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करनाल के बाद अब तरावड़ी में सामने आया परखी का खेल
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल (तरावड़ी)। करनाल में आटा घोटाले और डीएफएससी के गोदाम से परखी मारकर गेहूं चोरी के मामले के बाद अब तरावड़ी में भी परखी का खेल सामने आया है। एक राइस मिल में डीएफएससी विभाग के रखे गेहूं में परखी मारी जा रही थी और उनसे गेहूं निकालकर दूसरे कट्टों में भरा जा रहा था। जैसे ही इस गेहूं चोरी के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी हुई तो मजदूरों और कर्मचारियों के पसीने छूट गए। सवाल ये है कि डीएफएससी विभाग में भ्रष्टाचार रुकने की बजाए लगातार बढ़ता जा रहा है और एक के बाद एक मामले उजागर हो रहे हैं।
तरावड़ी में डीएफएससी विभाग द्वारा एक राइस में गेहूं को स्टॉक किया जा रहा है। बुधवार दोपहर बाद गोदाम में गेहूं उतारते समय कर्मचारी और मजदूर कट्टों से परखी मार रहे थे। इसकी सूचना किसी ने मीडिया को दे दी। जैसे ही मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो कर्मचारी दोनों हाथों में परखी लेकर कट्टों में मार रहे थे। इतना ही नहीं दूसरे कर्मचारी खाली कट्टों में इस निकाले गए गेहूं को भर रहे थे। जैसे ही इसके फोटो लिए और वीडियो बनाई तो उनके पसीने छूट गए। परखी मारने वालों से जब सवाल किया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। एक के बाद एक गेहूं चोरी के मामले सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में डीएफएससी इंस्पेक्टर राजेश कुमार और समीर वशिष्ठ का कहना है कि सैंपल लेने के लिए परखी लगाई गई थी। कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है।
करनाल गोदाम में भी पकड़ी थी गेहूं चोरी, नहीं हुई आज तक कार्रवाई
तीन दिन पहले ही मेरठ रोड स्थित डीएफएससी के गोदाम से एक गाड़ी संचालक द्वारा परखी मारकर गेहूं चोरी करने का मामला उजागर किया गया था। इतना ही नहीं इस मामले में डीएफएससी के इंस्पेक्टर जसबीर सिंह ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर बाकायदा गाड़ी संचालक तेजबीर सिंह पर हमला बोल दिया था और उसके साथ मारपीट करके उसका मोबाइल छीन लिया था। इस मामले में बाकायदा गाड़ी चालकों ने रोष जाहिर किया और बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा। अहम बात ये है कि इस मामले को विभाग द्वारा दबा दिया गया और इंस्पेक्टर को बिना जांच के क्लीनचिट दे दी गई। आज तक भी इस मामले में कोई कार्रवाई की नहीं गई।
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कराएंगे जांच, गड़बड़ी पाई तो करेंगे कार्रवाई : डीएफएससी
इस बारे में जब डीएफएससी अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परखी सैंपल के लिए भी लगाई जाती है। शाम को ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर कोई कर्मचारी गलत कार्य कर रहा होगा तो यकीनन उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस मामले की जांच की जाएगी। नियमों के खिलाफ कार्य करने की इजाजत किसी को भी नहीं है। मैं खुद इस मामले को देख रहा हूं और संबंधित इंस्पेक्टर और कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा।
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करनाल (तरावड़ी)। करनाल में आटा घोटाले और डीएफएससी के गोदाम से परखी मारकर गेहूं चोरी के मामले के बाद अब तरावड़ी में भी परखी का खेल सामने आया है। एक राइस मिल में डीएफएससी विभाग के रखे गेहूं में परखी मारी जा रही थी और उनसे गेहूं निकालकर दूसरे कट्टों में भरा जा रहा था। जैसे ही इस गेहूं चोरी के फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी हुई तो मजदूरों और कर्मचारियों के पसीने छूट गए। सवाल ये है कि डीएफएससी विभाग में भ्रष्टाचार रुकने की बजाए लगातार बढ़ता जा रहा है और एक के बाद एक मामले उजागर हो रहे हैं।
तरावड़ी में डीएफएससी विभाग द्वारा एक राइस में गेहूं को स्टॉक किया जा रहा है। बुधवार दोपहर बाद गोदाम में गेहूं उतारते समय कर्मचारी और मजदूर कट्टों से परखी मार रहे थे। इसकी सूचना किसी ने मीडिया को दे दी। जैसे ही मीडियाकर्मी मौके पर पहुंचे तो कर्मचारी दोनों हाथों में परखी लेकर कट्टों में मार रहे थे। इतना ही नहीं दूसरे कर्मचारी खाली कट्टों में इस निकाले गए गेहूं को भर रहे थे। जैसे ही इसके फोटो लिए और वीडियो बनाई तो उनके पसीने छूट गए। परखी मारने वालों से जब सवाल किया तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। एक के बाद एक गेहूं चोरी के मामले सामने आने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में डीएफएससी इंस्पेक्टर राजेश कुमार और समीर वशिष्ठ का कहना है कि सैंपल लेने के लिए परखी लगाई गई थी। कोई गड़बड़ी नहीं हो रही है।
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करनाल गोदाम में भी पकड़ी थी गेहूं चोरी, नहीं हुई आज तक कार्रवाई
तीन दिन पहले ही मेरठ रोड स्थित डीएफएससी के गोदाम से एक गाड़ी संचालक द्वारा परखी मारकर गेहूं चोरी करने का मामला उजागर किया गया था। इतना ही नहीं इस मामले में डीएफएससी के इंस्पेक्टर जसबीर सिंह ने अन्य कर्मचारियों के साथ मिलकर बाकायदा गाड़ी संचालक तेजबीर सिंह पर हमला बोल दिया था और उसके साथ मारपीट करके उसका मोबाइल छीन लिया था। इस मामले में बाकायदा गाड़ी चालकों ने रोष जाहिर किया और बाद में पुलिस को बुलाना पड़ा। अहम बात ये है कि इस मामले को विभाग द्वारा दबा दिया गया और इंस्पेक्टर को बिना जांच के क्लीनचिट दे दी गई। आज तक भी इस मामले में कोई कार्रवाई की नहीं गई।
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कराएंगे जांच, गड़बड़ी पाई तो करेंगे कार्रवाई : डीएफएससी
इस बारे में जब डीएफएससी अनिल कुमार से बात की गई तो उन्होंने कहा कि परखी सैंपल के लिए भी लगाई जाती है। शाम को ये मामला मेरे संज्ञान में आया है। अगर कोई कर्मचारी गलत कार्य कर रहा होगा तो यकीनन उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और इस मामले की जांच की जाएगी। नियमों के खिलाफ कार्य करने की इजाजत किसी को भी नहीं है। मैं खुद इस मामले को देख रहा हूं और संबंधित इंस्पेक्टर और कर्मचारियों से जवाब तलब किया जाएगा।