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Karnal News: रेड जोन में 50 किसानों पर नजर रखेगा एक नोडल अधिकारी
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माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अब 750 अधिकारी व कर्मचारी फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर निरंतर निगरानी करेंगे। नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। रेड जोन में एक नोडल अधिकारी 50 किसानों की निगरानी करेगा। ग्रीन व यलो जोन में एक नोडल अधिकारी 100 किसानों की निगरानी करेगा।
सोमवार को डीसी उत्तम सिंह ने लघु सचिवालय के सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन पर आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में बताया। हरियाणा के मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कोई भी किसान फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
बैठक में कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए एनफोर्समेंट टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पराली की गांठें रखने के लिए 95 एकड़ जमीन की मांग की गई है ताकि फसल अवशेषों के प्रबंधन को प्रभावी ढंग से किया जा सके। बैठक में एसपी गंगाराम पुनिया, डीडीए डॉ. वजीर सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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करनाल। फसल अवशेषों में आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए अब 750 अधिकारी व कर्मचारी फील्ड स्तर पर सक्रिय रहकर निरंतर निगरानी करेंगे। नोडल अधिकारियों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। रेड जोन में एक नोडल अधिकारी 50 किसानों की निगरानी करेगा। ग्रीन व यलो जोन में एक नोडल अधिकारी 100 किसानों की निगरानी करेगा।
सोमवार को डीसी उत्तम सिंह ने लघु सचिवालय के सभागार में फसल अवशेष प्रबंधन पर आयोजित बैठक में अधिकारियों को इस संबंध में बताया। हरियाणा के मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिला उपायुक्तों को फसल अवशेष प्रबंधन को लेकर निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में फसल अवशेष (पराली) जलाने की घटनाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। अगर कोई भी किसान फसल अवशेष जलाता हुआ पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।
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बैठक में कृषि उपनिदेशक डॉ. वजीर सिंह ने बताया कि आगजनी की घटनाओं को रोकने के लिए एनफोर्समेंट टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों में लगभग 750 अधिकारियों व कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। उन्होंने बताया कि पराली की गांठें रखने के लिए 95 एकड़ जमीन की मांग की गई है ताकि फसल अवशेषों के प्रबंधन को प्रभावी ढंग से किया जा सके। बैठक में एसपी गंगाराम पुनिया, डीडीए डॉ. वजीर सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
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