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टोल टैक्स विवाद : विधायक और सांसद के आशवासन जारी, लोकल वाहन चालकों पर टैक्स पड़ रहा भारी
Updated Sat, 30 Jun 2018 11:48 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल(घरौंडा)। जीटी रोड पर गांव बसताड़ा के पास स्थित टोल प्लाजा पर लोकल वाहनों को लेकर चल रहा विवाद सीएम दरबार पहुंचने के बाद भी निपटने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ सांसद ने इस मामले को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है, साथ ही हालात को देखते हुए विधायक घरौंडा ने टोल टैक्स हटाओ संघर्ष समिति की बैठक बुलाई।
गंभीर बात ये है कि सांसद और विधायक द्वारा स्थायी समाधान तक लोकल वाहनों को नि:शुल्क निकालने के निर्देशों का कंपनी द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। फिलहाल कंपनी की ओर से बाउंसर तैनात किए गए हैं, उनकी मौजूदगी में लोकल वाहनों से भी जबरदस्ती टोल टैक्स वसूला जा रहा है। हालांकि, सीएम ने आदेश दिए थे कि इस मामले को लेकर आईजी करनाल व विधायक घरौंडा समाधान निकालेंगे।
विवाद को बढ़ता देख शनिवार को दोपहर बाद कल्याण कुटेल फार्म पर टोल हटाओ संघर्ष समिति व हैफेड चेयरमैन एवं विधायक हरविंद्र कल्याण के बीच बैठक हुई। बैठक में टोल संघर्ष समिति के सभी 31 सदस्य शामिल हुए। टोल संघर्ष समिति की ओर से विधायक को बताया गया कि आज भी टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों के बर्ताव में किसी तरह की कोई चेंजिंग नहीं आई है। टोल पर लोकल वाहन चालकों को निकलने नहीं दिया जाता। वे जो आईडी दिखाते हैं, उन्हें जबरदस्ती छीनने का प्रयास किया जाता है और धक्के से पास बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि टोल के अधिकारी व कर्मचारी विधायक व सांसद द्वारा जनता को दिए गए आश्वासनों के विपरीत काम कर रहे हैं। इलाके के लोग नेताओं के आश्वासन के बाद पूरी तरह से शांत हैं, लेकिन टोल की तरफ से न तो कोई ढिलाई जैसी बात सामने आ रही है और न ही कर्मचारियों के रवैये में किसी तरह को कोई बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के दौरान विधायक हरविंद्र कल्याण ने करनाल के एसपी सुरेंद्र भौरिया को फोन किया व टोल हटाओ संघर्ष समिति के सदस्यों को आश्वासन दिया कि अगले चार पांच दिनों में टोल विवाद को लेकर आपस की सहमति से ठोस निर्णय लिया जाएगा। पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहले से हैं और मुख्यमंत्री के आदेश पर इस विवाद को निपटाने के लिए कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। विधायक ने यह भी आश्वासन दिया कि तब तक पहले की तरह लोकल वाहनों की आना जाना बना रहेगा। विधायक हरविंद्र कल्याण के साथ हुई बैठक में नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता, सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह, पूर्व अध्यक्ष पवन स्टौंडी, ट्रक यूनियन प्रधान राजबीर, पूर्व प्रधान राजकुमार, राजीव सैन, मुनीष गुप्ता, विकास राणा, पार्षद ओंकार, सुरेंद्र सिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।
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आखिर पूरे हलके को क्यों भूल गए सांसद
संघर्ष समिति के सदस्यों ने सांसद अश्विनी चोपड़ा द्वारा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में केवल गांव बसताड़ा का जिक्र करने पर नाराजगी जताई। सदस्यों ने कहा कि बसताड़ा गांव के अलावा घरौंडा शहर व आस पास के गांव का उन्होंने पत्र में जिक्र तक नहीं किया, जबकि हलके के लोगों ने सांसद से यह मांग की थी कि विधानसभा घरौंडा के सभी लोकल वाहन चालकों को पहले की तरह टोल से नि:शुल्क आने जाने दिया जाए। नितिन गडकरी को लिखे पत्र में करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा ने सिर्फ बसताड़ा गांव के लोकल लोगों के लिए नि:शुल्क आने जाने की बात तो लिख दी, यह पूरे क्षेत्र के लिए होनी चाहिए।
