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लोक अदालत में 09 बेंचों ने निपटाए 327 मामले
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करनाल। श्री जगदीप जैन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं सह-अध्यक्ष, डीएलएसए, करनाल और हरियाणा राज्य कानूनी सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इसमें 2799 मामलों को रखा गया। इसमें से 327 मामलों का निपटारा आपसी समझौता और रुपये की राशि के माध्यम से किया गया। इसके अलावा 1 करोड़ 97 लाख 91 हजार 656 रुपये राशि का निपटान भी किया गया। ये जानकारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट व सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, करनाल जसबीर ने दी।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही थी। इसलिए नियमित अदालतों के लंबित मामलों को कम करने के लिए और मामलों के निपटारे के लिए 09 बेंच स्थापित किए गए थे। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दुर्घटनाओं, कंपाउंडेबल अपराधों के आपराधिक मामले, एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस, बैंक वसूली, उपयोगिता सेवाओं से संबंधित नागरिक विवाद और घरेलू हिंसा अधिनियम से संबंधित मामलों को भी लिया गया था। सीजेएम ने बताया कि लोक अदालत विवादों के निपटारे के प्रभावी तरीकों में से एक है। लोक अदालतों में विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आंदोलन का प्राथमिक उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच के आदर्श को बढ़ावा देना, खर्च और देरी से बचना है।
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उन्होंने बताया कि कोविड-19 महामारी के प्रकोप के कारण लंबित मामलों की संख्या बढ़ती जा रही थी। इसलिए नियमित अदालतों के लंबित मामलों को कम करने के लिए और मामलों के निपटारे के लिए 09 बेंच स्थापित किए गए थे। उन्होंने बताया कि लोक अदालत में दुर्घटनाओं, कंपाउंडेबल अपराधों के आपराधिक मामले, एनआई अधिनियम की धारा 138 के तहत चेक बाउंस, बैंक वसूली, उपयोगिता सेवाओं से संबंधित नागरिक विवाद और घरेलू हिंसा अधिनियम से संबंधित मामलों को भी लिया गया था। सीजेएम ने बताया कि लोक अदालत विवादों के निपटारे के प्रभावी तरीकों में से एक है। लोक अदालतों में विवादों को सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत आंदोलन का प्राथमिक उद्देश्य सभी के लिए न्याय तक पहुंच के आदर्श को बढ़ावा देना, खर्च और देरी से बचना है।
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