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Karnal News: हथवाला गांव में 16 हजार पेड़ काटने का आरोप
Mon, 06 Oct 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Mon, 06 Oct 2025 01:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
समालखा। हथवाला गांव में 16 हजार पेड़ काटने का मामला सामने आया है। एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सरंपच और पंचायत अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत एसीबी और सीबीआई को दी है। ग्राम पंचायत ने आरोपों को निराधार बताया है।
हथवाला गांव के मनोज ने शिकायत में आरोप लगाया कि गांव की जमीन में करीब 70-100 पेड़ खड़े थे। इनको गांव के सरपंच व पंचायत अधिकारी समालखा ने कटवा कर बेच दिया। जिसकी वन विभाग से कीमत नहीं लगवाई और न ही नीलामी की सूचना दी। पेड़ काटने की अनुमति भी नहीं ली। वहीं गांव के फिराेजपुर रक्बे में 66 एकड़ जमीन गोचरांद की है। यहां 66 में से 22 एकड़ में सफेदे के 22 हजार पेड़ की 17 जनवरी काे नीलामी कर दी। अधिकारियों ने फिराेजपुर रकबे में वन विभाग द्वारा चिह्नित पेड़ की बाेली के बारे में लिखा था।
वन विभाग से आरटीआई से जानकारी ली जिसमें सरपंच के पत्र 19 फरवरी 2024 और वन विभाग के पत्र 10 अप्रैल 2024 के अनुसार खुलासा हुआ। चिह्नित पेड़ छह-सात एकड़ में थे। जिनकी संख्या 5899 थी। रिकॉर्ड के अनुसार इनकी ही बाेली हाेनी थी। वन विभाग ने इन पेड़ाें की कीमत करीब 11.95 लाख रुपये लगाई थी। सरपंच के पिता कृष्ण ने आराेप बेबुनियाद बताए हैं। उन्हाेंने बताया कि कि 5899 पेड़ाें की वन विभाग से कीमत लगवाई थी। अधिकारियाें के निर्देश पर पेड़ाें काे 22.50 लाख रुपये में बेचा था।
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समालखा। हथवाला गांव में 16 हजार पेड़ काटने का मामला सामने आया है। एक ग्रामीण ने ग्राम पंचायत सरंपच और पंचायत अधिकारी पर आरोप लगाए हैं। इसकी शिकायत एसीबी और सीबीआई को दी है। ग्राम पंचायत ने आरोपों को निराधार बताया है।
हथवाला गांव के मनोज ने शिकायत में आरोप लगाया कि गांव की जमीन में करीब 70-100 पेड़ खड़े थे। इनको गांव के सरपंच व पंचायत अधिकारी समालखा ने कटवा कर बेच दिया। जिसकी वन विभाग से कीमत नहीं लगवाई और न ही नीलामी की सूचना दी। पेड़ काटने की अनुमति भी नहीं ली। वहीं गांव के फिराेजपुर रक्बे में 66 एकड़ जमीन गोचरांद की है। यहां 66 में से 22 एकड़ में सफेदे के 22 हजार पेड़ की 17 जनवरी काे नीलामी कर दी। अधिकारियों ने फिराेजपुर रकबे में वन विभाग द्वारा चिह्नित पेड़ की बाेली के बारे में लिखा था।
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वन विभाग से आरटीआई से जानकारी ली जिसमें सरपंच के पत्र 19 फरवरी 2024 और वन विभाग के पत्र 10 अप्रैल 2024 के अनुसार खुलासा हुआ। चिह्नित पेड़ छह-सात एकड़ में थे। जिनकी संख्या 5899 थी। रिकॉर्ड के अनुसार इनकी ही बाेली हाेनी थी। वन विभाग ने इन पेड़ाें की कीमत करीब 11.95 लाख रुपये लगाई थी। सरपंच के पिता कृष्ण ने आराेप बेबुनियाद बताए हैं। उन्हाेंने बताया कि कि 5899 पेड़ाें की वन विभाग से कीमत लगवाई थी। अधिकारियाें के निर्देश पर पेड़ाें काे 22.50 लाख रुपये में बेचा था।
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