सोमवार तक निकालेंगे समाधान : विधायक
टोल पर उपजे विवाद के मद्देनजर दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही हैं। लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई है कि वे कोई भी गैर कानूनी कदम न उठाए। टोल के खिलाफ मिली शिकायतों के बारे में एसपी करनाल से बातचीत की गई है कि वे स्थानीय लोगों के साथ शालीनता से बर्ताव करें। उम्मीद है कि सोमवार तक इस समस्या का स्थायी हल हो जाएगा। दोनों पक्षों को चाहिए कि वे सही तरीके से पेश आएं और कानून का पालन करें, क्योंकि विवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, समाधान केवल बातचीत से ही होगा।
-हरविंद्र कल्याण, हैफेड चेयरमैन हरियाणा एवं विधायक हल्का घरौंडा।
कोई वाहन फ्री नहीं है : मैनेजर
कोई वाहन फ्री नहीं है। लोकल वाहन चालक अपने पास बनाएं, ताकि किसी वाहन चालक को कोई परेशानी न हो। टोल पर कर्मचारियों द्वारा किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाता है। जब वाहन चालक गलत करता है तो उसे केवल टैक्स देने के लिए कहा जाता है। कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आदेश नहीं हैं और न ही एनएचएआई की ओर से, इसलिए लोकल और बाहरी कोई भी वाहन हो, उससे टैक्स वसूला जा रहा है।
-वरूण कुमार, मैनेजर, टोल बसताड़ा
मंत्री को लिखा पत्र, मांग नहीं मानी तो धरने पर बैठ जाऊंगा : सांसद
मैंने बसताड़ा टोल प्लाजा व पानीपत टोल प्लाजा दोनों टोल टैक्स को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखा है और मांग की है कि लोकल वाहन चालकों से टैक्स न वसूला जाए। जहां तक पत्र में केवल बसताड़ा की बात है, वो केवल टोल प्लाजा का नाम है, मेरी मांग अकेले गांव बसतड़ा को टोल फ्री करने की नहीं है, बल्कि घरौंडा समेत आसपास के एरिये के लोगों की है। मुझे उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री इसका समाधान नहीं निकालेंगे, अगर टोल फ्री नहीं हुआ तो वे जनता के साथ हैं और धरने पर बैठने से भी नहीं चूकेंगे। मैं हर समय जनता के साथ हूं और रहूंगा।
-अश्विनी चोपड़ा, सांसद करनाल।
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करनाल(घरौंडा)। जीटी रोड पर गांव बसताड़ा के पास स्थित टोल प्लाजा पर लोकल वाहनों को लेकर चल रहा विवाद सीएम दरबार पहुंचने के बाद भी निपटने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ सांसद ने इस मामले को लेकर केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को पत्र लिखा है, साथ ही हालात को देखते हुए विधायक घरौंडा ने टोल टैक्स हटाओ संघर्ष समिति की बैठक बुलाई।
गंभीर बात ये है कि सांसद और विधायक द्वारा स्थायी समाधान तक लोकल वाहनों को नि:शुल्क निकालने के निर्देशों का कंपनी द्वारा पालन नहीं किया जा रहा है। फिलहाल कंपनी की ओर से बाउंसर तैनात किए गए हैं, उनकी मौजूदगी में लोकल वाहनों से भी जबरदस्ती टोल टैक्स वसूला जा रहा है। हालांकि, सीएम ने आदेश दिए थे कि इस मामले को लेकर आईजी करनाल व विधायक घरौंडा समाधान निकालेंगे।
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विवाद को बढ़ता देख शनिवार को दोपहर बाद कल्याण कुटेल फार्म पर टोल हटाओ संघर्ष समिति व हैफेड चेयरमैन एवं विधायक हरविंद्र कल्याण के बीच बैठक हुई। बैठक में टोल संघर्ष समिति के सभी 31 सदस्य शामिल हुए। टोल संघर्ष समिति की ओर से विधायक को बताया गया कि आज भी टोल प्लाजा पर तैनात कर्मचारियों के बर्ताव में किसी तरह की कोई चेंजिंग नहीं आई है। टोल पर लोकल वाहन चालकों को निकलने नहीं दिया जाता। वे जो आईडी दिखाते हैं, उन्हें जबरदस्ती छीनने का प्रयास किया जाता है और धक्के से पास बनवाने का दबाव बनाया जा रहा है। बैठक के दौरान यह भी सामने आया कि टोल के अधिकारी व कर्मचारी विधायक व सांसद द्वारा जनता को दिए गए आश्वासनों के विपरीत काम कर रहे हैं। इलाके के लोग नेताओं के आश्वासन के बाद पूरी तरह से शांत हैं, लेकिन टोल की तरफ से न तो कोई ढिलाई जैसी बात सामने आ रही है और न ही कर्मचारियों के रवैये में किसी तरह को कोई बदलाव देखने को मिल रहा है। