान समाज सुधारक और विचारक भी थे। उन्होंने अपने दृढ़ संकल्प और असाधारण नेतृत्व से हमें एक ऐसा संविधान दिया, जो समता, स्वतंत्रता और बंधुत्व जैसे मूल्यों पर आधारित है।
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भारतीय संविधान न केवल एक कानूनी दस्तावेज है बल्कि यह स्वतंत्रता, समानता और न्याय के उच्च आदर्शों पर आधारित एक संरचना है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान आज भी दुनिया में सबसे मजबूत और प्रभावी संविधान में से एक माना जाता है।
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हमारा संविधान न केवल भारतीय समाज की विविधता का प्रतीक है बल्कि यह हमें एकजुट भी रखता है। डॉ. सैनी ने कहा कि भारतीय संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि हमें अपने कर्तव्यों की भी याद दिलाता है। उन्होंने छात्रों को संविधान के मूल्यों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. बलराम शर्मा ने कहा कि डॉ. अंबेडकर के आदर्शो, विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. विजय कुमार, प्रो. अमोल, डॉ. प्रदीप कुमार, प्रो. सुगम गुप्ता, प्रो, कमलप्रीत, प्रो. आशीष, प्रो. मनीषा, प्रो. गुरदेव सिंह मौजूद रहे।