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ओवरब्रिज की दीवारें करेंगी स्वतंत्रता सेनानियों के इतिहास का बखान
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:05 AM IST
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वॉल पेंटिंग के जरिए घरौंडा के स्वतंत्रता सेनानियों की बताई जाएंगी गौरव गाथा
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। (करनाल)
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले घरौंडा के 22 स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवमयी गाथा अब वॉल पेंटिंग के जरिए दिखाई जाएगी। नगरपालिका प्रशासन की योजना के मुताबिक आने वाले दिनों में घरौंडा के 22 स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र समेत उनका पूरा विवरण दीवारों पर उकेरा जाएगा। ओवरब्रिज की दीवारों पर पेंटिंग के लिए नगरपालिका ने एनएचएआई से भी बात कर ली है और जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
आजादी को लेकर घरौंडा क्षेत्र में भी ऐसे बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने इस लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। घरौंडा से 22 ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हुए जिनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोग इन महान हस्तियों से प्रेरणा लें सकें इसके लिए नगरपालिका स्वतंत्रता सेनानियों के गौरवमयी इतिहास और उनकी तस्वीरों को ओवरब्रिज की दीवारों पर चित्रित करेगी।
अंग्रेजों के समय में भी भीष्म भवन में लहराता रहा झंडा
आंदोलन में आर्य समाज के भजनोपदेशक स्वामी भीष्म, कुंवर सुखपाल, चौधरी तेज सिंह जैसे अनेक क्रांतिकारी उपदेशकों का बहुत बड़ा हाथ रहा। स्वामी भीष्म उन दिनों घरौंडा में रहते थे। पूरे पंजाब में जब तिरंगा झंडा लगाना अंग्रेजी सरकार के आदेशानुसार जुर्म था, उस समय 1936 से 15 अगस्त 1947 तक भीष्म भवन घरौंडा पर तिरंगा बड़ी शान से लहराता रहा। स्वामी भीष्म के क्रांतिकारी प्रचार व प्रभाव के कारण पूरे हरियाणा में एक ही क्षेत्र घरौंडा से सबसे अधिक सत्याग्रहियों ने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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इन शख्सियतों ने निभाई थी भूमिका
स्वामी भीष्म, स्वामी रामेश्वरानंद, पंडित निहाल चंद, स्वामी परमानंद, स्वामी विद्यानंद, बलवंत राय, बनवारीलाल, ओमप्रकाश, शिवलाल, डॉ. कृष्ण प्रकाश पुत्र पंडित मधुसूदन, लाला कांशीराम, लाला गीताराम पुत्र छज्जू राम, चंद्रदेव वाजपेयी, ठाकुर धनसिंह पुत्र राजाराम, निहाल नाथ, भरतूराम पुत्र गिरधारी लाल पांचाल, भिच्छाराम पुत्र फत्तू राम, मंशाराम, ठाकुर रणधीर सिंह पुत्र कौली राम, मुंशीराम पुत्र मंगलीराम, रतिराम पुत्र मंगल सिंह, लक्ष्मण दास पुत्र फत्तू राम और शहीद मलखान सिंह शामिल हैं।
शहर के इन स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को ताजा करने के लिए हैफेड चेयरमैन एवं विधायक हरविंद्र कल्याण से इनके गौरवांवित इतिहास को पेंटिंग से ओवरब्रिज की दीवारों पर उकेरने की मांग की थी। विधायक हरविंद्र कल्याण ने नगरपालिका और चेयरमैन सुभाष गुप्ता को इनकी रूपरेखा तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। इसके चलते स्वतंत्रता सेनानियों का पूरा इतिहास और फोटो नगरपालिका ने एकत्रित कर ली है और शीघ्र ही ओवरब्रिज के सौंदर्यीकरण में महान स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास पेंटिंग के जरिये लोगों के समक्ष होगा।
