करनाल: सीआईडी एडीजीपी ने आतंकियों से कई घंटे की पूछताछ, यूपी एटीएस भी पहुंची
आतंकी गाड़ियों की फर्जी आरसी और नंबरों का प्रयोग करते थे। दो मामलों में इसकी पुष्टि हुई है। हरियाणा के यमुनानगर और पानीपत की आरसी निकली। दूसरी ओर डीजीपी बोले कि आतंकी घटनाओं को रोकने के लिए विशेष कार्य योजना तैयार की है।
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हरियाणाक के करनाल में बसताड़ा टोल प्लाजा से पकड़े गए चारों आतंकवादियों से मंगलवार को सीआईडी हरियाणा के एडीजीपी आलोक मित्तल ने कई घंटे तक पूछताछ की। वह दोपहर करीब दो बजे करनाल सीआईए वन कार्यालय में पहुंच गए थे।
इसके बाद बारी-बारी से चारों आतंकियों से पूछताछ की, जो देर शाम तक चली। वहीं उत्तर प्रदेश से एटीएस की एक टीम भी करनाल पहुंची है, उसने भी आतंकियों से गहनता से पूछताछ की, जबकि एटीएस मुंबई, इंटेलिजेंस तेलंगाना की टीम लगातार पूछताछ कर रही है।
सूत्रों के अनुसार पूछताछ और जांच में सामने आया है कि आतंकी गाड़ियां की फर्जी आरसी और नंबर का प्रयोग करते थे। सामने आया है कि आतंकियों ने दो गाड़ियों की फर्जी नंबर प्लेट और आरसी का प्रयोग किया है। ये आरसी हरियाणा के यमुनानगर और पानीपत जिले की है। पुलिस की टीम उन व्यक्तियों से भी पूछताछ करेगी, जिनके नाम पर फर्जी आरसी का प्रयोग किया गया है।
दूसरी ओर मधुबन पुलिस अकादमी पहुंचे डीजीपी प्रशांत कुमार ने कहा कि आतंकवादी घटनाओं को रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने विशेष कार्य योजना तैयार की है। इसके लिए प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि आतंकी घटनाओं को लेकर हम आसपास के राज्यों के साथ निरंतर संपर्क में हैं।
करनाल और मोहाली में हुई घटनाओं को देखते हुए अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने कहा कि करनाल में धरे गए आतंकियोें के मामले में अभी बहुत कुछ वेरीफाई किया जाना है। जांच के बाद जो भी लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे उसे उजागर किया जाएगा।