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मार्च के अंत तक लाइनपार एरिया के लोगों को मिलेगा नया अंडर पास
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। मार्च माह के अंत तक घोघड़ीपुर रेलवे ओवरब्रिज के समीप अब कॉलोनी वासियों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि जल्द ही उन्हें रेलवे लाइन क्रॉस करने के लिए रेलवे अंडर पास मिलने वाला है।
इससे लाइन पार एरिया की शिव कालोनी, न्यू शिव कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बहादुर कालोनी और शिवाजी कालोनियों के 50 हजार से ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा। रेलवे विभाग ने रेलवे अंडर पास के आरसीसी बॉक्स डालने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे की ओर से रात को एक बजे से शनिवार सुबह 4 तक की परमिशन ले ली है। इस दौरान तीन घंटे तक रेलवे मार्ग प्रभावित रहेगा। यदि बिना समस्या ये शिफ्ट को गया तो दूसरी साइड के लिए फिर परमीशन ली जाएगी।
एक करोड़, 87 लाख रुपये होंगे खर्च
इस रेलवे अंडर पास पर एक करोड़, 87 लाख रुपये खर्च होने हैं। इस अंडर पास को पांच मीटर चौड़ा और ढाई मीटर ऊंचा बनाया गया है। इस अंडर पास के नीचे से कम ऊंचाई वाले वाहन ही निकल सकते हैं, जिसमें कार, ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक स्कूटर आदि। इससे बड़े वाहनों को घोघड़ीपुर रेलवे ओवरब्रिज से आना होगा।
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पिछले साल गई थी ट्रेन की चपेट में आने से गई थी 88 लोगों की जान
करनाल रेलवे स्टेशन के क्षेत्र में पिछले वर्ष 2018 में लाइन क्रास करते हुए करीब 88 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से सात लोगों की जान इसी जगह पर गई है। क्योंकि इस अंडर पास के समीप एक रजवाहे की पुलिया थी। जिसके नीच से लोग बाइक, साइकिल व पैदल आवागमन करते थे। अंडर पास का निर्माण कार्य शुरू होने पर रेलवे ने उसे मिट्टी डालकर बंद कर दिया था। इस कारण शिवकॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनी वासी ऊपर से रेलवे लाइन पार करने लगे और वह ट्रेन की चपेट में आते रहे।
हाथ में साइकिल उठाकर करते हैं रेलवे लाइन पार
कॉलोनी वासी अपनी जान की परवाह किए बगैर रेलवे लाइन पार करते हैं, इतना ही नहीं कॉलोनी वासी हाथ में साइकिल उठाकर लाइन से गुजरते हैं और कई तो बाइक को ही धक्का मारकर लाइन पार करते हैं। स्कूल के बच्चे भी बैग लेकर इसी लाइन से गुजरते हैं।
पिछले पांच साल में इतने लोगों की गई जान
वर्ष - लोगों की गई जान
2014 - 61
2015 - 70
2016 - 62
2017 - 64
2018 - 88
डेढ़ लाख रुपये किराए में आई क्रेन
रेलवे लाइन के नीचे आरसीसी बॉक्स शिफ्ट करने के लिए दो क्रेने बुलाई गई हैं। जिनका किराया डेढ़ लाख रुपये है। इन आरसीसी बॉक्स का शिफ्ट करने के लिए दो दिन लगेंगे। शुक्रवार रात को भी यह आरसीसी बॉक्स शिफ्ट किए जाएंगे।
शिव कॉलोनी के समीप आरसीसी बॉक्स रेलवे लाइन के नीचे शिफ्ट करने के लिए विभाग से रात के एक बजे से सुबह 4 बजे तक की परमिशन मिली है। इस बॉक्सों को शिफ्ट कर मार्च महीने के अंत तक इस अंडर पास को शुरू कर दिया जाएगा।- जेके अरोड़ा, सीनियर इंजीनियर, रेलवे।
