{"_id":"81-46375","slug":"Karnal-46375-81","type":"story","status":"publish","title_hn":"560 बोरियों में घटिया धान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
560 बोरियों में घटिया धान
Karnal
Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
गुहला-चीका। चीका के एक मिल मालिक द्वारा कानफेड के लिए खरीदे गए धान में की गई गड़बड़ी में अब नया खुलासा हुआ है। शुक्रवार को मामले की जांच के लिए एसडीएम और तहसीलदार संबंधित राइस मिल में पहुंचे। जांच में अधिकारियों ने बोरियों में भरे हुए धान को घटिया स्तर का पाया। धान के स्टॉक को चेक करने वाली टीम में एसडीएम गुहला अरविंद शर्मा, तहसीलदार गुहला राजबीर सिंह, खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर नरेंद्र सिंह, कानफेड विभाग के कर्मचारी जवाहर सिंह तथा मार्केट कमेटी के अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे।
एसडीएम अरविंद शर्मा ने बताया कि डीसी के आदेशानुसार राइस मिलर की स्टॉक की गिनती करवाई गई है जो दर्ज रिकार्ड 82 हजार क्व़िटल के मुकाबले 29 हजार 362 क्विंटल ही मिला। शर्मा ने बताया कि धान के लगे चट्ठों में 560 धान की बोरियां ऐसी मिली हैं जिसमें धान की गुणवत्ता निमभन स्तर की है। उन्होंने कहा कि यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि ऐसी और कितनी बोरियां हैं जिसमें घटिया स्तर का धान डाला गया है। 6 नवंबर को हुए इस घोटाले के खुलासे के बाद विभाग के उच्चाधिकारियाें ने कार्रवाई करते हुए इसकी जांच का आदेश दिया था लेकिन जांच के आदेश केवल एक खानापूर्ति मात्र ही दिखाई दिए, क्योंकि विभाग ने जांच के नाम पर आढ़तियाें के करोड़ों रुपये रोककर अपने कार्य को पूरा मान लिया।
कोई गड़बड़ी नहीं : मिल मालिक
दूसरी तरफ मिल मालिक ने किसी प्रकार के घोटाले से इनकार करते हुए कहा कि घोटाला जैसा कोई मामला ही नहीं है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमाें के अनुसार ही सारा रिकार्ड तैयार किया गया है और रिकार्ड में दर्ज चावल की गाड़ी वह विभाग को उपलब्ध करवाने में सक्षम हैं। मामले के उजागर होने के बाद कानफेड के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के आदेश के बाद एक टीम इस जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
भुगतान करो वरना आंदोलन
भाकियू के प्रदेश महासचिव पाला राम गौड़ ने अनाज मंडी का दौरा करने के बाद प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निर्दोष आढ़तियाें का भुगतान 48 घंटे के भीतर न किया गया तो भाकियू व्यापारियाें के हक में आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्हाेंने कहा कि व्यापारियाें का पैसा रुकने से सबसे ज्यादा मुश्किलें किसानाें को आएंगी क्योंकि किसानाें के भविष्य का दारोमदार केवल उनकी मेहनत की कमाई फसल पर टिका होता है जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर अपना गुजारा चलाते हैं।
310 मरीजों का स्वास्थ्य जांचा
समाजसेवी संस्था महावीर दल ने लगाया कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। क्षेत्र की प्रमुख समाजसेवी संस्था महावीर दल ने शुक्रवार को हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया। शिविर में पटियाला स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल से आई डाक्टरों की टीम ने मरीजों का चेकअप किया। संस्था के प्रधान सतपाल गर्ग ने बताया कि कैंप में 310 मरीजाें की जांच की गई जिसमें ज्यादातर मरीज आंखाें तथा हड्डियाें की बीमारियाें से ग्रस्त थे। डाक्टर अरविंद मल्होत्रा ने दिमाग की बीमारियाें से से जूझ रहे लोगों का चेकअप किया।
विज्ञापन
एसडीएम अरविंद शर्मा ने बताया कि डीसी के आदेशानुसार राइस मिलर की स्टॉक की गिनती करवाई गई है जो दर्ज रिकार्ड 82 हजार क्व़िटल के मुकाबले 29 हजार 362 क्विंटल ही मिला। शर्मा ने बताया कि धान के लगे चट्ठों में 560 धान की बोरियां ऐसी मिली हैं जिसमें धान की गुणवत्ता निमभन स्तर की है। उन्होंने कहा कि यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा कि ऐसी और कितनी बोरियां हैं जिसमें घटिया स्तर का धान डाला गया है। 6 नवंबर को हुए इस घोटाले के खुलासे के बाद विभाग के उच्चाधिकारियाें ने कार्रवाई करते हुए इसकी जांच का आदेश दिया था लेकिन जांच के आदेश केवल एक खानापूर्ति मात्र ही दिखाई दिए, क्योंकि विभाग ने जांच के नाम पर आढ़तियाें के करोड़ों रुपये रोककर अपने कार्य को पूरा मान लिया।
विज्ञापन
कोई गड़बड़ी नहीं : मिल मालिक
दूसरी तरफ मिल मालिक ने किसी प्रकार के घोटाले से इनकार करते हुए कहा कि घोटाला जैसा कोई मामला ही नहीं है। सरकार द्वारा निर्धारित नियमाें के अनुसार ही सारा रिकार्ड तैयार किया गया है और रिकार्ड में दर्ज चावल की गाड़ी वह विभाग को उपलब्ध करवाने में सक्षम हैं। मामले के उजागर होने के बाद कानफेड के अधिकारियों में भी हड़कंप मचा हुआ है। उच्चाधिकारियों द्वारा जांच के आदेश के बाद एक टीम इस जांच में जुट गई है।
विज्ञापन
भुगतान करो वरना आंदोलन
भाकियू के प्रदेश महासचिव पाला राम गौड़ ने अनाज मंडी का दौरा करने के बाद प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि इस मामले में निर्दोष आढ़तियाें का भुगतान 48 घंटे के भीतर न किया गया तो भाकियू व्यापारियाें के हक में आंदोलन का रास्ता अपनाएगी। उन्हाेंने कहा कि व्यापारियाें का पैसा रुकने से सबसे ज्यादा मुश्किलें किसानाें को आएंगी क्योंकि किसानाें के भविष्य का दारोमदार केवल उनकी मेहनत की कमाई फसल पर टिका होता है जिससे वह अपने परिवार का पालन पोषण कर अपना गुजारा चलाते हैं।
310 मरीजों का स्वास्थ्य जांचा
समाजसेवी संस्था महावीर दल ने लगाया कैंप
अमर उजाला ब्यूरो
गुहला-चीका। क्षेत्र की प्रमुख समाजसेवी संस्था महावीर दल ने शुक्रवार को हेल्थ चेकअप कैंप का आयोजन किया। शिविर में पटियाला स्थित कोलंबिया एशिया अस्पताल से आई डाक्टरों की टीम ने मरीजों का चेकअप किया। संस्था के प्रधान सतपाल गर्ग ने बताया कि कैंप में 310 मरीजाें की जांच की गई जिसमें ज्यादातर मरीज आंखाें तथा हड्डियाें की बीमारियाें से ग्रस्त थे। डाक्टर अरविंद मल्होत्रा ने दिमाग की बीमारियाें से से जूझ रहे लोगों का चेकअप किया।