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सुंदरकांड पाठ से खुश होते हैं बजरंगबली : देवी सुदीक्षा
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श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से अन्नपूर्णा आश्रम में सुंदरकांड पाठ व श्रीराम कथा का आयोजन
संवाद न्यूज एजेसी
करनाल। श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से अन्नपूर्णा आश्रम में श्री हनुमान प्रकटोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय सुंदरकांड पाठ व श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देवी सुदीक्षा सरस्वती रामायणी ने कहा कि सुंदरकांड पाठ करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा सभी पर बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि सुंदरकांड पाठ से व्यक्ति को अपनी जीवन में चल रही सभी समस्याओं का हल मिल जाता है। हनुमान जी की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड के पाठ से हनुमत कृपा शीघ्र ही बरसती है। सुश्री देवी सुदीक्षा सरस्वती रामायणी ने बताया कि श्री सुन्दरकांड सात भागों मे श्री हनुमान जी को श्री राम का परममित्र बताया और कहा कि श्री हनुमान ने भगवान श्रीराम से मित्रता निभाते हुए उनके मन मे अपना स्थान बनाया।
उन्होने बताया कि रामकथा न केवल भगवान व भक्त के पवित्र रिश्ते जोड़ती है, बल्कि भगवान श्रीराम जी के जीवन के प्रत्येक प्रसंग रिश्ते व संयम की प्रेरणा देती है। रामकथा रिश्तों को जोडऩे का सुगम रास्ता है। उन्होंने बताया कि जो इंसान प्रतिदिन श्री सुंदरकांड का पाठ करता है उससे दुख द्ररिता कोसो दूर रहती है। यहां श्री राम कथा होती है वहां किसी ना किसी रूप मे श्री हनुमान विराजमान होते है। समिति के सरंक्षक लाला साधुराम सिंगला, संजय सिंगला, बालकृष्ण त्रिपाठी व अध्यक्ष अमन शर्मा समेत कई गणमान्य लोगों ने ज्योति प्रचंड कर कार्यक्रम की शुरूआत की। सुशांत सागर एवं रिंकु चुघ द्वारा भगवान श्रीराम जी के भजनों का गुणगान किया गया।
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संवाद न्यूज एजेसी
करनाल। श्री हनुमान सेवा समिति की ओर से अन्नपूर्णा आश्रम में श्री हनुमान प्रकटोत्सव के अवसर पर तीन दिवसीय सुंदरकांड पाठ व श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें देवी सुदीक्षा सरस्वती रामायणी ने कहा कि सुंदरकांड पाठ करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं और उनकी कृपा सभी पर बनी रहती है।
उन्होंने कहा कि सुंदरकांड पाठ से व्यक्ति को अपनी जीवन में चल रही सभी समस्याओं का हल मिल जाता है। हनुमान जी की कृपा से घर-परिवार में सुख-समृद्धि और शांति का वास होता है। उन्होंने कहा कि सुंदरकांड के पाठ से हनुमत कृपा शीघ्र ही बरसती है। सुश्री देवी सुदीक्षा सरस्वती रामायणी ने बताया कि श्री सुन्दरकांड सात भागों मे श्री हनुमान जी को श्री राम का परममित्र बताया और कहा कि श्री हनुमान ने भगवान श्रीराम से मित्रता निभाते हुए उनके मन मे अपना स्थान बनाया।
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उन्होने बताया कि रामकथा न केवल भगवान व भक्त के पवित्र रिश्ते जोड़ती है, बल्कि भगवान श्रीराम जी के जीवन के प्रत्येक प्रसंग रिश्ते व संयम की प्रेरणा देती है। रामकथा रिश्तों को जोडऩे का सुगम रास्ता है। उन्होंने बताया कि जो इंसान प्रतिदिन श्री सुंदरकांड का पाठ करता है उससे दुख द्ररिता कोसो दूर रहती है। यहां श्री राम कथा होती है वहां किसी ना किसी रूप मे श्री हनुमान विराजमान होते है। समिति के सरंक्षक लाला साधुराम सिंगला, संजय सिंगला, बालकृष्ण त्रिपाठी व अध्यक्ष अमन शर्मा समेत कई गणमान्य लोगों ने ज्योति प्रचंड कर कार्यक्रम की शुरूआत की। सुशांत सागर एवं रिंकु चुघ द्वारा भगवान श्रीराम जी के भजनों का गुणगान किया गया।
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