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करनाल। मार्च माह के अंत तक घोघड़ीपुर रेलवे ओवरब्रिज के समीप अब कॉलोनी वासियों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेलवे लाइन पार करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी, क्योंकि जल्द ही उन्हें रेलवे लाइन क्रॉस करने के लिए रेलवे अंडर पास मिलने वाला है।
इससे लाइन पार एरिया की शिव कालोनी, न्यू शिव कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, बहादुर कालोनी और शिवाजी कालोनियों के 50 हजार से ज्यादा लोगों को लाभ मिलेगा। रेलवे विभाग ने रेलवे अंडर पास के आरसीसी बॉक्स डालने का काम शुरू कर दिया है। रेलवे की ओर से रात को एक बजे से शनिवार सुबह 4 तक की परमिशन ले ली है। इस दौरान तीन घंटे तक रेलवे मार्ग प्रभावित रहेगा। यदि बिना समस्या ये शिफ्ट को गया तो दूसरी साइड के लिए फिर परमीशन ली जाएगी।
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एक करोड़, 87 लाख रुपये होंगे खर्च
इस रेलवे अंडर पास पर एक करोड़, 87 लाख रुपये खर्च होने हैं। इस अंडर पास को पांच मीटर चौड़ा और ढाई मीटर ऊंचा बनाया गया है। इस अंडर पास के नीचे से कम ऊंचाई वाले वाहन ही निकल सकते हैं, जिसमें कार, ऑटो, ई-रिक्शा, बाइक स्कूटर आदि। इससे बड़े वाहनों को घोघड़ीपुर रेलवे ओवरब्रिज से आना होगा।
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पिछले साल गई थी ट्रेन की चपेट में आने से गई थी 88 लोगों की जान
करनाल रेलवे स्टेशन के क्षेत्र में पिछले वर्ष 2018 में लाइन क्रास करते हुए करीब 88 लोगों की जान जा चुकी है। इनमें से सात लोगों की जान इसी जगह पर गई है। क्योंकि इस अंडर पास के समीप एक रजवाहे की पुलिया थी। जिसके नीच से लोग बाइक, साइकिल व पैदल आवागमन करते थे। अंडर पास का निर्माण कार्य शुरू होने पर रेलवे ने उसे मिट्टी डालकर बंद कर दिया था। इस कारण शिवकॉलोनी सहित दर्जनों कॉलोनी वासी ऊपर से रेलवे लाइन पार करने लगे और वह ट्रेन की चपेट में आते रहे।
हाथ में साइकिल उठाकर करते हैं रेलवे लाइन पार
कॉलोनी वासी अपनी जान की परवाह किए बगैर रेलवे लाइन पार करते हैं, इतना ही नहीं कॉलोनी वासी हाथ में साइकिल उठाकर लाइन से गुजरते हैं और कई तो बाइक को ही धक्का मारकर लाइन पार करते हैं। स्कूल के बच्चे भी बैग लेकर इसी लाइन से गुजरते हैं।
पिछले पांच साल में इतने लोगों की गई जान
वर्ष - लोगों की गई जान
2014 - 61
2015 - 70
2016 - 62
2017 - 64
2018 - 88
डेढ़ लाख रुपये किराए में आई क्रेन
रेलवे लाइन के नीचे आरसीसी बॉक्स शिफ्ट करने के लिए दो क्रेने बुलाई गई हैं। जिनका किराया डेढ़ लाख रुपये है। इन आरसीसी बॉक्स का शिफ्ट करने के लिए दो दिन लगेंगे। शुक्रवार रात को भी यह आरसीसी बॉक्स शिफ्ट किए जाएंगे।
शिव कॉलोनी के समीप आरसीसी बॉक्स रेलवे लाइन के नीचे शिफ्ट करने के लिए विभाग से रात के एक बजे से सुबह 4 बजे तक की परमिशन मिली है। इस बॉक्सों को शिफ्ट कर मार्च महीने के अंत तक इस अंडर पास को शुरू कर दिया जाएगा।- जेके अरोड़ा, सीनियर इंजीनियर, रेलवे।