नेशनल हाईवे स्थित ओवरब्रिज की दीवारों पर सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। ओवरब्रिज की दीवारों पर जागरूकता पेंटिंगों के साथ-साथ शहर के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की पेंटिंग भी उकेरी जाएगी और उनके इतिहास केा बखान भी किया जाएगा। सभी 22 स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें और जानकारी एकत्रित कर ली गई हैं और जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। -देवेंद्र कुमार, नपा सचिव, घरौंडा।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। (करनाल)
भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लेने वाले घरौंडा के 22 स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवमयी गाथा अब वॉल पेंटिंग के जरिए दिखाई जाएगी। नगरपालिका प्रशासन की योजना के मुताबिक आने वाले दिनों में घरौंडा के 22 स्वतंत्रता सेनानियों के चित्र समेत उनका पूरा विवरण दीवारों पर उकेरा जाएगा। ओवरब्रिज की दीवारों पर पेंटिंग के लिए नगरपालिका ने एनएचएआई से भी बात कर ली है और जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो जाएगा।
आजादी को लेकर घरौंडा क्षेत्र में भी ऐसे बहुत से स्वतंत्रता सेनानी हुए जिन्होंने इस लड़ाई में महत्वपूर्ण योगदान दिया। घरौंडा से 22 ऐसे स्वतंत्रता सेनानी हुए जिनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। लोग इन महान हस्तियों से प्रेरणा लें सकें इसके लिए नगरपालिका स्वतंत्रता सेनानियों के गौरवमयी इतिहास और उनकी तस्वीरों को ओवरब्रिज की दीवारों पर चित्रित करेगी।
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अंग्रेजों के समय में भी भीष्म भवन में लहराता रहा झंडा
आंदोलन में आर्य समाज के भजनोपदेशक स्वामी भीष्म, कुंवर सुखपाल, चौधरी तेज सिंह जैसे अनेक क्रांतिकारी उपदेशकों का बहुत बड़ा हाथ रहा। स्वामी भीष्म उन दिनों घरौंडा में रहते थे। पूरे पंजाब में जब तिरंगा झंडा लगाना अंग्रेजी सरकार के आदेशानुसार जुर्म था, उस समय 1936 से 15 अगस्त 1947 तक भीष्म भवन घरौंडा पर तिरंगा बड़ी शान से लहराता रहा। स्वामी भीष्म के क्रांतिकारी प्रचार व प्रभाव के कारण पूरे हरियाणा में एक ही क्षेत्र घरौंडा से सबसे अधिक सत्याग्रहियों ने अंग्रेजी सरकार के खिलाफ आवाज उठाई थी।
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इन शख्सियतों ने निभाई थी भूमिका
स्वामी भीष्म, स्वामी रामेश्वरानंद, पंडित निहाल चंद, स्वामी परमानंद, स्वामी विद्यानंद, बलवंत राय, बनवारीलाल, ओमप्रकाश, शिवलाल, डॉ. कृष्ण प्रकाश पुत्र पंडित मधुसूदन, लाला कांशीराम, लाला गीताराम पुत्र छज्जू राम, चंद्रदेव वाजपेयी, ठाकुर धनसिंह पुत्र राजाराम, निहाल नाथ, भरतूराम पुत्र गिरधारी लाल पांचाल, भिच्छाराम पुत्र फत्तू राम, मंशाराम, ठाकुर रणधीर सिंह पुत्र कौली राम, मुंशीराम पुत्र मंगलीराम, रतिराम पुत्र मंगल सिंह, लक्ष्मण दास पुत्र फत्तू राम और शहीद मलखान सिंह शामिल हैं।
शहर के इन स्वतंत्रता सेनानियों की यादों को ताजा करने के लिए हैफेड चेयरमैन एवं विधायक हरविंद्र कल्याण से इनके गौरवांवित इतिहास को पेंटिंग से ओवरब्रिज की दीवारों पर उकेरने की मांग की थी। विधायक हरविंद्र कल्याण ने नगरपालिका और चेयरमैन सुभाष गुप्ता को इनकी रूपरेखा तैयार करने के निर्देश जारी किए थे। इसके चलते स्वतंत्रता सेनानियों का पूरा इतिहास और फोटो नगरपालिका ने एकत्रित कर ली है और शीघ्र ही ओवरब्रिज के सौंदर्यीकरण में महान स्वतंत्रता सेनानियों का इतिहास पेंटिंग के जरिये लोगों के समक्ष होगा।
नेशनल हाईवे स्थित ओवरब्रिज की दीवारों पर सौंदर्यीकरण का कार्य चल रहा है। ओवरब्रिज की दीवारों पर जागरूकता पेंटिंगों के साथ-साथ शहर के वीर स्वतंत्रता सेनानियों की पेंटिंग भी उकेरी जाएगी और उनके इतिहास केा बखान भी किया जाएगा। सभी 22 स्वतंत्रता सेनानियों की तस्वीरें और जानकारी एकत्रित कर ली गई हैं और जल्द ही इस पर कार्य शुरू हो जाएगा। -देवेंद्र कुमार, नपा सचिव, घरौंडा।