{"_id":"6684a21889f3c9b76a0c8ec4","slug":"49-teachers-sent-to-other-sections-instead-of-nearest-school-karnal-news-c-18-knl1008-421958-2024-07-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: नजदीकी स्कूल की बजाय दूसरे खंडों में भेज दिए 49 शिक्षक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: नजदीकी स्कूल की बजाय दूसरे खंडों में भेज दिए 49 शिक्षक
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- नियमों की अनदेखी, इंद्री के शिक्षक असंध और करनाल से भेजे नीलोखेड़ी, समायोजित 89 शिक्षकों में 82 महिलाएं और सात दिव्यांग
- समायोजन से शिक्षकों में रोष, प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति ने लगाए नियमों में अनदेखी के आरोप
गगन तलवार
करनाल। बिना शिक्षक वाले स्कूलों में सरकार की ओर से उन स्कूलों से शिक्षक भेजने का निर्देश था, जो अपने स्कूल में अतिरिक्त थे। इसके लिए नजदीकी स्कूल में ही शिक्षकों को भेजने के निर्देश थे लेकिन करनाल जिले में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ। 50 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों के स्कूल के साथ-साथ खंड भी बदल दिए गए। इंद्री के ज्यादातर शिक्षक असंध और करनाल के शिक्षकों को नीलोखेड़ी तक भेजा गया।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी समायोजन सूची में जिले के 89 शिक्षकों का नाम है। इस सूची में 49 शिक्षकों के खंड बदले गए हैं। वहीं 89 शिक्षकों में 82 महिलाएं और सात दिव्यांग शिक्षकों का भी नाम है। जिन्हें स्कूलों की ओर से रिलीव करना भी शुरू कर दिया गया है। इधर, जिस शिक्षक को नजदीकी स्कूल आवंटित न करके दूसरे खंड या दूर के स्कूल में भेजा गया है, उन्होंने जिला कार्यालय पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए समायोजन सूची दोबारा जारी करने की मांग की है। जारी सूची के अनुसार, असंध, नीलोखेड़ी और निसिंग से 27 शिक्षक समायोजित होकर दूसरे स्कूल या खंड में गए हैं, जबकि यहां पर 66 शिक्षक दूसरे खंड से आए हैं।
56 स्कूलों में शिक्षक नहीं, 173 में अतिरिक्त
करनाल जिले में शिक्षकों की स्थिति देखें तो यहां पर 20 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। जबकि 36 स्कूलों में पढ़ाई महज एक शिक्षक के सहारे है। इसी तरह 173 स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक कार्यरत हैं। बिना शिक्षक वाले स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए शिक्षा निदेशालय की ओर से इन स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक वाले स्कूलों से शिक्षकों को तब तक के लिए समायोजित करने के निर्देश हैं, जब तक तबादला प्रक्रिया नहीं शुरू हो जाती। प्रदेश में बिना शिक्षक वाले 355 और एक शिक्षक वाले 838 स्कूल हैं।
विज्ञापन
किस खंड से कितने शिक्षक गए और आए
खंड
गए
आए
असंध
08
32
नीलोखेड़ी
08
20
निसिंग
11
14
इंद्री
17
09
करनाल
29
06
घरौंडा
15
07
दिव्यांगों व महिला शिक्षकों को भी भेजा दूर
- लघु सचिवालय में प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति ने किया प्रदर्शन
करनाल। प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति की ओर से समायोजन प्रक्रिया में आरोप लगाते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गई। लघु सचिवालय में प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अधीक्षक को मांगपत्र भी सौंपा गया। जिसमें उन्होंने नए तरीके से समायोजन करने की मांग की है। वहीं सीएम आवास पर जाकर ओएसडी संजय बठला को भी ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रवक्ता नरेंद्र संधु ने की। शिक्षकों ने कहा कि विभाग के निर्देश के अनुसार, विकलांग, विधवा और महिलाओं को प्राथमिक वरीयता देनी है। इन्हें नजदीकी स्टेशन दिया जाएगा। परंतु जिला स्तर पर बिना काउंसिलिंग के और बिना पूर्व सहमति से तानाशाही तरीके से विकलांग, विधवा और महिला शिक्षकों को दूर-दूर के स्कूलों में समायोजित किया गया है। इससे शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। समिति ने मांग की है कि इस समायोजन को रद्द करते हुए नए तरीके से सूची बनाई जाए और सभी को नजदीकी स्कूल ही दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। ब्यूरो
