{"_id":"668f3aae442eb6d3db0a0685","slug":"chadunis-samyukta-sangharsh-party-will-contest-elections-on-all-the-assembly-seats-of-haryana-karnal-news-c-18-knl1008-427558-2024-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: हरियाणा की सभी विस सीटों पर चुनाव लड़ेगी चढ़ूनी की संयुक्त संघर्ष पार्टी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: हरियाणा की सभी विस सीटों पर चुनाव लड़ेगी चढ़ूनी की संयुक्त संघर्ष पार्टी
विज्ञापन
- भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी पेहवा विधान सभा सीट से लड़ेंगे चुनाव
- भाकियू नेता ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा की राजधानी, हाई कोर्ट बनाने की रखी मांग
- हरियाणा बनाओ अभियान का किया समर्थन, करनाल मेंं की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाकियू (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा बनाओ अभियान को अपना समर्थन देते हुए कुरुक्षेत्र में हरियाणा की राजधानी और हाईकोर्ट बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अपनी संयुक्त संघर्ष पार्टी से हरियाणा के सभी 90 विधान सभा क्षेत्रों से प्रत्याशी लड़ाने की बात कही। उन्होंने खुद पेहवा विधान सभा सीट से चुनाव लड़ने का एलान किया।
पंजाब एवं हरियाणा चंडीगढ़ बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट रणधीर सिंह बधरान व भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़नी ने संयुक्त रूप से शहर के गोल्डन मूमेंट्स में प्रेस क़ॉन्फ्रेंस की। जिसमें एडवोकेट बधरान ने हरियाणा में अपनी राजधानी व हाईकोर्ट न होने से लोगों को होने वाली परेशानी व नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जहां तक राजधानी बनने का मामला है, जिसमें सरकार एक्सपर्ट कमेटी बनाए। जो सुविधाओं को लेकर रिपोर्ट दे।
चंडीगढ़ में अभी अस्थायी व्यवस्था है, किराए के भवनों में कार्यालय चल रहे हैं। अब 52 साल हो गए हरियाणा को बने, अब तक अलग राजधानी व हाईकोर्ट बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का समर्थन पत्र सरकार को दिया जा चुका है। शीघ्र ही सभी 10 सांसदों से मिलकर इस पर समर्थन लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों से भी सहमति ली जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनकी संयुक्त संघर्ष पार्टी, हरियाणा विधान सभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह स्वयं पेहवा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कुरुक्षेत्र सीट को भाकियू को देने को कहा था लेकिन बाद में वह मुकर गए।
शंभू बॉर्डर को खाली करने के आदेश का स्वागत
इसके साथ ही उन्होंने एक सप्ताह में शंभू बॉर्डर को खाली करने के न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को बैरिकेड हटा लेने चाहिए। रास्ता तो सरकार ने ही बंद किया हुआ है। जहां तक किसानों की बात है तो उनसे बात करके एक रास्ते पर बैठने की बात कर लें, रास्ता बंद होने से तो भारी नुकसान हो ही रहा है।
विज्ञापन
- भाकियू नेता ने कुरुक्षेत्र में हरियाणा की राजधानी, हाई कोर्ट बनाने की रखी मांग
- हरियाणा बनाओ अभियान का किया समर्थन, करनाल मेंं की साझा प्रेस कॉन्फ्रेंस
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। भाकियू (चढ़ूनी) के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी ने हरियाणा बनाओ अभियान को अपना समर्थन देते हुए कुरुक्षेत्र में हरियाणा की राजधानी और हाईकोर्ट बनाने की मांग की। साथ ही उन्होंने अपनी संयुक्त संघर्ष पार्टी से हरियाणा के सभी 90 विधान सभा क्षेत्रों से प्रत्याशी लड़ाने की बात कही। उन्होंने खुद पेहवा विधान सभा सीट से चुनाव लड़ने का एलान किया।
पंजाब एवं हरियाणा चंडीगढ़ बार काउंसिल के पूर्व चेयरमैन एडवोकेट रणधीर सिंह बधरान व भाकियू नेता गुरनाम सिंह चढ़नी ने संयुक्त रूप से शहर के गोल्डन मूमेंट्स में प्रेस क़ॉन्फ्रेंस की। जिसमें एडवोकेट बधरान ने हरियाणा में अपनी राजधानी व हाईकोर्ट न होने से लोगों को होने वाली परेशानी व नुकसान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि जहां तक राजधानी बनने का मामला है, जिसमें सरकार एक्सपर्ट कमेटी बनाए। जो सुविधाओं को लेकर रिपोर्ट दे।
विज्ञापन
चंडीगढ़ में अभी अस्थायी व्यवस्था है, किराए के भवनों में कार्यालय चल रहे हैं। अब 52 साल हो गए हरियाणा को बने, अब तक अलग राजधानी व हाईकोर्ट बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि बार एसोसिएशन का समर्थन पत्र सरकार को दिया जा चुका है। शीघ्र ही सभी 10 सांसदों से मिलकर इस पर समर्थन लिया जाएगा। ग्राम पंचायतों से भी सहमति ली जा रही है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि उनकी संयुक्त संघर्ष पार्टी, हरियाणा विधान सभा की सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वह स्वयं पेहवा सीट से चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कांग्रेस पर धोखा देने का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा ने कुरुक्षेत्र सीट को भाकियू को देने को कहा था लेकिन बाद में वह मुकर गए।
शंभू बॉर्डर को खाली करने के आदेश का स्वागत
इसके साथ ही उन्होंने एक सप्ताह में शंभू बॉर्डर को खाली करने के न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार को बैरिकेड हटा लेने चाहिए। रास्ता तो सरकार ने ही बंद किया हुआ है। जहां तक किसानों की बात है तो उनसे बात करके एक रास्ते पर बैठने की बात कर लें, रास्ता बंद होने से तो भारी नुकसान हो ही रहा है।