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Karnal News: उत्पादन बढ़ाने के लिए आए 10 हजार सुझाव

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 13 Jun 2025 03:20 AM IST
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10 thousand suggestions came to increase production
माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। प्रदेश में फसल और दुग्ध उत्पादन व किसानों की आय बढ़ाने के लिए अब नई तकनीक तैयार होंगी। कम लागत पर अधिक पैदावार देने वाले बीज, पशुओं की सेहत को बेहतर बनाने के लिए विभिन्न राष्ट्रीय अनुसंधान संस्थान शोध करेंगे। इसके अलावा सरकार की ओर से भी नीतियां बनाई जाएंगी। संवाद में बताया गया कि फसल और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए करीब 10 हजार सुझाव आए हैं।
आईसीएआर के निर्देश पर करनाल के एनडीआरआई सहित विभिन्न अनुसंधान संस्थानों की ओर से प्रदेश स्तर पर सर्वे कराया गया। विकसित कृषि संकल्प अभियान के तहत हुए 15 दिवसीय सर्वे में 902 टीमों ने गांवों में दस्तक दी। इस दौरान 447908 किसानों ने टीमों की ओर से आयोजित संवाद में सक्रिय तौर पर हिस्सा लिया।
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अभियान के नोडल अधिकारी एनडीआरआई के निदेशक डॉ. धीर सिंह के अनुसार, टीमों ने किसानों के साथ कृषि, पशुपालन, उत्पाद की मार्केटिंग, बीज उपलब्धता, दवा, पशुओं की बीमारी पर भी चर्चा की। इस दौरान अलग-अलग जिलों से 10 हजार से ज्यादा सुझाव भी आए हैं। जिनकी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करके आईसीएआर के माध्यम से सरकार को भेजी जाएगी। इसी आधार पर नई नीति, कानून और तकनीक के लिए शोध पर देश भर में कार्य हो सकेगा।
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निदेशक डॉ. धीर सिंह ने बताया कि 29 मई से 12 जून तक हुए संवाद कार्यक्रमों में वैज्ञानिकों ने पाया कि कुछ किसानों की ओर से इस्तेमाल किए जाने वाले उर्वरक, बीज, कीटनाशक सहित अन्य दवाओं में मिलावट है। इस कारण इनके इस्तेमाल के बाद भी उन्हें उतना परिणाम नहीं मिल पाता, जितना मिलना चाहिए। भारतीय गेहूं एवं जौ अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉ. रतन तिवारी ने बताया पशु चिकित्सा क्लीनिक की भी कमी है। गांव स्तर और ब्लॉक डिस्पेंसरियों में पैरावेट की आवश्यकता है। बीमार पशुओं को इस गर्मी के मौसम में शहर में दूर स्थित चिकित्सालय तक ले जाना संभव नहीं है। इसके अलावा डीएपी, यूरिया, जिप्सम, कीटनाशकों की लगातार कमी और समय पर उपलब्ध न होना भी बड़ी चुनौती है।
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