{"_id":"677319062587ca6f670e2834","slug":"46-crops-included-in-horticulture-insurance-scheme-karnal-news-c-18-knl1008-550291-2024-12-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Karnal News: बागवानी बीमा योजना में शामिल कीं 46 फसलें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Karnal News: बागवानी बीमा योजना में शामिल कीं 46 फसलें
Tue, 31 Dec 2024 03:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
Updated Tue, 31 Dec 2024 03:46 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मूनक। मौसम की वजह से फसलों को होने वाली नुकसान की भरपाई सरकार की मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना से की जा सकती है। योजना का मकसद बागवानी की फसलों में प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। इस योजना में 46 फसलें शामिल हैं।
योजना के तहत किसानों को सब्जियों और मसालों पर प्रति एकड़ 750 रुपये और फलों पर 1,000 रुपये प्रीमियम देना होता है । इसके बदले, किसानों को क्षतिपूर्ति के तौर पर सब्जियों पर 15,000 से 30,000 रुपये और फलों पर 20,000 से 40,000 रुपये की राशि दी जाती है। योजना में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाएं शामिल रहेंगी। इनमें ओलावृष्टि, तापमान, पाला जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर, ड्रेन का टूटना, जलभराव) आंधी तूफान व आग शामिल रहेंगी।
योजना में अरबी, भिंडी, करेला, लौकी, बैंगन, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, गाजर, गोभी, मिर्च, खीरा, ककड़ी, खरबूज, प्याज, मटर,आलू, कद्दू, मूली, तोरइ, टिंडा, जुकिनी, टमाटर, तरबूज, आंवला, बेर, चीकू, खजूर, ड्रैगन फल, अंजीर, अंगूर, अमरूद, जामुन, किन्नू, लैमन, नींबू, लीची, मालटा, संतरा, आम, आड़ू, नाशपाती आलुबुख़ारा, अनार और स्ट्राबेरी को शामिल किया गया है। इसके अलावा मसालों में हल्दी, लेहन भी शामिल है। योजना की अधिक जानकारी के लिए सरकार ने किसानों के लिए टोल फ्री नंबर -1800-180-2021 जारी किया है। इस नंबर पर कॉलकर किसान जानकारी ले सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मूनक। मौसम की वजह से फसलों को होने वाली नुकसान की भरपाई सरकार की मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना से की जा सकती है। योजना का मकसद बागवानी की फसलों में प्राकृतिक आपदाओं और प्रतिकूल मौसम की वजह से होने वाले नुकसान की भरपाई करना है। इस योजना में 46 फसलें शामिल हैं।
योजना के तहत किसानों को सब्जियों और मसालों पर प्रति एकड़ 750 रुपये और फलों पर 1,000 रुपये प्रीमियम देना होता है । इसके बदले, किसानों को क्षतिपूर्ति के तौर पर सब्जियों पर 15,000 से 30,000 रुपये और फलों पर 20,000 से 40,000 रुपये की राशि दी जाती है। योजना में प्रतिकूल मौसम व प्राकृतिक आपदाएं शामिल रहेंगी। इनमें ओलावृष्टि, तापमान, पाला जल कारक (बाढ़, बादल फटना, नहर, ड्रेन का टूटना, जलभराव) आंधी तूफान व आग शामिल रहेंगी।
विज्ञापन
योजना में अरबी, भिंडी, करेला, लौकी, बैंगन, पत्ता गोभी, शिमला मिर्च, गाजर, गोभी, मिर्च, खीरा, ककड़ी, खरबूज, प्याज, मटर,आलू, कद्दू, मूली, तोरइ, टिंडा, जुकिनी, टमाटर, तरबूज, आंवला, बेर, चीकू, खजूर, ड्रैगन फल, अंजीर, अंगूर, अमरूद, जामुन, किन्नू, लैमन, नींबू, लीची, मालटा, संतरा, आम, आड़ू, नाशपाती आलुबुख़ारा, अनार और स्ट्राबेरी को शामिल किया गया है। इसके अलावा मसालों में हल्दी, लेहन भी शामिल है। योजना की अधिक जानकारी के लिए सरकार ने किसानों के लिए टोल फ्री नंबर -1800-180-2021 जारी किया है। इस नंबर पर कॉलकर किसान जानकारी ले सकते हैं।
विज्ञापन