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भाकियू ने सभी पार्टियों को नकारा, दबाएंगे नोटा
करनाल
Updated Mon, 07 Apr 2014 12:37 AM IST
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किसानों के बुनियादी मुद्दों की लोकसभा चुनाव में सीधेेे-सीधे अनदेखी के
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चलते रविवार को जाट भवन में किसान पंचायत का आयोजन किया गया। भाकियू के
जिलाध्यक्ष बाबू राम बड़थल ने कहा कि सभी राजनीतिक दलों के प्रचार व
एजेंडों में भारतीयों किसानों व मजदूरों की समस्याएं शामिल नहीं है।
जिसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों की अनदेखी किया जाना भविष्य में किसानों के लिए अच्छे संकेत नहीं है। भारतीय किसान यूनियन ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस बारे में कदम उठाते हुए खासतौर पर उत्तरी हरियाणा के किसानों को अपनी मांगों के समर्थन में मतदान करने वाली मशीन में लगाए गए नोटा का बटन दबाने का ऐलान किया है। भाकियू ने इस पंचायत में सभी प्रत्याशियों को नकारने का निर्णय लिया है। इस दौरान किसानों ने सभी दलों के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसी भी दल ने किसानों की मांगों को लेकर कोई तवज्जो नहीं दी और न ही किसानों के उत्थान के लिए किसी प्रकार के ठोस कदम उठाए जाने की घोषणा की है। मजदूर और किसानों को कर्ज मुक्त किए जाने के साथ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की लगातार मांग की जा रही है। किसानों के कर्ज माफी का ढिंढोरा पीट कर अपनी पीठ थपथपा रही कांग्रेस सरकार यह बताए कि जिन किसानों के कर्जे माफ किए गए, उनमें उत्तरी हरियाणा के किसान मजदूर के कितने नाम शामिल हैं।
मान ने भाजपा सहित सभी दलों के प्रत्याशियों को नकारते हुए किसानों को नोटा का बटन दबाने का भी आह्वान किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसी दल ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की पहल नहीं की है। इसे लेकर किसानों में रोष है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने को लेकर हरियाणा में भाजपा का प्रदर्शन भी नाटक साबित हो रहा है।
इसलिए किसानों ने इस बार नोटा का बटन दबा कर अपनी मांगों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर भाकियू जिला संरक्षक महताब कादियान, प्रेमचंद शाहपुर, श्याम सिंह मान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, संजीव आलम पुर, यशपाल राणा, बलवान बदरान,पाल सिंह महमूद पुर, सतीश कलसोरा, नेकी राम गढ़ीबीरबल, धनेतर राणा, जोगिंद्र सिंह झींडा, बाबूराम डाबरथला, सतपाल बड़थल, सुमित चौपड़ा, सतबीर मढ़ाण, बबलू सुहाना, राजेंद्र सांगवान, सुखपाल कुलतारन सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसान पंचायत में अधिक से अधिक मतदान का भी आह्वान किया गया। यूनियन के रोहतक मंडल के महासचिव श्याम सिंह मान ने कहा कि लोगों को घरों में बैठक कर प्रत्याशियों का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि मतदान के दिन नोटा का बटन दबा कर अपना नजरिया प्रस्तुत करना चाहिए। नोटा का बटन दबा कर मतदाता सभी प्रत्याशियों के विरोध में मतदान कर सकते हैं। यह सुविधा अबकी बार चुनाव आयोग की ओर से मुहैया करवाई गई है।
जिसको लेकर किसानों में रोष है। किसानों की अनदेखी किया जाना भविष्य में किसानों के लिए अच्छे संकेत नहीं है। भारतीय किसान यूनियन ने चुनाव प्रक्रिया के दौरान इस बारे में कदम उठाते हुए खासतौर पर उत्तरी हरियाणा के किसानों को अपनी मांगों के समर्थन में मतदान करने वाली मशीन में लगाए गए नोटा का बटन दबाने का ऐलान किया है। भाकियू ने इस पंचायत में सभी प्रत्याशियों को नकारने का निर्णय लिया है। इस दौरान किसानों ने सभी दलों के नेताओं के खिलाफ नारेबाजी की।
भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रतनमान ने कहा कि किसी भी दल ने किसानों की मांगों को लेकर कोई तवज्जो नहीं दी और न ही किसानों के उत्थान के लिए किसी प्रकार के ठोस कदम उठाए जाने की घोषणा की है। मजदूर और किसानों को कर्ज मुक्त किए जाने के साथ स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की लगातार मांग की जा रही है। किसानों के कर्ज माफी का ढिंढोरा पीट कर अपनी पीठ थपथपा रही कांग्रेस सरकार यह बताए कि जिन किसानों के कर्जे माफ किए गए, उनमें उत्तरी हरियाणा के किसान मजदूर के कितने नाम शामिल हैं।
मान ने भाजपा सहित सभी दलों के प्रत्याशियों को नकारते हुए किसानों को नोटा का बटन दबाने का भी आह्वान किया। किसान नेताओं ने कहा कि किसी दल ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की पहल नहीं की है। इसे लेकर किसानों में रोष है। स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करवाने को लेकर हरियाणा में भाजपा का प्रदर्शन भी नाटक साबित हो रहा है।
इसलिए किसानों ने इस बार नोटा का बटन दबा कर अपनी मांगों का समर्थन करने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर भाकियू जिला संरक्षक महताब कादियान, प्रेमचंद शाहपुर, श्याम सिंह मान, जिला प्रवक्ता सुरेंद्र सांगवान, संजीव आलम पुर, यशपाल राणा, बलवान बदरान,पाल सिंह महमूद पुर, सतीश कलसोरा, नेकी राम गढ़ीबीरबल, धनेतर राणा, जोगिंद्र सिंह झींडा, बाबूराम डाबरथला, सतपाल बड़थल, सुमित चौपड़ा, सतबीर मढ़ाण, बबलू सुहाना, राजेंद्र सांगवान, सुखपाल कुलतारन सहित काफी संख्या में किसान मौजूद रहे।
किसान पंचायत में अधिक से अधिक मतदान का भी आह्वान किया गया। यूनियन के रोहतक मंडल के महासचिव श्याम सिंह मान ने कहा कि लोगों को घरों में बैठक कर प्रत्याशियों का विरोध नहीं करना चाहिए, बल्कि मतदान के दिन नोटा का बटन दबा कर अपना नजरिया प्रस्तुत करना चाहिए। नोटा का बटन दबा कर मतदाता सभी प्रत्याशियों के विरोध में मतदान कर सकते हैं। यह सुविधा अबकी बार चुनाव आयोग की ओर से मुहैया करवाई गई है।