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सीएम ने शाम तक सिलेंडर घर पहुंचाने का किया वादा, अधिकारी ही बने बाधा
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:55 PM IST
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सीएम ने शाम तक सिलेंडर घर पहुंचाने का किया वादा, अधिकारी ही बने बाधा
एंकर या फिर टाप बाक्स (लोगों को संबोधित करते हुए फोटो लगाया जा सकता है)
-देर शाम तक दो परिवार करते रहे इंतजार, अधिकारियों के पास नहीं सीएम के आदेश का पालन करने का समय
-एसडीएम बोली, कागजी कार्रवाई जारी, आज दिये जाएंगे सिलेंडर
फोटो संख्या-16
अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। माना जाता है कि किसी सूबे के मुख्यमंत्री जब अधिकारियों को कोई निर्देश देते हैं तो अधिकारी उसे तय समय पूरा करते हैं, अगर वही निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा खुले मंच से हजारों की भीड़ में मिले तो उसे अधिकारी तयशुदा वक्त में जरूर पूरा करते हैं। योग दिवस पर इंद्री पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी भारी भीड़ देखकर जोश-जोश में इसी तरह का निर्देश अपने अधिकारियों को दे दिया, लेकिन वह सिर्फ निर्देश तक ही सीमित रह गया। सीएम ने खुले मंच से दो महिलाओं से वादा किया था कि आज शाम तक तुम्हारे घर रसोई गैस सिलेंडर पहुंच जाएगा, लेकिन अधिकारियों की कागजी कार्रवाई के कारण सीएम अपना वादा नहीं पूरा कर पाए। फिलहाल सीएम का वादा कागजी प्रक्रिया के बीच फंसा है। दोनों परिवारों ने देर शाम तक गैस सिलेंडर का इंतजार किया, लेकिन केवल सीएम का वादा समझकर फिर से उम्मीद छोड़ दी और आखिरकार हमेशा की तरह मिट्टी का चूल्हा ही काम आया। एक बार फिर अधिकारियों ने साबित कर दिया कि प्रदेश में अफसरशाही कितनी हावी है।
बुधवार को अनाज मंडी में आयोजित योग शिविर में उमड़ी भारी भीड़ देखकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर काफी खुश नजर आ रहे थे। योग के बाद वे लोगों को अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों व योजनाओं को बता रहे थे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के बारे में बताते हुए लोगों से पूछा कि जिन लोगों के पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं है, वे अपना हाथ खड़ा करें। इस पर हजारों की भीड़ में से दो महिलाओं ने हाथ खड़ा किया और बताया कि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम इंद्री मनीषा शर्मा को निर्देश दिए कि इन दोनों पात्र व्यक्तियों के घर शाम तक हरहाल में गैस सिलेंडर पहुंच जाना चाहिए। मुख्यमंत्री की यह बात सुनकर पंडाल बैठे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारों लगा उनके इस आदेश का स्वागत किया। लोगों का उत्साह देख सीएम भी मंद-मंद मुस्कुराते रहे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जो आदेश दे उन्हें हजारों की भीड़ से यह सम्मान मिला है, वह उनके अधिकारी नहीं पूरा कर पाएंगे। पात्र महिलाएं भी मुख्यमंत्री के इस आदेश से काफी खुश नजर आ रही थी, अधिकारी तत्काल इनके पास पहुंचकर नाम भी नोट किए, लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही अधिकारी उनके वादे को भी भूल गए। दोनों महिलाएं खुशी खुशी अपने घर गई और परिवार वालों को योग शिविर में जाने का फायदा बताया। बोली, एक दिन के योग से शरीर में बेशक फायदा न हो, लेकिन जाने का फायदा जरूर मिल गया, घर में अब गैस सिलेंडर से रोटियां बनेंगी। सीएम के आदेश की बात बताने पर परिवार वाले भी खु शी से झूम उठे, इतना ही नहीं महिलाओं ने पड़ोसियों को भी बता दिया, लेकिन ये खुशी केवल शाम तक ही ठहर सकी। शाम तक गैस सिलेंडर घर आने की बाट जोहती रही, लेकिन देर शाम तक न तो गैस सिलेंडर इनके घर पहुंचा और न तो कोई अधिकारी। इस संबंध में जब एसडीएम मनीषा शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई की जा रही है, गुरुवार को दोनों पात्र महिलाओं को दफ्तर में बुलाकर गैस सिलेंडर दिएं जाएंगे।
बीपीएल परिवार की है दोनों महिलाएं
जिन दो महिलाओं को मुख्यमंत्री ने गैस सिलेंडर दिलाने का वादा किया था, वो दोनों बीपीएल परिवार से हैं। इनमें से जनेस्वरो गांव की रहने वाली मीना अपने पति वकील व दो बच्चों के साथ छोड़े से घर में रहती हैं। पति वकील दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इसी तरह घीसरपड़ा गांव की रहने वाली कृष्णना भी अपने मजदूर पति रामपाल के साथ छोटे से घर में रहती हैं। मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री के वादे के बाद हमें काफी खुशी हुई थे। घर पहुंचने पर मुख्यमंत्री की बातें अपने परिवार के साथ पड़ोसियों को भी बताई। सभी दिनभर घर बैठकर अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।