विज्ञापन
- समायोजन से शिक्षकों में रोष, प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति ने लगाए नियमों में अनदेखी के आरोप
गगन तलवार
करनाल। बिना शिक्षक वाले स्कूलों में सरकार की ओर से उन स्कूलों से शिक्षक भेजने का निर्देश था, जो अपने स्कूल में अतिरिक्त थे। इसके लिए नजदीकी स्कूल में ही शिक्षकों को भेजने के निर्देश थे लेकिन करनाल जिले में इन निर्देशों का पालन नहीं हुआ। 50 प्रतिशत से ज्यादा शिक्षकों के स्कूल के साथ-साथ खंड भी बदल दिए गए। इंद्री के ज्यादातर शिक्षक असंध और करनाल के शिक्षकों को नीलोखेड़ी तक भेजा गया।
जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी समायोजन सूची में जिले के 89 शिक्षकों का नाम है। इस सूची में 49 शिक्षकों के खंड बदले गए हैं। वहीं 89 शिक्षकों में 82 महिलाएं और सात दिव्यांग शिक्षकों का भी नाम है। जिन्हें स्कूलों की ओर से रिलीव करना भी शुरू कर दिया गया है। इधर, जिस शिक्षक को नजदीकी स्कूल आवंटित न करके दूसरे खंड या दूर के स्कूल में भेजा गया है, उन्होंने जिला कार्यालय पर नियमों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए समायोजन सूची दोबारा जारी करने की मांग की है। जारी सूची के अनुसार, असंध, नीलोखेड़ी और निसिंग से 27 शिक्षक समायोजित होकर दूसरे स्कूल या खंड में गए हैं, जबकि यहां पर 66 शिक्षक दूसरे खंड से आए हैं।
विज्ञापन
56 स्कूलों में शिक्षक नहीं, 173 में अतिरिक्त
करनाल जिले में शिक्षकों की स्थिति देखें तो यहां पर 20 प्राथमिक स्कूल ऐसे हैं, जिनमें एक भी शिक्षक नहीं है। जबकि 36 स्कूलों में पढ़ाई महज एक शिक्षक के सहारे है। इसी तरह 173 स्कूलों में जरूरत से ज्यादा शिक्षक कार्यरत हैं। बिना शिक्षक वाले स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसलिए शिक्षा निदेशालय की ओर से इन स्कूलों में अतिरिक्त शिक्षक वाले स्कूलों से शिक्षकों को तब तक के लिए समायोजित करने के निर्देश हैं, जब तक तबादला प्रक्रिया नहीं शुरू हो जाती। प्रदेश में बिना शिक्षक वाले 355 और एक शिक्षक वाले 838 स्कूल हैं।
विज्ञापन
किस खंड से कितने शिक्षक गए और आए
खंड
गए
आए
असंध
08
32
नीलोखेड़ी
08
20
निसिंग
11
14
इंद्री
17
09
करनाल
29
06
घरौंडा
15
07
दिव्यांगों व महिला शिक्षकों को भी भेजा दूर
- लघु सचिवालय में प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति ने किया प्रदर्शन
करनाल। प्राथमिक अतिथि अध्यापक कल्याण समिति की ओर से समायोजन प्रक्रिया में आरोप लगाते हुए विभाग के खिलाफ नारेबाजी की गई। लघु सचिवालय में प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के अधीक्षक को मांगपत्र भी सौंपा गया। जिसमें उन्होंने नए तरीके से समायोजन करने की मांग की है। वहीं सीएम आवास पर जाकर ओएसडी संजय बठला को भी ज्ञापन सौंपा।
प्रदर्शन की अध्यक्षता प्रवक्ता नरेंद्र संधु ने की। शिक्षकों ने कहा कि विभाग के निर्देश के अनुसार, विकलांग, विधवा और महिलाओं को प्राथमिक वरीयता देनी है। इन्हें नजदीकी स्टेशन दिया जाएगा। परंतु जिला स्तर पर बिना काउंसिलिंग के और बिना पूर्व सहमति से तानाशाही तरीके से विकलांग, विधवा और महिला शिक्षकों को दूर-दूर के स्कूलों में समायोजित किया गया है। इससे शिक्षकों को काफी परेशानी उठानी पड़ेगी। समिति ने मांग की है कि इस समायोजन को रद्द करते हुए नए तरीके से सूची बनाई जाए और सभी को नजदीकी स्कूल ही दिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान काफी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे। ब्यूरो