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करनाल में हरियाणा की पहली फार्मा टैस्टिंग लैब शुरू, दवाइयों की जांच के लिए नहीं जाना होगा चंडीगढ़-दिल्ली
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। करनाल के औद्योगिक सेक्टर-3 में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी कॉमन फैसिलिटी सेंटर (फार्मा टेस्टिंग लैब) सोमवार से शुरू हो गई है। अब करनाल के फार्मा उद्योगपतियों को दवाइयों की जांच के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इससे न केवल उद्योगपतियों को आर्थिक खर्च बचेगा, साथ ही समय की भी बचत हो सकेगी। पहले एक दवा की जांच के लिए रिपोर्ट लेने में एक सप्ताह तक समय लग जाता था, लेकिन करनाल में खुली इस लैब में दिन के दिन ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
फार्मा क्लस्टर के लिए बने कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन रविवार देर रात हरियाणा के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने किया। मंत्री ने बताया कि यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर हरियाणा की पहली फार्मा टेस्टिंग लैब है, जहां सभी प्रकार की दवाइयों की जांच के साथ-साथ नई दवाइयां बनाने से संबंधित शोध की जा सकेगी। इस लैब के करनाल में स्थापित होने से प्रदेश सहित आस-पास के राज्यों में स्थापित दवा उत्पादक कंपनियों को भी लाभ होगा।
एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व हर्बल दवाओं की हो सकेगी जांच
इस लैब में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और हर्बल दवाइयों के साथ-साथ कॉस्मेटिक्स और फूड सप्लीमेंट्स की भी जांच हो सकेगी। मंत्री गोयल ने कहा कि यह अत्याधुनिक लैब करनाल में फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी, जिससे आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
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100 युवाओं को मिलेगा रोजगार
गोयल ने कहा कि यह लैब दवाइयों पर शोध करते हुए दवा कंपनियों को उनके अपने दवा उत्पाद बनाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही इस लैब में फार्मा सेक्टर से जुड़े 100 से अधिक युवाओं को नौकरी भी मिलेगी। गौरतलब है कि करनाल में इस समय 25 से ज्यादा फार्मा इंडस्ट्री है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से करनाल में ही फार्मा क्लस्टर बनाने की घोषण की जा चुकी है। इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है।
50 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
करनाल के फार्मा पार्क के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त, करनाल में प्रिंट एंड पैक, एडवरटाईजिंग व साइनेजिंग, बेकरी, प्लास्टिक, कृषि यंत्र व डेयरी क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी कार्य जारी हैं। इसी प्रकार, पानीपत में टेक्सटाइल क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी हरियाणा सरकार ने योजना बनाई है।
प्रदेश में स्थापित होंगे 12 नए क्लस्टर
मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार, उद्योगों एवं वाणिज्य विभाग आने वाले समय में 12 बड़े क्लस्टरों के साथ कई छोटे क्लस्टर स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। हरियाणा में इस व्यवस्था से आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के लिए अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर मिलेंगे।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर फार्मा उद्योग एसोसिएशन के प्रधान एमएल शर्मा तथा राज्य दवा नियंत्रक नरेंद्र विवेक अहुजा ने उद्योग मंत्री का धन्यवाद किया। इस अवसर पर, सेंटर फॉर टेस्टिंग एंड रिसर्च के निदेशक एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर प्रबंधक अर्जुन अरोड़ा ने लैब में स्थापित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद एमएसएमई के निदेशक मेजर सिंह ने क्लस्टर स्कीम के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, पूर्व उद्योग मंत्री शशिपाल मेहता, भाजपा महामंत्री राजबीर शर्मा तथा फार्मा फार्मा उद्योग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य उद्योगों से जुड़े उद्योगपति मौजूद रहे।
