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जेबीटी ने थाली बजाकर सरकार के खिलाफ बोला हल्ला, दो शक्षिकों की हालात गंभीर
Updated Wed, 26 Jul 2017 12:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
सरकार के अड़ियल रवैये और बेरुखी से तंग आकर जेबीटी शिक्षकों ने मंगलवार को खाली थालियां बजाकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। महिलाओं ने हाथों में थाली और चम्मच लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। थाली बजाओ सरकार जगाओ प्रदर्शन के दौरान एक युवा शिक्षक मुकेश डिडवानिया अचेत होकर सड़क के बीच में गिर पड़ा। जिसे साथियों की मदद से शिक्षक को उठाया गया। वहीं मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे दो शिक्षकों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में दाखिल कराया गया।
जेबीटी का प्रदर्शन जिला सचिवालय के बाहर से शुरू हुआ। सभी शिक्षक अस्पताल चौक, मॉडल टाउन से होते हुए ओएसडी निवास पर पहुंचे। यहां सभी शिक्षक जमकर गरजे। सरकार होश में आओ जेबीटी को ज्वाइन कराओ, ओएसडी बाहर आओ हमारी आवाज सरकार तक पहुंचाओ के नारे लगाए गए। शिक्षक लगभग दो घंटे ओएसडी आवास के बाहर बैठे रहे। पुलिस ने बैरीकेट लगाकर उन्हें आगे जाने से रोक लिया। इसके बाद दो शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल ओएसडी से मिलने पहुंचा। ओएसडी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से बातचीत मंगलवार रात तक कराने का आश्वासन दिया है। बता दें कि आज हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर अहम सुनवाई है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार शिक्षकों के पक्ष में कोर्ट में बयान दें। जब तक स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं मिल जाती आमरण अनशन और धरना जारी रहेगा। मंगलवार को प्रदर्शन में लगभग 600 शिक्षक शामिल हुए। वहीं आमरण अनशन पर अब भी शिक्षकों राकेश जांगड़ा, वीर सिंह सोनू कुंडू, सत्यवान, सुरेश कुमार, महेश कुमार, सचिन, नीलम, पंकज रानी, आरती सैनी व इंदू बाला बैठी हुई हैं।
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दो शिक्षक आईसीयू में भर्ती
धरना स्थल पर सुबह एक शिक्षक सत्यवान अचेत होकर सड़क पर गिर गया। सत्यवान ने तीन दिनों से जल का भी त्याग किया हुआ था। सत्यवान और एक अन्य महिला शिक्षक की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पर दोनों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। इससे पहले भूख हड़ताल पर बैठने के कारण पांच अन्य शिक्षकों की तबीयत पहले ही खराब हो चुकी है।
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करनाल।
सरकार के अड़ियल रवैये और बेरुखी से तंग आकर जेबीटी शिक्षकों ने मंगलवार को खाली थालियां बजाकर सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। महिलाओं ने हाथों में थाली और चम्मच लेकर सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए। थाली बजाओ सरकार जगाओ प्रदर्शन के दौरान एक युवा शिक्षक मुकेश डिडवानिया अचेत होकर सड़क के बीच में गिर पड़ा। जिसे साथियों की मदद से शिक्षक को उठाया गया। वहीं मंगलवार को भूख हड़ताल पर बैठे दो शिक्षकों की तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में दाखिल कराया गया।
जेबीटी का प्रदर्शन जिला सचिवालय के बाहर से शुरू हुआ। सभी शिक्षक अस्पताल चौक, मॉडल टाउन से होते हुए ओएसडी निवास पर पहुंचे। यहां सभी शिक्षक जमकर गरजे। सरकार होश में आओ जेबीटी को ज्वाइन कराओ, ओएसडी बाहर आओ हमारी आवाज सरकार तक पहुंचाओ के नारे लगाए गए। शिक्षक लगभग दो घंटे ओएसडी आवास के बाहर बैठे रहे। पुलिस ने बैरीकेट लगाकर उन्हें आगे जाने से रोक लिया। इसके बाद दो शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल ओएसडी से मिलने पहुंचा। ओएसडी ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल से बातचीत मंगलवार रात तक कराने का आश्वासन दिया है। बता दें कि आज हाईकोर्ट में इस मामले को लेकर अहम सुनवाई है। शिक्षकों का कहना है कि सरकार शिक्षकों के पक्ष में कोर्ट में बयान दें। जब तक स्कूलों में ज्वाइनिंग नहीं मिल जाती आमरण अनशन और धरना जारी रहेगा। मंगलवार को प्रदर्शन में लगभग 600 शिक्षक शामिल हुए। वहीं आमरण अनशन पर अब भी शिक्षकों राकेश जांगड़ा, वीर सिंह सोनू कुंडू, सत्यवान, सुरेश कुमार, महेश कुमार, सचिन, नीलम, पंकज रानी, आरती सैनी व इंदू बाला बैठी हुई हैं।
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दो शिक्षक आईसीयू में भर्ती
धरना स्थल पर सुबह एक शिक्षक सत्यवान अचेत होकर सड़क पर गिर गया। सत्यवान ने तीन दिनों से जल का भी त्याग किया हुआ था। सत्यवान और एक अन्य महिला शिक्षक की हालत गंभीर होने पर उन्हें इलाज के लिए कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। जहां पर दोनों का आईसीयू में इलाज चल रहा है। इससे पहले भूख हड़ताल पर बैठने के कारण पांच अन्य शिक्षकों की तबीयत पहले ही खराब हो चुकी है।
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