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Karnal News: सांसों पर संकट... हर शहरवासी रोजाना नौ सिगरेट के बराबर झेल रहा प्रदूषण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 01:05 AM IST
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Breathing crisis... Every city dweller is facing pollution equivalent to nine cigarettes a day
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। दिवाली पर हुई आतिशबाजी के कारण बढ़ा वायु प्रदूषण लोगों के लिए परेशानी बन गया है। बुधवार सुबह का एक्यूआई 336 तक पहुंच गया जो कि बहुत खराब श्रेणी में आता है। फेफड़े रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप के अनुसार, शहर की हवा इस समय इतनी खराब हो चुकी है कि हर शहरवासी के फेफड़ों में रोजाना लगभग नौ सिगरेट पीने के बराबर प्रदूषण भर रहा है।
आंकड़ों के अनुसार, शहर में पीएम 2.5 का स्तर 241 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज किया गया है। जबकि पीएम 10 का स्तर 291 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक आंका गया। सामान्य तौर पर पीएम 2.5 का स्तर 60 और पीएम 10 का स्तर 100 तक सुरक्षित माना जाता है लेकिन मौजूदा स्थिति इनसे चार गुना ज्यादा है। हालांकि औसत एक्यूआई 243 दर्ज किया गया। अब आशंका जताई जा रही है कि दिवाली के बाद शहर की हवा की स्थिति और खराब हो सकती है। पटाखों से निकलने वाला धुआं, साथ ही ठंड की शुरुआत के साथ हवा का ठहराव, प्रदूषक तत्वों को वातावरण में फंसा देता है।
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पर्यावरण विभाग के स्थानीय निगरानी केंद्रों के अनुसार अंसल और सेक्टर-28 का क्षेत्र शहर का सबसे ज्यादा प्रदूषित इलाका बन गया है। यहां सुबह के समय दृश्यता भी कम रही। हवा में धूल, वाहन का धुआं और आस-पास चल रहे निर्माण कार्यों का असर स्पष्ट दिखाई दे रहा है। हालांकि एनसीआर एरिया में ग्रेप- 2 लागू होने के बाद प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से संबंधित विभाग अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
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फेफड़े, हृदय और मस्तिष्क के लिए खतरनाक
पल्मोनोलॉजिस्ट (फेफड़े रोग विशेषज्ञ) डॉ. प्रदीप के अनुसार इतने उच्च स्तर का पीएम 2.5 लंबे समय तक सांस में जाने से फेफड़ों, हृदय और मस्तिष्क पर गंभीर असर डाल सकता है। उन्होंने बताया कि जब पीएम 2.5 का स्तर 200 से ऊपर चला जाता है तो यह एक व्यक्ति द्वारा एक दिन में लगभग 8–10 सिगरेट पीने के बराबर प्रदूषण शरीर में पहुंचाता है। इससे अस्थमा, खांसी, गले में खराश और आंखों में जलन जैसी शिकायत तेजी से बढ़ रही हैं।

धूल के कण नियंत्रित करने उतरेगी निगम की टीम
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अनावश्यक वाहन का प्रयोग करने से बचें, निर्माण सामग्री को ढककर रखें और कूड़ा या पत्तियां न जलाएं। निगम ने शहर में एंटी-स्मॉग गन और वाटर स्प्रिंकलर वाहनों को सक्रिय करने की योजना बनाई है ताकि धूल को नियंत्रित किया जा सके। सुबह या शाम सैर पर न जाएं। एन-95 मास्क का प्रयोग करें। बच्चों, बुजुर्गों और हृदय या फेफड़े के रोगियों को घर के अंदर रहना चाहिए।

नगर निगम को पानी के छिड़काव करवाने के निर्देश दिए गए हैं। शहर की सड़कों से धूल और सफाई करने वाली मशीन चलाने के बाद पानी का भी छिड़काव करना होगा। सीएंडडी वेस्ट को उठाने के लिए कहा गया है। रेत, बजरी आदि जैसे सामान को ढकवाने के निर्देश जारी किए गए हैं। शहरवासियों को भी हिदायत है कि प्रदूषण स्तर को देखते हुए सावधानी बरतें।
- कंवलजीत, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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