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एंकर या फिर टाप बाक्स (लोगों को संबोधित करते हुए फोटो लगाया जा सकता है)
-देर शाम तक दो परिवार करते रहे इंतजार, अधिकारियों के पास नहीं सीएम के आदेश का पालन करने का समय
-एसडीएम बोली, कागजी कार्रवाई जारी, आज दिये जाएंगे सिलेंडर
फोटो संख्या-16
अमर उजाला ब्यूरो
इंद्री (करनाल)। माना जाता है कि किसी सूबे के मुख्यमंत्री जब अधिकारियों को कोई निर्देश देते हैं तो अधिकारी उसे तय समय पूरा करते हैं, अगर वही निर्देश मुख्यमंत्री द्वारा खुले मंच से हजारों की भीड़ में मिले तो उसे अधिकारी तयशुदा वक्त में जरूर पूरा करते हैं। योग दिवस पर इंद्री पहुंचे मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी भारी भीड़ देखकर जोश-जोश में इसी तरह का निर्देश अपने अधिकारियों को दे दिया, लेकिन वह सिर्फ निर्देश तक ही सीमित रह गया। सीएम ने खुले मंच से दो महिलाओं से वादा किया था कि आज शाम तक तुम्हारे घर रसोई गैस सिलेंडर पहुंच जाएगा, लेकिन अधिकारियों की कागजी कार्रवाई के कारण सीएम अपना वादा नहीं पूरा कर पाए। फिलहाल सीएम का वादा कागजी प्रक्रिया के बीच फंसा है। दोनों परिवारों ने देर शाम तक गैस सिलेंडर का इंतजार किया, लेकिन केवल सीएम का वादा समझकर फिर से उम्मीद छोड़ दी और आखिरकार हमेशा की तरह मिट्टी का चूल्हा ही काम आया। एक बार फिर अधिकारियों ने साबित कर दिया कि प्रदेश में अफसरशाही कितनी हावी है।
बुधवार को अनाज मंडी में आयोजित योग शिविर में उमड़ी भारी भीड़ देखकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर काफी खुश नजर आ रहे थे। योग के बाद वे लोगों को अपने द्वारा किए गए विकास कार्यों व योजनाओं को बता रहे थे। इस दौरान वे प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के बारे में बताते हुए लोगों से पूछा कि जिन लोगों के पास रसोई गैस कनेक्शन नहीं है, वे अपना हाथ खड़ा करें। इस पर हजारों की भीड़ में से दो महिलाओं ने हाथ खड़ा किया और बताया कि उनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। इस पर मुख्यमंत्री ने एसडीएम इंद्री मनीषा शर्मा को निर्देश दिए कि इन दोनों पात्र व्यक्तियों के घर शाम तक हरहाल में गैस सिलेंडर पहुंच जाना चाहिए। मुख्यमंत्री की यह बात सुनकर पंडाल बैठे तालियों की गड़गड़ाहट के साथ मुख्यमंत्री जिंदाबाद के नारों लगा उनके इस आदेश का स्वागत किया। लोगों का उत्साह देख सीएम भी मंद-मंद मुस्कुराते रहे, लेकिन उन्हें नहीं पता था कि जो आदेश दे उन्हें हजारों की भीड़ से यह सम्मान मिला है, वह उनके अधिकारी नहीं पूरा कर पाएंगे। पात्र महिलाएं भी मुख्यमंत्री के इस आदेश से काफी खुश नजर आ रही थी, अधिकारी तत्काल इनके पास पहुंचकर नाम भी नोट किए, लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही अधिकारी उनके वादे को भी भूल गए। दोनों महिलाएं खुशी खुशी अपने घर गई और परिवार वालों को योग शिविर में जाने का फायदा बताया। बोली, एक दिन के योग से शरीर में बेशक फायदा न हो, लेकिन जाने का फायदा जरूर मिल गया, घर में अब गैस सिलेंडर से रोटियां बनेंगी। सीएम के आदेश की बात बताने पर परिवार वाले भी खु शी से झूम उठे, इतना ही नहीं महिलाओं ने पड़ोसियों को भी बता दिया, लेकिन ये खुशी केवल शाम तक ही ठहर सकी। शाम तक गैस सिलेंडर घर आने की बाट जोहती रही, लेकिन देर शाम तक न तो गैस सिलेंडर इनके घर पहुंचा और न तो कोई अधिकारी। इस संबंध में जब एसडीएम मनीषा शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कागजी कार्रवाई की जा रही है, गुरुवार को दोनों पात्र महिलाओं को दफ्तर में बुलाकर गैस सिलेंडर दिएं जाएंगे।
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बीपीएल परिवार की है दोनों महिलाएं
जिन दो महिलाओं को मुख्यमंत्री ने गैस सिलेंडर दिलाने का वादा किया था, वो दोनों बीपीएल परिवार से हैं। इनमें से जनेस्वरो गांव की रहने वाली मीना अपने पति वकील व दो बच्चों के साथ छोड़े से घर में रहती हैं। पति वकील दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। इसी तरह घीसरपड़ा गांव की रहने वाली कृष्णना भी अपने मजदूर पति रामपाल के साथ छोटे से घर में रहती हैं। मीना ने कहा कि मुख्यमंत्री के वादे के बाद हमें काफी खुशी हुई थे। घर पहुंचने पर मुख्यमंत्री की बातें अपने परिवार के साथ पड़ोसियों को भी बताई। सभी दिनभर घर बैठकर अधिकारियों का इंतजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं आया।
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