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डीएफएससी विभाग पर फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में : कष्ट निवारण समिति की बैठक में सभी सदस्य बोले, डिपो होल्डर्स नहीं देते

Fri, 22 Jun 2018 11:28 PM IST
Updated Fri, 22 Jun 2018 11:28 PM IST
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डीएफएससी विभाग पर फिर भ्रष्टाचार के आरोपों के घेरे में : कष्ट निवारण  समिति की बैठक में सभी सदस्य बोले, डिपो होल्डर्स नहीं देते
करनाल। अपनी करतूतों के लिए हर समय सुर्खियों में रहने वाले डीएफएससी विभाग पर एक बार फिर से भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं। इस बार आरोप किसी व्यक्ति ने नहीं बल्कि जिला कष्ट निवारण समिति के सभी सदस्यों ने एक सुर में लगाए हैं। ऐसे में यह अपने आप में एक बड़ा गंभीर मामला है। आरोप है कि जिलेभर में डिपो होल्डर्स संबंधित व्यक्ति ने बायोमेट्रिक मशीन से अंगूठा तो लगवा लेते हैं, लेकिन उनको कितना राशन दिया गया, इसकी रसीद नहीं देते। न ही उनके मोबाइल पर कोई जानकारी आती है, जबकि जनवरी माह से यह आनलाइन प्रणाली चली हुई है। इसके बावजूद अधिकारियों को मिलीभगत के चलते डिपो होल्डर्स खुलेआम पात्र लोगों को कम राशन देकर ठगी कर रहे हैं और विभाग के अधिकारी उनको बचा रहे हैं।
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यह मामला बुधवार को पंचायत भवन में हुई जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में सामने आया। हरियाणा के श्रम एवं रोजगार राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी जब डीएफएससी विभाग के खिलाफ एक शिकायत सुन रहे थे तो मंत्री ने शिकायतकर्ता से पूछा कि आपके पास राशन मिलने की रसीद है, तो शिकायतकर्ता ने मना कर दिया। इस पर जब मंत्री ने डीएफएससी ने जवाब मांगा तो वे कोई ठोस जवाब नहीं दे पाए और मामले को घुमाने की कोशिश की।
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डीएफएससी कुशल बुरा द्वारा डिपो होल्डर्स का बचाव करता देख बैठक के अंदर बैठे कष्ट निवारण समिति के सभी सदस्यों ने हाथ हिलाकर कहा कि जिले भर में कहीं पर भी डिपो होल्डर्स राशन देने के बाद पात्र लोगों को रसीद नहीं देते हैं और अपने पास ही रख लेते हैं। इस पर भी डीएफएससी नहीं माने तो स्पष्टीकरण देने लगे तो मंत्री ने कहा कि ये सारा सदन झूठ बोल रहा है। मंत्री ने इस मामले में डीसी व डीएफएससी दोनों को आदेश दिये इस मामले की गंभीरता से जांच की जाए और राशन लेने वाले व्यक्ति को न केवल रसीद मिले, बल्कि उसके मोबाइल में भी मैसेज भेजा जाए। गौरतलब है कि हर माह डीएफएससी व डिपो होल्डर्स की शिकायतें आ रही हैं। शिकायतों के अनुसार डिपो होल्डर्स पात्र लोगों को कम राशन देते हैं, जबकि अंगूठा पूरे सामान पर लगवाते हैं। ऐसे में जिलेभर में यह भ्रष्टाचार गरीब लोगों के साथ किया जा रहा है। इस मौके पर असंध के विधायक बख्शीश सिंह विर्क, नीलोखेड़ी के विधायक भगवानदास कबीरपंथी, भाजपा के जिलाध्यक्ष जगमोहन आंनद, महिला मोर्चा भाजपा की प्रदेशाध्यक्ष निर्मला बैरागी, पूर्व विधायक रमेश कश्यप, नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर कृष्ण गर्ग, रजनी चुघ, जगदेव पाढा, नंद लाल पांचाल, अशोक मदान, ईश्वर गुप्ता, डा. सुखबीर संधू, मीना काम्बोज, दर्शन सिंह सहगल, जनक पोपली, बलविंद्र कालड़ा, ईलम सिंह, निर्मल बहल, मेहम सिंह धीमान, दलबीर बसताड़ा, प्रशासन की ओर से डीसी डा. आदित्य दहिया, एसपी सुरेंद्र सिंह भोरिया सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे।
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मंत्री बोले, दाल में कुछ काला है, डाकघर में गड़बड़ी की जांच करेगी कमेटी
मंत्री ने शुक्रवार को स्थानीय पंचायत भवन में जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक की अध्यक्षता करते हुए 10 मामलों में से 8 का मौके पर निपटारा किया और एजेंडे के अतिरिक्त कई दर्जन लोगों की शिकायतें भी सुनीं। राज्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कष्ट निवारण समिति की बैठक के एजेंडे के अनुसार डाकघर में धोखाधड़ी की शिकायत मंजूरा, हथलाना, बजीदा रोड़ान इत्यादि गांव के हुकुम सिंह, नरेश कुमार की थी। इस शिकायत के समाधान के लिए मंत्री ने अधिकारियों व जिला कष्ट निवारण समिति के सदस्यों की कमेटी बनाई, जिसके परिणामस्वरूप आज की बैठक में डाकघर के जिला प्रवर अधीक्षक डॉ. प्रवीण सारवत ने इस शिकायत के बारे में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में कहा गया है कि शिकायकर्ताओं ने जो भी बीपीएम पाला राम के माध्यम से एफडीआर करवाई हैं, उनका एक भी पैसा डाकघर में जमा नहीं हुआ है, जिसके कारण डाकघर की इस पैसे के लिए कोई जिम्मेवारी नहीं बनती, परंतु मंत्री ने कहा कि बीपीएम पाला राम डाकघर का कर्मचारी था, उसके विश्वास पर ग्रामीणों ने एफडीआर करवाई है और उन्होंने जमा राशि की कॉपी व रसीद भी दी है, चाहे वह अब नकली क्यों न हो। डाकघर के अधिकारियों ने बीपीएम मंजूरा व वहां के डाकघर की कोई जांच नहीं की और न ही पासबुकों की तो मंत्री ने कहा ऐसे में कहीं न कहीं दाल में काला है। इसके लिए मंत्री ने आगामी कार्यवाही के लिए सभी शिकायतकर्ताओं को कहा कि वे अपने पूरे कागजों की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक को दें, ताकि मामले की पूरी गहनता से जांच हो सके, जो भी दोषी होगी उसे किसी भी तरह से बख्शा नहीं जाएगा।

