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Karnal News: जीटी रोड पर टूटे डिवाइडर और झुके संकेतक, हादसों का खतरा
Mon, 08 Dec 2025 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 08 Dec 2025 12:22 AM IST
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करनाल। जीटी रोड से गुजरने वाले लाखों वाहन चालकों की सुरक्षा की अनदेखी की जा रही है। आईटीआई चौक से बलड़ी बाइपास तक सड़क की हालत खराब है। मयूर ढाबे के पास जीटी रोड की सबसे खतरनाक स्थिति देखने को मिलती है। यहां लोगों ने डिवाइडर तोड़कर अवैध रास्ता बना दिया है, जबकि इसी स्थान के समीप ऊपरगामी पुल (फ्लाईओवर) मौजूद है जो सुरक्षित आवागमन के लिए बनाया गया था। कुछ वाहन चालक समय बचाने और यू-टर्न से बचने के लिए इस अवैध रास्ते का इस्तेमाल करते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के बीच अचानक कट मारकर सड़क पार करने की कोशिश दुर्घटना का बड़ा कारण बन रही है। कई बार बाइक और कार की टक्कर से हादसे भी सामने आ चुके हैं।
आईटीआई चौक पर झुका संकेतक
आईटीआई चौक के पास लगा बड़ा संकेतक कई हफ्तों से झुका पड़ा है। संकेतक का एक हिस्सा हवा और भारी वाहनों की गति से और नीचे की ओर खिंच चुका है। अगर तेज रफ्तार ट्रक या बस इसके पास से गुजरते समय थोड़ा इसे छू जाए तो संकेतक गिर सकता है। यह शहर का व्यस्ततम चौक है। जहां से रोज हजारों वाहन गुजरते हैं। फिर भी संबंधित एजेंसी संकेतक को दुरुस्त करने में कोई रुचि नहीं दिखा रही। कर्ण लेक पर्यटन क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क पर सफेद लेन मार्किंग लगभग मिट चुकी है। रात के समय लेन दिखाई न देने की वजह से कई वाहन अनियंत्रित होकर इधर-उधर बहक जाते हैं। यह इलाका शाम को भीड़भाड़ वाला रहता है लेकिन दृश्यता कम होने पर वाहन चालकों के लिए सड़क पर अपनी दिशा बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। लेन मार्किंग यातायात अनुशासन की बुनियादी आवश्यकता है, लेकिन यहां इसकी परवाह किसी को नहीं।
बलड़ी बाइपास तक टूटी रेलिंग
आईटीआई चौक से बलड़ी बाइपास तक सड़क के बीच लगी रेलिंग कई स्थानों पर टूटी पड़ी है। कहीं लोहे की पट्टियां उखड़ी हैं, तो कहीं रेलिंग पूरी तरह गायब है। इन टूटे हिस्सों से लोग मनमाने तरीके से सड़क पार कर रहे हैं, जिससे हाईवे जैसी तेज रफ्तार सड़क पर हर पल टक्कर का खतरा बना रहता है। टूटी रेलिंग के कारण कई दोपहिया वाहन भी यू-टर्न बचाने के लिए बीच सड़क से गलत दिशा में घुस जाते हैं। यह न केवल ट्रैफिक को बाधित करता है, बल्कि आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ भी है।
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आईटीआई चौक पर झुका संकेतक
आईटीआई चौक के पास लगा बड़ा संकेतक कई हफ्तों से झुका पड़ा है। संकेतक का एक हिस्सा हवा और भारी वाहनों की गति से और नीचे की ओर खिंच चुका है। अगर तेज रफ्तार ट्रक या बस इसके पास से गुजरते समय थोड़ा इसे छू जाए तो संकेतक गिर सकता है। यह शहर का व्यस्ततम चौक है। जहां से रोज हजारों वाहन गुजरते हैं। फिर भी संबंधित एजेंसी संकेतक को दुरुस्त करने में कोई रुचि नहीं दिखा रही। कर्ण लेक पर्यटन क्षेत्र से गुजरने वाली सड़क पर सफेद लेन मार्किंग लगभग मिट चुकी है। रात के समय लेन दिखाई न देने की वजह से कई वाहन अनियंत्रित होकर इधर-उधर बहक जाते हैं। यह इलाका शाम को भीड़भाड़ वाला रहता है लेकिन दृश्यता कम होने पर वाहन चालकों के लिए सड़क पर अपनी दिशा बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। लेन मार्किंग यातायात अनुशासन की बुनियादी आवश्यकता है, लेकिन यहां इसकी परवाह किसी को नहीं।
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बलड़ी बाइपास तक टूटी रेलिंग
आईटीआई चौक से बलड़ी बाइपास तक सड़क के बीच लगी रेलिंग कई स्थानों पर टूटी पड़ी है। कहीं लोहे की पट्टियां उखड़ी हैं, तो कहीं रेलिंग पूरी तरह गायब है। इन टूटे हिस्सों से लोग मनमाने तरीके से सड़क पार कर रहे हैं, जिससे हाईवे जैसी तेज रफ्तार सड़क पर हर पल टक्कर का खतरा बना रहता है। टूटी रेलिंग के कारण कई दोपहिया वाहन भी यू-टर्न बचाने के लिए बीच सड़क से गलत दिशा में घुस जाते हैं। यह न केवल ट्रैफिक को बाधित करता है, बल्कि आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ भी है।
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