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Karnal News: पांच महीने में 618 लोग हुए लापता
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जितेंद्र नरवाल
करनाल। जिले में रोजाना तीन से चार लोग लापता हो रहे हैं। एक जनवरी से अब तक करीब पांच माह में 618 लोग लापता हो चुके हैं। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी है। लापता लोगों में 206 पुरुष हैं जबकि 412 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 18 से 30 साल के लोग सबसे ज्यादा 362 हैं। जबकि 10 साल से कम और 70 साल से ज्यादा की उम्र के लोग सबसे कम 09 हैं। वहीं, थाना तरावड़ी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 74 लोग लापता हैं।
जबकि थाना सिविल लाइन का ये आंकड़ा सबसे कम 09 का है। नाबालिगों और बालिगों की बात करें तो 18 साल से कम उम्र वाले ऐसे करीब 85 केस हैं जबकि 500 से ज्यादा केस बालिगों के सामने आए हैं। गुमशुदा होने वाले इन लोगों के परिजनों ने थानों में फरियाद लगाई है। इनमें से कुछ लोगों को तो पुलिस ढूंढ़ चुकी है जबकि कुछ का आज तक पता नहीं चल पाया है। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शादी की नीयत से घर से भागे होते हैं तो कुछ मानसिक रूप से परेशान होते हैं।
इसके अलावा कुछ लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। जिनकी शिनाख्त न होने की वजह से पुलिस उनका संस्कार तक करवा देती है और फाइलों में वे लापता ही रहते हैं।
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हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पुलिस को किसी गुमशुदा की शिकायत मिलती है तभी मामला दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी जाती हैं। काफी केसों में पुलिस को सफलता मिलती है।
ज्यादातर को पुलिस ढूंढ़ लेती है। केवल कुछ केस में लापता लोगों को ढूढ़ना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।
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करनाल। जिले में रोजाना तीन से चार लोग लापता हो रहे हैं। एक जनवरी से अब तक करीब पांच माह में 618 लोग लापता हो चुके हैं। इनमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से दोगुनी है। लापता लोगों में 206 पुरुष हैं जबकि 412 महिलाएं शामिल हैं। इनमें 18 से 30 साल के लोग सबसे ज्यादा 362 हैं। जबकि 10 साल से कम और 70 साल से ज्यादा की उम्र के लोग सबसे कम 09 हैं। वहीं, थाना तरावड़ी क्षेत्र में सबसे ज्यादा 74 लोग लापता हैं।
जबकि थाना सिविल लाइन का ये आंकड़ा सबसे कम 09 का है। नाबालिगों और बालिगों की बात करें तो 18 साल से कम उम्र वाले ऐसे करीब 85 केस हैं जबकि 500 से ज्यादा केस बालिगों के सामने आए हैं। गुमशुदा होने वाले इन लोगों के परिजनों ने थानों में फरियाद लगाई है। इनमें से कुछ लोगों को तो पुलिस ढूंढ़ चुकी है जबकि कुछ का आज तक पता नहीं चल पाया है। इनमें कुछ लोग ऐसे भी हैं जो शादी की नीयत से घर से भागे होते हैं तो कुछ मानसिक रूप से परेशान होते हैं।
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इसके अलावा कुछ लोग दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। जिनकी शिनाख्त न होने की वजह से पुलिस उनका संस्कार तक करवा देती है और फाइलों में वे लापता ही रहते हैं।
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हालांकि पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही पुलिस को किसी गुमशुदा की शिकायत मिलती है तभी मामला दर्ज कर उसकी खोजबीन शुरू कर दी जाती हैं। काफी केसों में पुलिस को सफलता मिलती है।
ज्यादातर को पुलिस ढूंढ़ लेती है। केवल कुछ केस में लापता लोगों को ढूढ़ना थोड़ा मुश्किल हो जाता है।