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परेशानी होने पर व्हट्सएप व फेसबुक पर ही स्टेटस डालने में लगे रहते व्यक्ति नहीं करते अपनों से डिस्कस, इसलिए बढ़ रहा है मनोरोग

Mon, 01 Oct 2018 12:17 AM IST
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:17 AM IST
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परेशानी होने पर व्हट्सएप व फेसबुक पर ही स्टेटस डालने में लगे रहते व्यक्ति नहीं करते अपनों से डिस्कस, इसलिए बढ़ रहा है मनोरोग
अमर उजाला ब्यूरो
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करनाल। हरियाणा के मनोरोग विशेषज्ञ व मनोचिकित्सकों का दो दिवसीय तीसरा प्रदेश स्तरीय वार्षिक सम्मेलन मॉडल टाउन स्थित एक होटल में हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि मनोरोगियों की संख्या बढ़ती जा रही है, जिसका मुख्य कारण व्हाट्सएप व फेसबुक सोशल साइट्स आदि हैं। व्यक्ति की बात को लेकर परेशान होता है तो वह अपने आसपास व जानने वाले लोगों से बातचीत नहीं करता, बल्कि व्हाट्सएप व फेसबुक पर ही स्टेट्स डालने में लगे रहते हैं। सोशल मीडिया के कारण पास बैठा अपना भी अनजान बना रहता है। इसलिए हम सभी को चाहिए की किसी परेशान में हमें अपनों के साथ परेशानी को लेकर डिस्कस करनी चाहिए। जिससे व्यक्ति की समस्या का हल हो जाता है और वह डिप्रेशन में भी नहीं रहता। इससे अलग सम्मेलन में मानसिक रोगियों के हित में सरकार द्वारा बनाए गए कानून मेंटल हेल्थ एक्ट के बारे में विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। आर्गेनाइजिंग चेयरमैन डॉ. जेसी बठला ने सम्मेलन में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने तो मेंटल हेल्थ एक्ट बना कर अपनी जिम्मेदारी पूरी कर दी है। अब इस मामले में प्रदेश के मनोरोग विशेषज्ञ तथा मनोचिकित्सकों को तय करना है कि यह एक्ट किस प्रकार सकारात्मक दिशा में क्रिर्यावन्त हो पाए। उन्होंने वार्षिक सम्मेलन के सफल आयोजन के लिए सभी प्रतिभागियों को साधुवाद दिया और उनका धन्यवाद किया।

हिम्मत पुस्तक का किया विमोचन
वार्षिक सम्मेलन में डॉ. जेसी बठला द्वारा लिखित पुस्तक हिम्मत का विमोचन डॉ. आरसी जिलोहा द्वारा किया गया। ये पुस्तक उन रोगियों के लिए लिखी गई है जो किन्हीं कारणों से हिम्मत हार जाते हैं। पुस्तक के विमोचन के बाद डॉ. आरसी जिलोहा ने हिम्मत पुस्तक की सारगर्भित व्याख्या करते हुए कहा कि इस पुस्तक में डा. जेसी बठला द्वारा 48 कथानको को स्थान दिया गया है। जिसमें प्रमुख रूप से चाय बेचने वाला परन्तु बुलंद हौंसले वाला प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कल्पना चावला करनाल का गौरव, 77 वर्षीय महिला जालन्धर की जनक पलटा जो आदिवासियों की सेवा कर रही है। भारत की नई उडनपरी हिमा, ओल्मपिक में गोल्ड जितने वाली पहली अश्वेत महिला विल्मा रूडॉल्फ, भीख मांगने वाला मशहूर रेडियो आर्टिस्ट अमरीका का टेड विलियम्स, फादर ऑफ सेल्युलर फोन मार्टिन कूपर कथानाक शामिल हैं।
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पीजीआई रोहतक व चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने भी लिया भाग
मुलाना से आए डॉ. मनीष बठला ने बताया कि इस वार्षिक सम्मेलन में पीजीआई रोहतक, पीजीआई चंडीगढ़ व बैंगलुरू निम्हांस के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया और अपना अनुभव बताया तथा इलाज के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान पर अपने विचार रखें। इस के अलावा वार्षिक सम्मेलन में मानसिक रोगों तथा उसके इलाज हेतू समस्याओं पर विस्तृत विचार-विमर्श व मंथन भी हुआ। इस अवसर पर डॉ. सुनील अरोड़ा, डॉ. मनीष बठला, डॉ. सुरेश कुमार, डॉ. नंदकिशोर, डॉ. अमित बंसल, हिसार के डॉ. अजय मल्होत्रा, रोहतक से डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. प्रीती सिंह तथा डॉ. हितेश खुराना, दिल्ली के डॉ. अतुल, चंडीगढ़ के डॉ. बीएस चवण तथा डॉ. प्रमोद कुमार ने भी अपने विचार रखे।
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