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प्राण वायु देवता पेंशन के हकदार बने 37 पेड़

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 06 Jul 2022 02:18 AM IST
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37 trees entitled to Pran Vayu Devta pension
अरविंद बाजपेयी
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करनाल। प्राण वायु देवता पेंशन योजना के अंतर्गत अब तक जिले के वन विभाग में 180 से ज्यादा आवेदन आ चुके हैं। उसमें से 37 को प्राण वायु देवता स्कीम के लिए चुना गया है। अब इन पेड़ों की देखभाल करने वाले को 2500 रुपये सालाना दिया जाएगा। अधिकारियों ने वन विभाग के दफ्तर में आए आवेदनों की जांच के बाद यह सारा डाटा तैयार किया है। जिसके आवेदन ठीक पाए गए उसी के आधार पर प्राण वायु देवता पेंशन के लिए नाम भेजा गया। इसमें इंद्री, असंध और करनाल के 37 पेड़ हैं। जिनमें बड और पीपल के ज्यादा पेड़ शामिल हैं।
गत वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल ने इस योजना की घोषणा की थी। उसके बाद से ही वन अधिकारी इस योजना को अमली जामा पहनाने में जुटे थे। वन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए स्थानीय लोग अलग-अलग माध्यमों का उपयोग कर रहे हैं। इसमें व्हाट्सएप, फोन और मेल के माध्यम से सूचना प्रदान की गई थी। इसके अतिरिक्त करीब 180 से ज्यादा आवेदन आए थे। जिनके अपने पेड़ हैं, उन लाभार्थियों को पेड़ों की देखभाल के लिए पेंशन की राशि प्रदान की जाएगी। चाहे वह खेत का मालिक हो या घर का मालिक। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्कीम का लाभ लेने के लिए सीधे करनाल वन विभाग के कार्यालय में आवेदन करना होगा।
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बड़ और पीपल हैं सबसे ज्यादा बुजुर्ग
वन विभाग अधिकारियों के अनुसार सबसे ज्यादा वृद्ध पेड़ों की संख्या बड़ या फिर पीपल के पेड़ हैं। इसमें से काफी पेड़ खेतों में हैं और लोगों की जमीनों पर भी हैं। साथ ही वन विभाग की अपनी जमीन पर भी काफी ज्यादा पेड़ हैं। वन विभाग इस स्कीम के अंतर्गत वन विभाग के पुराने पेड़ों का डाटा भी तैयार कर रहा है।
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गांव बलड़ी में वर्षों पुराना पीपल का पेड़
बलड़ी में वर्षों पुराना पीपल का पेड़ है। जिसको विभाग के कर्मचारी आसपास के लोगों के सहयोग से सुरक्षित करने जा रहे हैं। कुछ खेतों को कॉलोनाइजरों ने खरीद लिया है, जिसमें ऐसे पेड़ हैं जो कि वर्षों पुराने हैं। जिनकी सूचना भी विभाग को मिली है।

मुख्यमंत्री द्वारा घोषित योजना के बाद विभाग ने आवेदनों के आधार पर डाटा तैयार किया। 180 से ज्यादा आवेदन आए थे। जिसमें से इंद्री, असंध और करनाल के 37 पेड़ों को इसके लिए चुना गया है। प्राण वायु देवता पेंशन स्कीम एक बेहतरीन योजना है, इसमें ज्यादा योगदान आम लोगों का है, जो कि पुराने हो चुके पेड़ों के संबंध में जानकारी दे रहे हैं।
जय कुमार, जिला वन अधिकारी
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