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक के दौरान विधायक हरविंद्र कल्याण ने करनाल के एसपी सुरेंद्र भौरिया को फोन किया व टोल हटाओ संघर्ष समिति के सदस्यों को आश्वासन दिया कि अगले चार पांच दिनों में टोल विवाद को लेकर आपस की सहमति से ठोस निर्णय लिया जाएगा। पूरा मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में पहले से हैं और मुख्यमंत्री के आदेश पर इस विवाद को निपटाने के लिए कमेटी का गठन भी कर दिया गया है। विधायक ने यह भी आश्वासन दिया कि तब तक पहले की तरह लोकल वाहनों की आना जाना बना रहेगा। विधायक हरविंद्र कल्याण के साथ हुई बैठक में नपा अध्यक्ष सुभाष गुप्ता, सरपंच एसोसिएशन के अध्यक्ष अमर सिंह, पूर्व अध्यक्ष पवन स्टौंडी, ट्रक यूनियन प्रधान राजबीर, पूर्व प्रधान राजकुमार, राजीव सैन, मुनीष गुप्ता, विकास राणा, पार्षद ओंकार, सुरेंद्र सिंगला सहित अन्य मौजूद रहे।
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आखिर पूरे हलके को क्यों भूल गए सांसद
संघर्ष समिति के सदस्यों ने सांसद अश्विनी चोपड़ा द्वारा केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को लिखे पत्र में केवल गांव बसताड़ा का जिक्र करने पर नाराजगी जताई। सदस्यों ने कहा कि बसताड़ा गांव के अलावा घरौंडा शहर व आस पास के गांव का उन्होंने पत्र में जिक्र तक नहीं किया, जबकि हलके के लोगों ने सांसद से यह मांग की थी कि विधानसभा घरौंडा के सभी लोकल वाहन चालकों को पहले की तरह टोल से नि:शुल्क आने जाने दिया जाए। नितिन गडकरी को लिखे पत्र में करनाल के सांसद अश्विनी चोपड़ा ने सिर्फ बसताड़ा गांव के लोकल लोगों के लिए नि:शुल्क आने जाने की बात तो लिख दी, यह पूरे क्षेत्र के लिए होनी चाहिए।
सोमवार तक निकालेंगे समाधान : विधायक
टोल पर उपजे विवाद के मद्देनजर दोनों पक्षों से बातचीत की जा रही हैं। लोगों को शांति बनाए रखने की अपील की गई है कि वे कोई भी गैर कानूनी कदम न उठाए। टोल के खिलाफ मिली शिकायतों के बारे में एसपी करनाल से बातचीत की गई है कि वे स्थानीय लोगों के साथ शालीनता से बर्ताव करें। उम्मीद है कि सोमवार तक इस समस्या का स्थायी हल हो जाएगा। दोनों पक्षों को चाहिए कि वे सही तरीके से पेश आएं और कानून का पालन करें, क्योंकि विवाद किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, समाधान केवल बातचीत से ही होगा।
-हरविंद्र कल्याण, हैफेड चेयरमैन हरियाणा एवं विधायक हल्का घरौंडा।
कोई वाहन फ्री नहीं है : मैनेजर
कोई वाहन फ्री नहीं है। लोकल वाहन चालक अपने पास बनाएं, ताकि किसी वाहन चालक को कोई परेशानी न हो। टोल पर कर्मचारियों द्वारा किसी के साथ गलत व्यवहार नहीं किया जाता है। जब वाहन चालक गलत करता है तो उसे केवल टैक्स देने के लिए कहा जाता है। कंपनी की ओर से इस मामले में कोई आदेश नहीं हैं और न ही एनएचएआई की ओर से, इसलिए लोकल और बाहरी कोई भी वाहन हो, उससे टैक्स वसूला जा रहा है।
-वरूण कुमार, मैनेजर, टोल बसताड़ा
मंत्री को लिखा पत्र, मांग नहीं मानी तो धरने पर बैठ जाऊंगा : सांसद
मैंने बसताड़ा टोल प्लाजा व पानीपत टोल प्लाजा दोनों टोल टैक्स को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गड़करी को पत्र लिखा है और मांग की है कि लोकल वाहन चालकों से टैक्स न वसूला जाए। जहां तक पत्र में केवल बसताड़ा की बात है, वो केवल टोल प्लाजा का नाम है, मेरी मांग अकेले गांव बसतड़ा को टोल फ्री करने की नहीं है, बल्कि घरौंडा समेत आसपास के एरिये के लोगों की है। मुझे उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री इसका समाधान नहीं निकालेंगे, अगर टोल फ्री नहीं हुआ तो वे जनता के साथ हैं और धरने पर बैठने से भी नहीं चूकेंगे। मैं हर समय जनता के साथ हूं और रहूंगा।
-अश्विनी चोपड़ा, सांसद करनाल।