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जेबीटी को जबरन उठाने पहुंचे अधिकारियों से शिक्षक बोल जान दे दूंगा अस्पताल नहीं जाउंगा
Updated Thu, 27 Jul 2017 12:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
करनाल।
टर्मिनेशन आर्डर कैंसिल कराने की मांग को लेकर एक माह से धरने और पांच दिनों से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी टीचरों को उठाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अधिकारियों ने जब भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी को स्वास्थ्य का हवाल देकर अस्पताल ले जाने की बात कही तो जेबीटी टीचरों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अनशन से नहीं उठेंगे। जेबीटी टीचरों को उठाने को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद अधिकारी एक जेबीटी टीचर की स्वास्थ्य अधिक खराब होने के कारण कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन टीचर वहां भी अस्पताल जाने से मनाकर समाचार लिखे जाने तक एंबुलेंस के अंदर ही बैठा रहा।
वहीं अस्पताल पहुंचे टीचर की मां ने भी बुधवार से खाना-पीना छोड़ दिया है। आज वह भी पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल में शामिल होगी। नौकरी बहाली की मांग को लेकर पांच दिनों से अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों का स्वास्थ लगातार गिरता जा रहा है। खाने के साथ पानी भी छोड़ने से अब तक पांच जेबीटी टीचर डिहाइड्रेशन का शिकार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमेें से एक जहां स्वास्थ्य होकर अनशन पर वापस लौट आया है, वहीं चार अभी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिल है। जिसमें से अधिक स्वास्थ्य खराब होने के कारण जेबीटी टीचर इंदुबाला आईसीसीयू में है। बुधवार को सुबह से ही जेबीटी टीचरों का अनशन शांति पूर्वक जारी था। लेकिन शाम होते-होते एक जेबीटी टीचर सत्यवान की तबीयत खराब होने लगी। यह जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। आननफानन में तहसीलदार श्याम लाल, सिविल थाना प्रभारी मोहन लाल भारी पुलिस बल व एंबुलेंस के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। वहां पर अधिकारियों ने अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों का मान मनव्वल कर उठाने की कोशिश की। लेकिन जब जेबीटी नहीं माने तो पुलिस कर्मचारी जेबीटी टीचरों को जबरन उठाने लगे। इससे प्रदर्शन स्थल पर हंगामा खड़ा हो गया। करीब एक घंटे तक अधिकारियों व जेबीटी के बीच खींचतान चलता रहा। जेबीटी टीचरों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अनशन छोड़ अस्पताल नहीं जाएंगे। जिसके बाद अधिकारी जेबीटी सत्यवान का स्वास्थ्य अधिक खराब होने के कारण उसे अपने साथ ले गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी सत्यवान एंबुलेंस से नहीं उतरा और किसी भी प्रकार का ट्रीटमेंट लेने से भी इंकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक अधिकारी सत्यवान को मनाने की कोशिश में लगे रहे।
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बॉक्स-
मां के साथ आज पूरा परिवार बैठेगा भूखहड़ताल पर
सत्यवान की तबीयत खराब होने की जानकारी जब उनकी मां को पता चली तो वे भी घर पर ही भूख हड़ताल शुरू कर दिया। सत्यवान का पूरा परिवार आज लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी टीचरों के साथ भूख हड़ताल में शामिल होगी। सत्यवान की मां के साथ उनका पूरा परिवार भी आज से भूख हड़ताल पर बैठेगा।
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करनाल।
टर्मिनेशन आर्डर कैंसिल कराने की मांग को लेकर एक माह से धरने और पांच दिनों से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी टीचरों को उठाने को लेकर जमकर हंगामा हुआ। अधिकारियों ने जब भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी को स्वास्थ्य का हवाल देकर अस्पताल ले जाने की बात कही तो जेबीटी टीचरों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अनशन से नहीं उठेंगे। जेबीटी टीचरों को उठाने को लेकर करीब एक घंटे तक हंगामा चलता रहा, जिसके बाद अधिकारी एक जेबीटी टीचर की स्वास्थ्य अधिक खराब होने के कारण कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज ले गए, लेकिन टीचर वहां भी अस्पताल जाने से मनाकर समाचार लिखे जाने तक एंबुलेंस के अंदर ही बैठा रहा।
वहीं अस्पताल पहुंचे टीचर की मां ने भी बुधवार से खाना-पीना छोड़ दिया है। आज वह भी पूरे परिवार के साथ भूख हड़ताल में शामिल होगी। नौकरी बहाली की मांग को लेकर पांच दिनों से अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों का स्वास्थ लगातार गिरता जा रहा है। खाने के साथ पानी भी छोड़ने से अब तक पांच जेबीटी टीचर डिहाइड्रेशन का शिकार होकर अस्पताल पहुंच चुके हैं। इनमेें से एक जहां स्वास्थ्य होकर अनशन पर वापस लौट आया है, वहीं चार अभी भी मेडिकल कॉलेज में दाखिल है। जिसमें से अधिक स्वास्थ्य खराब होने के कारण जेबीटी टीचर इंदुबाला आईसीसीयू में है। बुधवार को सुबह से ही जेबीटी टीचरों का अनशन शांति पूर्वक जारी था। लेकिन शाम होते-होते एक जेबीटी टीचर सत्यवान की तबीयत खराब होने लगी। यह जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारियों के हाथपांव फूल गए। आननफानन में तहसीलदार श्याम लाल, सिविल थाना प्रभारी मोहन लाल भारी पुलिस बल व एंबुलेंस के साथ प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। वहां पर अधिकारियों ने अनशन पर बैठे जेबीटी टीचरों का मान मनव्वल कर उठाने की कोशिश की। लेकिन जब जेबीटी नहीं माने तो पुलिस कर्मचारी जेबीटी टीचरों को जबरन उठाने लगे। इससे प्रदर्शन स्थल पर हंगामा खड़ा हो गया। करीब एक घंटे तक अधिकारियों व जेबीटी के बीच खींचतान चलता रहा। जेबीटी टीचरों ने कहा कि वे अपनी जान दे देंगे, लेकिन अनशन छोड़ अस्पताल नहीं जाएंगे। जिसके बाद अधिकारी जेबीटी सत्यवान का स्वास्थ्य अधिक खराब होने के कारण उसे अपने साथ ले गए। लेकिन अस्पताल पहुंचने के बाद भी सत्यवान एंबुलेंस से नहीं उतरा और किसी भी प्रकार का ट्रीटमेंट लेने से भी इंकार कर दिया। समाचार लिखे जाने तक अधिकारी सत्यवान को मनाने की कोशिश में लगे रहे।
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मां के साथ आज पूरा परिवार बैठेगा भूखहड़ताल पर
सत्यवान की तबीयत खराब होने की जानकारी जब उनकी मां को पता चली तो वे भी घर पर ही भूख हड़ताल शुरू कर दिया। सत्यवान का पूरा परिवार आज लघु सचिवालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठे जेबीटी टीचरों के साथ भूख हड़ताल में शामिल होगी। सत्यवान की मां के साथ उनका पूरा परिवार भी आज से भूख हड़ताल पर बैठेगा।
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