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श्रीघंटाकर्ण के उपासकों का विपत्तियां कुछ बिगाड़ नहीं पाती : प्रमिला महाराज
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1006 श्रीघंटाकर्ण तीर्थ पर प्रवचन करती महासाध्वी प्रमिला महाराज।
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विशेष कृपा दिवस कृष्ण चौदस पर शुक्रवार को श्री घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर भक्ति संगम का आयोजन किया गया। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि श्री घंटाकर्ण के उपासक का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती।
सर्वप्रथम श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र के सामूहिक जाप से सभी के कल्याण की कामना की गई। साध्वी जागृति, कर्मवीर, जयपाल सिंह, अनिता जैन, प्रवीण जैन, पुष्पा गोयल, सरिता जैन ने भक्तिगीत प्रस्तुत किए। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने महाप्रभावी श्री घंटाकर्ण देवता के बारे में विस्तार से बताए। उन्होंने कहा कि घंटाकर्ण जी बावन वीरों में तीसवें वीर शिरोमणि तथा वीरों की परिषद में सेनापति का गौरवमयी स्थान प्राप्त प्रभावशाली देवता हैं जिन्हें जैन, हिंदू तथा बौद्ध तीनों परंपराओं में विशेष पूजनीय तथा आराध्य स्थान प्राप्त है। जैन परंपरा में इन्हें चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का शासनरक्षक देव माना जाता है।
करनाल। विशेष कृपा दिवस कृष्ण चौदस पर शुक्रवार को श्री घंटाकर्ण महावीर तीर्थस्थान पर भक्ति संगम का आयोजन किया गया। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने कहा कि श्री घंटाकर्ण के उपासक का कोई विपत्ति कुछ बिगाड़ नहीं पाती।
सर्वप्रथम श्री घंटाकर्ण बीजमंत्र के सामूहिक जाप से सभी के कल्याण की कामना की गई। साध्वी जागृति, कर्मवीर, जयपाल सिंह, अनिता जैन, प्रवीण जैन, पुष्पा गोयल, सरिता जैन ने भक्तिगीत प्रस्तुत किए। महासाध्वी प्रमिला महाराज ने महाप्रभावी श्री घंटाकर्ण देवता के बारे में विस्तार से बताए। उन्होंने कहा कि घंटाकर्ण जी बावन वीरों में तीसवें वीर शिरोमणि तथा वीरों की परिषद में सेनापति का गौरवमयी स्थान प्राप्त प्रभावशाली देवता हैं जिन्हें जैन, हिंदू तथा बौद्ध तीनों परंपराओं में विशेष पूजनीय तथा आराध्य स्थान प्राप्त है। जैन परंपरा में इन्हें चौबीसवें तीर्थंकर भगवान महावीर का शासनरक्षक देव माना जाता है।
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