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दुकानों पर सरकारी लिख किसानों के साथ किया जा रहा धोखा, विभाग ने साधी चुप्पी
Updated Sat, 16 Jun 2018 12:44 AM IST
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दुकानों पर ‘सरकारी’ लिख किसानों के साथ किया जा रहा धोखा, विभाग ने साधी चुप्पी
अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। नई अनाज मंडी के मेन गेट पर कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखकर इलाके भोले-भाले किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। ऐसा एक या दो दिन से नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि संबंधित विभाग को इस बारे में जानकारी न हो। बावजूद इसके इन दुकानदारों के खिलाफ आजतक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। आलम यह है कि दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखें जाने के बाद भोलेभाले किसान सरकारी बीज केंद्र सोच इन दुकानों पर पहुंचता हैं, जहां दुकानदार अपनी मनमर्जी के भाव लगाकर किसानों को सामान थोपता हैं। नई अनाज मंडी के गेट नंबर एक पर ग्रामीण बैंक के पास बने बूथों में कुछ लोगों द्वारा बीज व पेस्टीसाइड दवाइयां बेचने की दुकानें खोल रखी हैं। लगभग सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर ‘सरकारी’ शब्द लिखवा रखा हैं। सरकारी शब्द की आड़ में दुकानों में बीज व पेस्टीसाइड दवाइयों के मनमर्जी के दाम किसानों से वसूले जा रहे हैं। किसान सरकारी शब्द लिखा देखकर यह समझता हैं कि ये दुकानें सरकारी हैं। इसलिए इन दुकानों में मिलने वाले बीज व दवाईयों में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होगी।
किसान कर चुके हैं कई बार शिकायत
नई अनाज मंडी में अपनी फसलें लेकर आने वाले इलाके के किसान इन दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखकर गुमराह हो जाते हैं। गुमराह होने के बाद वे इन दुकानों से बीज व दवाईयां लेते है, लेकिन बाद में रिजल्ट बढिय़ा न आने पर अपने आपको को ठगा सा महसूस करते हैं। किसान कई बार संबंधित विभाग को शिकायत कर चुके हैं लेकिन न तो इन दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही सरकारी शब्द का दुरुपयोग किए जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। हालात ये है कि वर्तमान में भी इन करीब आधा दर्जन दुकानों के आगे सरकारी शब्द के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं। हालांकि सरकारी शब्द के नीचे दुकानदारों ने छोटा-छोटा ‘लाइसेंस सहित’ शब्द भी लिखवा रखा है। यहां गौर करने वाली बात है कि बिना लाइसेंस के इस तरह की दुकानें खुल ही नहीं सकती, तो फिर दुकान के बाहर होर्डिंग पर बड़े-बड़े अक्षरों में सरकारी शब्द लिखवाकर किसानों को क्यों गुमराह किया जा रहा है?
इन दुकानदारों को पहले भी ऐसे होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन ये नही माने। ये सरासर गलत है। अगले सप्ताह ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और होर्डिंग भी हटवाए जाएंगे।
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-अनिल चौहान, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर, खाद बीज करनाल।
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अमर उजाला ब्यूरो
घरौंडा। नई अनाज मंडी के मेन गेट पर कुछ दुकानदारों द्वारा अपनी दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखकर इलाके भोले-भाले किसानों को गुमराह करने का काम किया जा रहा है। ऐसा एक या दो दिन से नहीं, बल्कि कई महीनों से लगातार हो रहा है। ऐसा भी नहीं है कि संबंधित विभाग को इस बारे में जानकारी न हो। बावजूद इसके इन दुकानदारों के खिलाफ आजतक कोई कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है। आलम यह है कि दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखें जाने के बाद भोलेभाले किसान सरकारी बीज केंद्र सोच इन दुकानों पर पहुंचता हैं, जहां दुकानदार अपनी मनमर्जी के भाव लगाकर किसानों को सामान थोपता हैं। नई अनाज मंडी के गेट नंबर एक पर ग्रामीण बैंक के पास बने बूथों में कुछ लोगों द्वारा बीज व पेस्टीसाइड दवाइयां बेचने की दुकानें खोल रखी हैं। लगभग सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानों के आगे बड़े-बड़े होर्डिंग लगाकर ‘सरकारी’ शब्द लिखवा रखा हैं। सरकारी शब्द की आड़ में दुकानों में बीज व पेस्टीसाइड दवाइयों के मनमर्जी के दाम किसानों से वसूले जा रहे हैं। किसान सरकारी शब्द लिखा देखकर यह समझता हैं कि ये दुकानें सरकारी हैं। इसलिए इन दुकानों में मिलने वाले बीज व दवाईयों में किसी तरह की कोई गड़बड़ी नहीं होगी।
किसान कर चुके हैं कई बार शिकायत
नई अनाज मंडी में अपनी फसलें लेकर आने वाले इलाके के किसान इन दुकानों के आगे सरकारी शब्द लिखकर गुमराह हो जाते हैं। गुमराह होने के बाद वे इन दुकानों से बीज व दवाईयां लेते है, लेकिन बाद में रिजल्ट बढिय़ा न आने पर अपने आपको को ठगा सा महसूस करते हैं। किसान कई बार संबंधित विभाग को शिकायत कर चुके हैं लेकिन न तो इन दुकानदारों के खिलाफ कोई कार्रवाई हुई और न ही सरकारी शब्द का दुरुपयोग किए जाने को लेकर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई। हालात ये है कि वर्तमान में भी इन करीब आधा दर्जन दुकानों के आगे सरकारी शब्द के बड़े-बड़े होर्डिंग लगे हुए हैं। हालांकि सरकारी शब्द के नीचे दुकानदारों ने छोटा-छोटा ‘लाइसेंस सहित’ शब्द भी लिखवा रखा है। यहां गौर करने वाली बात है कि बिना लाइसेंस के इस तरह की दुकानें खुल ही नहीं सकती, तो फिर दुकान के बाहर होर्डिंग पर बड़े-बड़े अक्षरों में सरकारी शब्द लिखवाकर किसानों को क्यों गुमराह किया जा रहा है?
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इन दुकानदारों को पहले भी ऐसे होर्डिंग हटाने के निर्देश दिए जा चुके हैं, लेकिन ये नही माने। ये सरासर गलत है। अगले सप्ताह ऐसे दुकानदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और होर्डिंग भी हटवाए जाएंगे।
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-अनिल चौहान, क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर, खाद बीज करनाल।