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रोजगार अधिकारी सहित दो के खिलाफ 23 लाख हड़पने के आरोप में केस दर्ज
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करनाल। रोहतक निवासी एक व्यक्ति ने करनाल के रोजगार अधिकारी व उसके एक रिश्तेदार पर बेटे को नौकरी दिलाने के नाम पर 23 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाते हुए गृहमंत्री अनिल विज को शिकायत दी है। उनके आदेश पर सिटी थाना ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रोहतक के डेहरी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र सिंह ने हरियाणा के गृहमंत्री को शिकायत देकर आरोप लगाया कि करनाल के रोजगार अधिकारी शमशेर सिंह कलिंगा ने अपने रिस्तेदार के साथ मिलकर उसके बेटे को नौकरी दिलाने 17 लाख रुपये लिए थे। जिसमें एक लाख रुपये विष्णु नाम के व्यक्ति के माध्यम से लिए जो शमशेर सिंह का आदमी है। एक लाख रुपये उससे मंगवाए। पांच लाख रुपये बाद में शमशेर सिंह ने अपने रिश्तेदार के साथ आकर उसके घर से लिए। आठ लाख रुपये के चेक लिए, फिर दो लाख रुपये उसके रिश्तेदार ने घर आकर लिए। लेकिन जब उसके बेटे की नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर शमशेर ने कहा कि उसके पास दो हजार वर्ग गज का प्लाट है, इसमें आधा प्लाट वह उसके बेटे के नाम पर करा देगा, इसके लिए उसे छह लाख रुपये और देने होंगे। कुल 23 लाख रुपये आ जाएंगे जो प्लाट की कीमत के बराबर हो जाएंगे। वह इस बात पर राजी हो गया। शमशेर सिंह ने इकरारनामा भी करा दिया लेकिन जब प्लाट की रजिस्ट्री करानी चाही तो पता चला कि प्लाट की रजिस्ट्री पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम हो चुकी है। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि शमशेर सिंह ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उसके 23 लाख रुपये हड़प लिए हैं। यह मामला जब पुलिस अधीक्षक के माध्यम से थाने पहुंचा तो पुलिस ने रोजगार अधिकारी शमशेर सिंह व उसके रिश्तेदार के खिलाफ विश्वास का हनन करने और धोखाधड़ी करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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रोहतक के डेहरी मोहल्ला निवासी सुरेंद्र सिंह ने हरियाणा के गृहमंत्री को शिकायत देकर आरोप लगाया कि करनाल के रोजगार अधिकारी शमशेर सिंह कलिंगा ने अपने रिस्तेदार के साथ मिलकर उसके बेटे को नौकरी दिलाने 17 लाख रुपये लिए थे। जिसमें एक लाख रुपये विष्णु नाम के व्यक्ति के माध्यम से लिए जो शमशेर सिंह का आदमी है। एक लाख रुपये उससे मंगवाए। पांच लाख रुपये बाद में शमशेर सिंह ने अपने रिश्तेदार के साथ आकर उसके घर से लिए। आठ लाख रुपये के चेक लिए, फिर दो लाख रुपये उसके रिश्तेदार ने घर आकर लिए। लेकिन जब उसके बेटे की नौकरी नहीं लगी तो उसने अपने रुपये वापस मांगे। इस पर शमशेर ने कहा कि उसके पास दो हजार वर्ग गज का प्लाट है, इसमें आधा प्लाट वह उसके बेटे के नाम पर करा देगा, इसके लिए उसे छह लाख रुपये और देने होंगे। कुल 23 लाख रुपये आ जाएंगे जो प्लाट की कीमत के बराबर हो जाएंगे। वह इस बात पर राजी हो गया। शमशेर सिंह ने इकरारनामा भी करा दिया लेकिन जब प्लाट की रजिस्ट्री करानी चाही तो पता चला कि प्लाट की रजिस्ट्री पहले ही किसी अन्य व्यक्ति के नाम हो चुकी है। सुरेंद्र ने आरोप लगाया कि शमशेर सिंह ने अपने रिश्तेदार के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से उसके 23 लाख रुपये हड़प लिए हैं। यह मामला जब पुलिस अधीक्षक के माध्यम से थाने पहुंचा तो पुलिस ने रोजगार अधिकारी शमशेर सिंह व उसके रिश्तेदार के खिलाफ विश्वास का हनन करने और धोखाधड़ी करने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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