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Karnal News: सार्वजनिक सेवाएं बचाने के लिए आंदोलन करने का एलान
Mon, 27 Oct 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 27 Oct 2025 12:50 AM IST
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। आंबेडकर भवन में चल रहे सीटू के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने कई मुद्दे उठाए और सरकार से उनका समाधान मांगा। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि न्यूनतम वेतन को जल्द से जल्द रिवाइज करके 30 हजार रुपए प्रति मासिक न्यूनतम वेतन घोषित किए जाने की मांग की। आने वाले दिनों में सार्वजनिक जन सेवाओं को शिक्षा-स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य सेवाओं को बचाने के लिए संयुक्त आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।
15वें राज्य सम्मेलन में सीटू की राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु, प्रदेश महासचिव जयभगवान ने संबोधित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश की भाजपा सरकार के दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ मजदूरों के लंबे साहसिक आंदोलन हुए हैं। तीसरी बार सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा ने मजदूरों को से किए गए वादों को पूरा करना तो दूर पहले से मिल रही सुविधाओं को ही छिनने का काम किया है। न्यूनतम वेतन को जल्द से जल्द रिवाइज करके 30 हजार रुपए प्रति मासिक न्यूनतम वेतन घोषित किया जाना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव नरेश कुमार ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को कौशल निगम के माध्यम से नए तरह की गुलामी थोप दी गई है।
सम्मेलन में मजदूर विरोधी चारो लेबर कोड को रद्द कर करने और बाढ़ प्रभावित मजदूर किसानों के लिए संपूर्ण मुआवजा देने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। आज सम्मेलन को जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव उषा सरोहा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वजीर सिंह, नगर पालिका कर्मचारी संघ के मांगेराम तिगरा, टूरिज्म कर्मचारी संघ के कश्मीर सिंह, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन हरियाणा के प्रांतीय महासचिव जरनैल सिंह, हिंसा के प्रांतीय नेता संदीप सांगवान ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
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करनाल। आंबेडकर भवन में चल रहे सीटू के तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन के दूसरे दिन कर्मचारी और मजदूर नेताओं ने कई मुद्दे उठाए और सरकार से उनका समाधान मांगा। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित करते हुए कहा गया कि न्यूनतम वेतन को जल्द से जल्द रिवाइज करके 30 हजार रुपए प्रति मासिक न्यूनतम वेतन घोषित किए जाने की मांग की। आने वाले दिनों में सार्वजनिक जन सेवाओं को शिक्षा-स्वास्थ्य, जन स्वास्थ्य सेवाओं को बचाने के लिए संयुक्त आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया।
15वें राज्य सम्मेलन में सीटू की राष्ट्रीय सचिव एआर सिंधु, प्रदेश महासचिव जयभगवान ने संबोधित किया। दोनों नेताओं ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में प्रदेश की भाजपा सरकार के दमनकारी और तानाशाहीपूर्ण रवैये के खिलाफ मजदूरों के लंबे साहसिक आंदोलन हुए हैं। तीसरी बार सत्ता हासिल करने के बाद भाजपा ने मजदूरों को से किए गए वादों को पूरा करना तो दूर पहले से मिल रही सुविधाओं को ही छिनने का काम किया है। न्यूनतम वेतन को जल्द से जल्द रिवाइज करके 30 हजार रुपए प्रति मासिक न्यूनतम वेतन घोषित किया जाना चाहिए। सर्व कर्मचारी संघ के प्रदेश महासचिव नरेश कुमार ने कहा कि प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों को कौशल निगम के माध्यम से नए तरह की गुलामी थोप दी गई है।
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सम्मेलन में मजदूर विरोधी चारो लेबर कोड को रद्द कर करने और बाढ़ प्रभावित मजदूर किसानों के लिए संपूर्ण मुआवजा देने के प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। आज सम्मेलन को जनवादी महिला समिति की प्रदेश महासचिव उषा सरोहा, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष वजीर सिंह, नगर पालिका कर्मचारी संघ के मांगेराम तिगरा, टूरिज्म कर्मचारी संघ के कश्मीर सिंह, मैकेनिकल वर्कर्स यूनियन हरियाणा के प्रांतीय महासचिव जरनैल सिंह, हिंसा के प्रांतीय नेता संदीप सांगवान ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।
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