{"_id":"5f4035238ebc3e41026f4254","slug":"complainant-woman-and-husband-arrested-on-charges-of-balletmailaing-karnal-news-knl41458231","type":"story","status":"publish","title_hn":"ब्लैकमेलिंग के आरोप में शिकायतकर्ता महिला और पति सवा सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ब्लैकमेलिंग के आरोप में शिकायतकर्ता महिला और पति सवा सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार
विज्ञापन
करीब सवा माह पहले प्रताप स्कूल के मालिक अजय भाटिया, तहसीलदार राजबख्श और प्रिंसिपल पूनम नेवट के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का केस दर्ज कराने के मामले में नया मोड़ आ गया है। पुलिस ने ब्लैकमेलिंग के आरोप में शुक्रवार को शिकायतकर्ता महिला और उसके पति को सवा सात लाख रुपये के साथ गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि महिला भाटिया से केस वापस लेने के बदले दस लाख रुपये की डिमांड कर रही थी। दोनों को पुलिस ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में निर्मल कुटिया के पास से गिरफ्तार किया गया है। दोनों को कल अदालत में पेश किया जाएगा।
बता दें कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में प्रताप स्कूल की लाइब्रेरियन ने पुलिस को शिकायत दी थी और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अजय भाटिया, तहसीलदार राजबख्श और महिला प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं भाटिया ने भी महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कराया था। क्रास केस होने के बाद इस मामले में जांच के लिए डीएसपी स्तर की दो एसआईटी बनाई गई थी। अभी जांच चल ही रही थी कि भाटिया ने पुलिस को एक और शिकायत दी कि महिला उनको केस वापस लेने के लिए ब्लैकमेल कर रही है और 10 लाख रुपये की डिमांड कर रही है। इस पर प्रशासन की ओर से मामले में तहसीलदार इंद्री को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। बताया जाता है कि महिला ने भाटिया को निर्मल कुटिया के पास पैसे लेकर आने को कहा। भाटिया और उसका गाड़ी चालक वहां पर पैसे लेकर पहुंचे तो शिकायतकर्ता महिला और उसका पति वहां थे। भाटिया ने जैसे ही सवा सात लाख रुपये महिला को दिये तो सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया। देर शाम उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। दोनों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव कुमार ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों से सवा सात लाख रुपये मौके से बरामद किये गए हैं।
एसआईटी की नहीं आई जांच रिपोर्ट, पुलिस पर सवाल
मामले में अहम बात ये है कि दो एसआईटी बनाई गई थी, लेकिन एक भी कमेटी की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बेशक महिला और उसके पति को ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन अभी ये सच्चाई सामने आनी बाकी है कि इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था या नहीं? क्या महिला ने झूठी शिकायत दी थी और क्या महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है? इन तमाम सवालों के जवाब अभी शहरवासी जानना चाहते हैं। पुलिस की कार्यवाही पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं कि दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
विज्ञापन
आज अदालत में करेंगे पेश : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई है। महिला द्वारा पैसे की डिमांड की जा रही थी। जैसे ही उनको पैसे दिये तो पुलिस ने महिला और उसके पति दोनों को काबू कर लिया। शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही महिला से पूछताछ की जाएगी कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।
विज्ञापन
बता दें कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में प्रताप स्कूल की लाइब्रेरियन ने पुलिस को शिकायत दी थी और सामूहिक दुष्कर्म के आरोप लगाए थे। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी अजय भाटिया, तहसीलदार राजबख्श और महिला प्रिंसिपल के खिलाफ केस दर्ज किया था। वहीं भाटिया ने भी महिला के खिलाफ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज कराया था। क्रास केस होने के बाद इस मामले में जांच के लिए डीएसपी स्तर की दो एसआईटी बनाई गई थी। अभी जांच चल ही रही थी कि भाटिया ने पुलिस को एक और शिकायत दी कि महिला उनको केस वापस लेने के लिए ब्लैकमेल कर रही है और 10 लाख रुपये की डिमांड कर रही है। इस पर प्रशासन की ओर से मामले में तहसीलदार इंद्री को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। बताया जाता है कि महिला ने भाटिया को निर्मल कुटिया के पास पैसे लेकर आने को कहा। भाटिया और उसका गाड़ी चालक वहां पर पैसे लेकर पहुंचे तो शिकायतकर्ता महिला और उसका पति वहां थे। भाटिया ने जैसे ही सवा सात लाख रुपये महिला को दिये तो सिविल लाइन थाना पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया। देर शाम उनकी गिरफ्तारी दिखाई गई। दोनों को शनिवार को अदालत में पेश किया जाएगा। सिविल लाइन थाना प्रभारी संजीव कुमार ने दोनों की गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों से सवा सात लाख रुपये मौके से बरामद किये गए हैं।
विज्ञापन
एसआईटी की नहीं आई जांच रिपोर्ट, पुलिस पर सवाल
मामले में अहम बात ये है कि दो एसआईटी बनाई गई थी, लेकिन एक भी कमेटी की जांच रिपोर्ट अभी नहीं आई है। बेशक महिला और उसके पति को ब्लैकमेलिंग में गिरफ्तार कर लिया गया हो, लेकिन अभी ये सच्चाई सामने आनी बाकी है कि इस मामले में सामूहिक दुष्कर्म हुआ था या नहीं? क्या महिला ने झूठी शिकायत दी थी और क्या महिला के साथ दुष्कर्म हुआ है? इन तमाम सवालों के जवाब अभी शहरवासी जानना चाहते हैं। पुलिस की कार्यवाही पर इसलिए भी सवाल उठ रहे हैं कि दुष्कर्म का केस दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया।
विज्ञापन
आज अदालत में करेंगे पेश : एसपी
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में हुई है। महिला द्वारा पैसे की डिमांड की जा रही थी। जैसे ही उनको पैसे दिये तो पुलिस ने महिला और उसके पति दोनों को काबू कर लिया। शनिवार को दोनों को अदालत में पेश किया जाएगा। साथ ही महिला से पूछताछ की जाएगी कि इस साजिश में और कौन-कौन लोग शामिल थे।