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बैंक से लोन दिलाने के नाम पर ठगे 2.7 लाख रुपये
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असंध के गांव पौपड़ा निवासी एक व्यक्ति को बैंक से लोन दिलाने के नाम पर 2.7 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। चारों आरोपी कई माह तक पीड़ित के घर आते-जाते रहे। आरोपियों ने पीड़ित से सिंबल ठीक कराने के नाम पर उसके खाते में डेढ़ लाख रुपये जमा करवा दिए और सिक्योरिटी के तौर पर पांच चेक ले लिए। जिसके बाद तीन बार में पीड़ित के खाते से एक लाख 44 हजार रुपये निकाल लिए और नकद 30 हजार, 28 हजार और पांच हजार रुपये ले लिए। थाना असंध पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।
पीड़ित सुभाष चंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी रवि, रीना, सुदेश निवासी जिला जींद व अशोक निवासी असंध से नौ माह पहले उसकी जान पहचान हुई थी। एक दिन रवि ने बताया कि वह होम लोन दिलाता है। उसने कहा कि उसका भी होम लोन पास करवा दो। रवि ने कहा कि 30 हजार रुपये में तीन साल की आईटीआर तैयार करवानी पड़ेगी। उसने रवि को 30 हजार रुपये दे दिए। इसके अलावा रवि ने कहा कि बैंक ऑफिसर स्थलीय सत्यापन के लिए आएंगे। जिसके लिए खर्च जमा करवाना पड़ेगा। उसने कई बार में ऑनलाइन रवि को 28 हजार रुपये दे दिए। जनवरी में एक महिला उसके घर आई और कहा कि वह पिछली तारीखों में आईटीआर तैयार करती है। इसके बाद रवि अलग-अलग लोगों को यूको बैंक के बताकर उसके मकान का निरीक्षण करवाने लाता रहा और मकान के फोटो ले गए।
आरोपियों ने उससे कहा कि बैंक के अपने खाते में एक लाख से ऊपर की राशि जमा करवा दो ताकि उसका सिंबल सुधर जाए। उस समय उसके खाते में 44 हजार रुपये थे। उसने एक लाख रुपये और जमा करवा दिए। मई 2022 को रवि ने उसको फोन कर कहा कि उसका साढ़े पांच लाख रुपये का लोन पास हो गया है। दो दिन बाद रवि उसके घर आया और पांच खाली चेक पर हस्ताक्षर करा ले गया। 10 मई को रवि, रीना, सुदेश व अशोक उसके घर का नक्शा बनाने आए और अपनी डायरी में मकान का नक्शा तैयार किया और पांच हजार रुपये ले गए। इसके बाद 11 मई को रवि ने चेक लगाकर दो बार में एक लाख रुपये निकाल लिए। 12 मई को फिर 40 हजार रुपये निकाल लिए। चारों आरोपियों ने उससे कुल 2.7 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
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पीड़ित सुभाष चंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि आरोपी रवि, रीना, सुदेश निवासी जिला जींद व अशोक निवासी असंध से नौ माह पहले उसकी जान पहचान हुई थी। एक दिन रवि ने बताया कि वह होम लोन दिलाता है। उसने कहा कि उसका भी होम लोन पास करवा दो। रवि ने कहा कि 30 हजार रुपये में तीन साल की आईटीआर तैयार करवानी पड़ेगी। उसने रवि को 30 हजार रुपये दे दिए। इसके अलावा रवि ने कहा कि बैंक ऑफिसर स्थलीय सत्यापन के लिए आएंगे। जिसके लिए खर्च जमा करवाना पड़ेगा। उसने कई बार में ऑनलाइन रवि को 28 हजार रुपये दे दिए। जनवरी में एक महिला उसके घर आई और कहा कि वह पिछली तारीखों में आईटीआर तैयार करती है। इसके बाद रवि अलग-अलग लोगों को यूको बैंक के बताकर उसके मकान का निरीक्षण करवाने लाता रहा और मकान के फोटो ले गए।
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आरोपियों ने उससे कहा कि बैंक के अपने खाते में एक लाख से ऊपर की राशि जमा करवा दो ताकि उसका सिंबल सुधर जाए। उस समय उसके खाते में 44 हजार रुपये थे। उसने एक लाख रुपये और जमा करवा दिए। मई 2022 को रवि ने उसको फोन कर कहा कि उसका साढ़े पांच लाख रुपये का लोन पास हो गया है। दो दिन बाद रवि उसके घर आया और पांच खाली चेक पर हस्ताक्षर करा ले गया। 10 मई को रवि, रीना, सुदेश व अशोक उसके घर का नक्शा बनाने आए और अपनी डायरी में मकान का नक्शा तैयार किया और पांच हजार रुपये ले गए। इसके बाद 11 मई को रवि ने चेक लगाकर दो बार में एक लाख रुपये निकाल लिए। 12 मई को फिर 40 हजार रुपये निकाल लिए। चारों आरोपियों ने उससे कुल 2.7 लाख रुपये की धोखाधड़ी कर ली।
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