डेरों में न घुसे पानी, पुख्ता हों इंतजाम
मंत्री नायब सिंह सैनी ने गांव सिंघड़ा व बालू में बरसाती पानी के जमा होने से खेतों में फसल नष्ट होने व डेरों में पानी संबंधी शिकायत पर कहा कि दोनों पक्ष आपस में एक निर्णय लें, किसी की फसल खराब न हो और न ही डेरों में पानी आए। उन्होंने इसके समाधान के लिए एसडीएम की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया। इस कमेटी में सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता, पुलिस उपाधीक्षक, जनक पोपली और पूर्व सरपंच बिट्टू को शामिल किया गया है। यह कमेटी मौके पर जाकर पूरी जमीन के लेवल की जांच करेगी और जहां भी पानी की निकासी हो सकती है वहां पानी की निकासी सुनिश्चित करवाएगी ताकि भविष्य में किसी को किसी भी प्रकार की दिक्कत न आए।


कॉलोनी में न घूमे सूअर
मंत्री नायब सिंह सैनी ने एजेंडे में बसंत विहार वेलफेयर एसोसिएशन ने कॉलोनी में घूमने वाले आवारा सूअरों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी शिकायत पर रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिस व्यक्ति के यह सूअर हैं उसकी पहचान कर ली गई और उसे नोटिस भी दिया गया है। सूअर मालिक ने कहा है कि उनके घर शादी है, 20-25 दिन के बाद वह सूअरों की व्यवस्था कर लेगा। इस पर मंत्री ने कहा कि यदि 25 दिन के बाद भी कोई सूअर कॉलोनी में आवारा घूमता है तो उसको पकड़ा जाए और मालिक के खिलाफ कार्यवाही की जाए। उन्होंने यह भी बताया कि यदि कोई डेरी की व्यवस्था बनती है उसको भी तुरंत अमल में लाया जाए।
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