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Karnal News: पांच साल से कंडम घोषित भवन में पढ़ रहे बच्चे, जिम्मेदारों को हादसे का इंतजार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Aug 2025 01:07 AM IST
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Children are studying in a building declared condemned for five years, the authorities are waiting for an accident
मूनक के कन्या उच्च विद्यालय में पेड़ के निचे पढ़ती छात्राएं।
मूनक (करनाल)। राजकीय कन्या उच्च विद्यालय मूनक में सभी सेक्शन मिलाकर 10 कक्षाएं हैं लेकिन भवन में महज 7 ही कमरे हैं। ये भी 5 साल पहले कंडम घोषित हो चुके हैं। छत से प्लास्टर गिर गया है और सरिये दिख रहे हैं। दीवारों में मोटी दारारें पड़ गई हैं। कंडम भवन में 7 कक्षाएं और तीन कक्षाएं खुले में पेड़ के नीचे लगती हैं। कंडम घोषित भवन में बच्चें पढ़ते हैं, लेकिन न भवन की मरम्मत की जा रही है न दूसरी जगह भवन बनवाया जा रहा है।
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करीब 60 साल पुराना स्कूल का भवन गांव की गली और मुख्य सड़क से भी चार फीट नीचे हो गया है। ऐसे में बरसात होने पर सड़क पर जमा पानी स्कूल में भर जाता है। बच्चे कमरों के आगे ईंटें लगाकर पानी भरने से रोकने की कोशिश करते हैं।
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भवन कंडम घोषित किए जाने के बाद भी इसकी मरम्मत नहीं हुई है लेकिन इस बीच प्रदेश सरकार की ओर से स्कूल को 12वीं तक अपग्रेड किया जा चुका है। हालांकि भवन की हालत और कमरों की कमी के कारण 11वीं और 12वीं की कक्षाएं शुरू नहीं हो पाई हैं। कुछ ग्रामीण आगे की पढ़ाई के लिए बेटियों को दूसरे गांव या शहर नहीं भेजते। ऐसे में 10वीं की पढ़ाई के बाद बेटियां घर बैठने के लिए मजबूर हैं। स्कूल के लिए 10 नए कमरों की जरूरत है।
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अंग्रेजी और कला के शिक्षक नहीं

विद्यालय में कक्षा 6 से 10वीं तक 365 छात्राएं हैं। कभी यह आंकड़ा 500 के आसपास था। अब हालात खराब होने के कारण विद्यार्थियों की संख्या घट गई है। विद्यालय में वर्तमान में 18 शिक्षक हैं। अंग्रेजी और कला के शिक्षक का पद खाली है। चौकीदार का पद भी रिक्त है। सफाईकर्मी की तैनाती नहीं है। लड़कियों के लिए खेल का मैदान भी नहीं है।



सीएम और विधायक को दे चुके मांगपत्र

ग्रामीणों ने अलग जगह देकर नया स्कूल भवन बनाने की मांग की है ताकि 12वीं तक की पढ़ाई हो सके। उन्होंने असंध विधायक के अलावा मुख्यमंत्री को भी मांगपत्र दिया हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि 60 साल पहले स्कूल भवन बनाया था। शुरुआत में यहां लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग प्राथमिक पाठशाला हुआ करती थीं। इसके बाद लड़कों के स्कूल को शिफ्ट कर दिया गया। यह लड़कियों का ही संपूर्ण विद्यालय हो गया।



हम जमीन देने के लिए तैयार : सरपंच

सरपंच फूल कुमारी का कहना है कि पंचायत स्कूल के लिए तीन एकड़ जमीन देने के लिए तैयार है। सरकार कभी भी वहां स्कूल का निर्माण कर सकती है। इसके बारे में कई बार विभाग को पंचायत की ओर से सूचित किया जा चुका है। लेकिन अधिकारियों की ओर से काम शुरू नहीं किया गया। बेटियों की उच्च शिक्षा की व्यवस्था यहीं होनी चाहिए।



रिपोर्ट कार्ड
भवन बना - 1965

कंडम घोषित - 2020

छात्र संख्या - 365

शिक्षक - 18

कमरों की जरूरत - 10

कंडम कमरे - 07

शिक्षा अधिकारियों को स्कूल के हालात पर रिपोर्ट दी हुई है। अधिकारियों ने इसे लेकर निरीक्षण भी किया था लेकिन हुआ कुछ नहीं। स्कूल के भवन को काफी समय पहले कंडम घोषित किया जा चुका है। - नवीन कौशिक, प्रिंसिपल, राजकीय कन्या हाईस्कूल मूनक


स्कूल के नए भवन का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। जिन स्कूलों के भवन कंडम हैं, उन्हें नए सिरे से सर्वे कराकर चिह्नित किया जा रहा है। मूनक के विद्यालय के भवन की स्थिति को चेक कर लिया जाएगा। - सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी
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