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आरटीए विभाग की मुखबरी करने का आरोपी युवक गिरफ्तार, एक फरार
Updated Mon, 02 Jul 2018 12:28 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल। करनाल आरटीए विभाग ने दो युवकों को विभाग के अधिकारियों की मुखबिरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। करनाल के एडीसी एवं आरटीए निशांत कुमार यादव ने बताया कि पिछले लंबे समय से आरटीए विभाग में चेकिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की लगातार रेकी की जा रही थी और उनकी मुखबिरी की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रांसपोर्टर और गाड़ी चालकों को दी जाती थी, जो ओवरलोडेड गाड़ियां चलाकर हरियाणा सरकार को नुकसान पहुंचा रहे थे।
हालांकि, इस बात की सूचना विभाग को भी थी, लेकिन आरटीए विभाग की जासूसी करने वालों के खिलाफ कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही थी। शनिवार को आरटीए विभाग को सूचना मिली कि जो लोग गैंग बनाकर आरटीए विभाग की मुखबिरी कर पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में डालते हैं, उनका सरगना एक मोटरसाइकिल पर अपने साथी के साथ एनडीआरआई चौक के समीप ज्वेल्स होटल की पार्किंग में खड़ा होकर विभाग के चेकिंग दस्ते पर नजर रख रहा है। आरटीए विभाग के कर्मचारियों ने मामले की सूचना अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को दी और फिर इस टीम ने मुखबिरी करने वाले को रात 11 बजे धर दबोचा, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। इसके बाद पकड़े गए आरोपी को उसकी बाइक के साथ थाना सिविल लाइन में सौंप दिया गया, जहां पुलिस ने आरटीए विभाग के कर्मचारियों की शिकायत पर आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया। आरटीए और एडीसी निशांत यादव ने बताया कि अकसर ओवरलोडेड वाहन पकड़े जाने पर वाहन चालक विभाग की झूठी शिकायतें भी दे देते हैं, लेकिन उनके स्टाफ ने अपने कार्य को ईमानदारी से करते हुए मई महीने में 2 करोड़ 11 लाख रुपये और जून महीने में 2 करोड़ 30 लाख का जुर्माना वसूलकर पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है जोकि आज तक की रिकॉर्ड राजस्व वसूली है।
कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवार की भी करते थे जासूसी
फिलहाल आरोपी ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार वो लगातार अलग-अलग दस्ते बनाकर आरटीए विभाग के चेकिंग स्टाफ के घरों के बाहर व दफ्तर के बाहर तैनात रहते थे। यही नहीं कौन अधिकारी और कर्मचारी किस समय कहां है इसकी पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में डाली जा रही थी। इस बड़े गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी के बाद जहां एक और ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालकों में हड़कंप मच गया है, वहीं आने वाले दिनों में इस मामले पर बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
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करनाल। करनाल आरटीए विभाग ने दो युवकों को विभाग के अधिकारियों की मुखबिरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। करनाल के एडीसी एवं आरटीए निशांत कुमार यादव ने बताया कि पिछले लंबे समय से आरटीए विभाग में चेकिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारियों की लगातार रेकी की जा रही थी और उनकी मुखबिरी की सूचना व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से ट्रांसपोर्टर और गाड़ी चालकों को दी जाती थी, जो ओवरलोडेड गाड़ियां चलाकर हरियाणा सरकार को नुकसान पहुंचा रहे थे।
हालांकि, इस बात की सूचना विभाग को भी थी, लेकिन आरटीए विभाग की जासूसी करने वालों के खिलाफ कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पा रही थी। शनिवार को आरटीए विभाग को सूचना मिली कि जो लोग गैंग बनाकर आरटीए विभाग की मुखबिरी कर पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में डालते हैं, उनका सरगना एक मोटरसाइकिल पर अपने साथी के साथ एनडीआरआई चौक के समीप ज्वेल्स होटल की पार्किंग में खड़ा होकर विभाग के चेकिंग दस्ते पर नजर रख रहा है। आरटीए विभाग के कर्मचारियों ने मामले की सूचना अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को दी और फिर इस टीम ने मुखबिरी करने वाले को रात 11 बजे धर दबोचा, जबकि उसका साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार होने में कामयाब रहा। इसके बाद पकड़े गए आरोपी को उसकी बाइक के साथ थाना सिविल लाइन में सौंप दिया गया, जहां पुलिस ने आरटीए विभाग के कर्मचारियों की शिकायत पर आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया। आरटीए और एडीसी निशांत यादव ने बताया कि अकसर ओवरलोडेड वाहन पकड़े जाने पर वाहन चालक विभाग की झूठी शिकायतें भी दे देते हैं, लेकिन उनके स्टाफ ने अपने कार्य को ईमानदारी से करते हुए मई महीने में 2 करोड़ 11 लाख रुपये और जून महीने में 2 करोड़ 30 लाख का जुर्माना वसूलकर पूरे हरियाणा में प्रथम स्थान हासिल किया है जोकि आज तक की रिकॉर्ड राजस्व वसूली है।
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कर्मचारियों और अधिकारियों के साथ-साथ उनके परिवार की भी करते थे जासूसी
फिलहाल आरोपी ने जो जानकारी दी है, उसके अनुसार वो लगातार अलग-अलग दस्ते बनाकर आरटीए विभाग के चेकिंग स्टाफ के घरों के बाहर व दफ्तर के बाहर तैनात रहते थे। यही नहीं कौन अधिकारी और कर्मचारी किस समय कहां है इसकी पूरी जानकारी व्हाट्सएप ग्रुप में डाली जा रही थी। इस बड़े गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी के बाद जहां एक और ट्रांसपोर्टर और ट्रक चालकों में हड़कंप मच गया है, वहीं आने वाले दिनों में इस मामले पर बड़ा खुलासा होने की उम्मीद है।
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