फार्मा उद्योग को हरियाणा में बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फार्मा पॉलिसी भी बनाई है। हरियाणा में विभिन्न इंडस्ट्रियल ऐसोसिएशन से सुझाव लेकर उद्योग नीति बनाई जाती है। बड़े क्लस्टरों के साथ-साथ छोटे क्लस्टरों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार प्रयासरत है। -विपुल गोयल, उद्योग मंत्री, हरियाणा।
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करनाल। करनाल के औद्योगिक सेक्टर-3 में करीब 12 करोड़ रुपये की लागत से बनी कॉमन फैसिलिटी सेंटर (फार्मा टेस्टिंग लैब) सोमवार से शुरू हो गई है। अब करनाल के फार्मा उद्योगपतियों को दवाइयों की जांच के लिए दिल्ली और चंडीगढ़ के चक्कर नहीं लगाने होंगे। इससे न केवल उद्योगपतियों को आर्थिक खर्च बचेगा, साथ ही समय की भी बचत हो सकेगी। पहले एक दवा की जांच के लिए रिपोर्ट लेने में एक सप्ताह तक समय लग जाता था, लेकिन करनाल में खुली इस लैब में दिन के दिन ही रिपोर्ट मिल सकेगी।
फार्मा क्लस्टर के लिए बने कॉमन फैसिलिटी सेंटर का उद्घाटन रविवार देर रात हरियाणा के उद्योगमंत्री विपुल गोयल ने किया। मंत्री ने बताया कि यह कॉमन फैसिलिटी सेंटर हरियाणा की पहली फार्मा टेस्टिंग लैब है, जहां सभी प्रकार की दवाइयों की जांच के साथ-साथ नई दवाइयां बनाने से संबंधित शोध की जा सकेगी। इस लैब के करनाल में स्थापित होने से प्रदेश सहित आस-पास के राज्यों में स्थापित दवा उत्पादक कंपनियों को भी लाभ होगा।
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एलोपैथिक, आयुर्वेदिक व हर्बल दवाओं की हो सकेगी जांच
इस लैब में एलोपैथिक, आयुर्वेदिक और हर्बल दवाइयों के साथ-साथ कॉस्मेटिक्स और फूड सप्लीमेंट्स की भी जांच हो सकेगी। मंत्री गोयल ने कहा कि यह अत्याधुनिक लैब करनाल में फार्मा उद्योग को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध होगी, जिससे आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
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100 युवाओं को मिलेगा रोजगार
गोयल ने कहा कि यह लैब दवाइयों पर शोध करते हुए दवा कंपनियों को उनके अपने दवा उत्पाद बनाने में सहायक सिद्ध होगी। साथ ही इस लैब में फार्मा सेक्टर से जुड़े 100 से अधिक युवाओं को नौकरी भी मिलेगी। गौरतलब है कि करनाल में इस समय 25 से ज्यादा फार्मा इंडस्ट्री है। इसके अलावा प्रदेश सरकार की ओर से करनाल में ही फार्मा क्लस्टर बनाने की घोषण की जा चुकी है। इसके लिए जमीन की तलाश चल रही है।
50 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी
करनाल के फार्मा पार्क के लिए हरियाणा सरकार द्वारा 50 करोड़ रुपये के निवेश की योजना बनाई है। इसके अतिरिक्त, करनाल में प्रिंट एंड पैक, एडवरटाईजिंग व साइनेजिंग, बेकरी, प्लास्टिक, कृषि यंत्र व डेयरी क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी कार्य जारी हैं। इसी प्रकार, पानीपत में टेक्सटाइल क्लस्टर स्थापित करने के लिए भी हरियाणा सरकार ने योजना बनाई है।
प्रदेश में स्थापित होंगे 12 नए क्लस्टर
मंत्री ने बताया कि इसी प्रकार, उद्योगों एवं वाणिज्य विभाग आने वाले समय में 12 बड़े क्लस्टरों के साथ कई छोटे क्लस्टर स्थापित करने के लिए प्रयासरत है। हरियाणा में इस व्यवस्था से आने वाले समय में युवाओं को रोजगार के लिए अपने ही प्रदेश में बेहतर अवसर मिलेंगे।
ये रहे मौजूद
इस मौके पर फार्मा उद्योग एसोसिएशन के प्रधान एमएल शर्मा तथा राज्य दवा नियंत्रक नरेंद्र विवेक अहुजा ने उद्योग मंत्री का धन्यवाद किया। इस अवसर पर, सेंटर फॉर टेस्टिंग एंड रिसर्च के निदेशक एवं कॉमन फैसिलिटी सेंटर प्रबंधक अर्जुन अरोड़ा ने लैब में स्थापित सभी व्यवस्थाओं की विस्तार पूर्वक जानकारी दी। कार्यक्रम में मौजूद एमएसएमई के निदेशक मेजर सिंह ने क्लस्टर स्कीम के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास कबीरपंथी, पूर्व उद्योग मंत्री शशिपाल मेहता, भाजपा महामंत्री राजबीर शर्मा तथा फार्मा फार्मा उद्योग एसोसिएशन के प्रतिनिधियों सहित अन्य उद्योगों से जुड़े उद्योगपति मौजूद रहे।
फार्मा उद्योग को हरियाणा में बढ़ावा देने के लिए सरकार ने फार्मा पॉलिसी भी बनाई है। हरियाणा में विभिन्न इंडस्ट्रियल ऐसोसिएशन से सुझाव लेकर उद्योग नीति बनाई जाती है। बड़े क्लस्टरों के साथ-साथ छोटे क्लस्टरों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार प्रयासरत है। -विपुल गोयल, उद्योग मंत्री, हरियाणा।