फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Group Captain and Commanding Officer of Squadron is from Kaithal

सैल्यूटः एयरफोर्स में जाना चाहते थे पिता, बेटे ने पूरा किया सपना, संभालेगा सुखोई-30 की कमान

Thu, 23 Jan 2020 09:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कैथल (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 23 Jan 2020 09:21 AM IST
विज्ञापन
Group Captain and Commanding Officer of Squadron is from Kaithal
- फोटो : अमर उजाला

रविवार को दक्षिण भारत में भारतीय एयरफोर्स द्वारा अपनी तरह के पहले एयरबेस को विकसित किया गया है। जहां सुखोई 30 एमकेआई विमान पर ब्रह्मोस मिसाइल तैनात होगी। जो हिंद महासागर की निगरानी करेगा।

विज्ञापन


तमिलनाडु के तंजावुर एयरबेस पर बनाई गई टाइगर शॉर्क नामक इस स्कवॉड्रन में सुपरसोनिक मिसाइल तैनात होने से दक्षिण भारत में भारतीय सुरक्षा को बड़ी मजबूती मिली है। इस स्कवॉड्रन के ग्रुप कैप्टन एवं कमांडिंग ऑफिसर मनोज गेरा कैथल से हैं।
विज्ञापन


उनकी इस नई नियुक्ति से परिवार में जश्र का माहौल है। मनोज गेरा के पिता कैथल में बिजनेसमैन हैं। उन्हें रविवार को देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टॉफ मेजर जनरल बिपिन रावत ने बतौर कमांडिंग ऑफिसर स्मृति चिन्ह भी प्रदान किया। इस नियुक्ति पर खुशी जताते हुए ग्रुप कैप्टन मनोज गेरा के पिता मुरानी गेरा व उनके छोटे भाई गोरांग गेरा ने कहा कि मनोज गेरा ने वर्ष 1998 में एनडीए क्लीयर किया था। इसके बाद उन्हें कमीशन मिल गया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद उन्हें मिग-21 उड़ाने के लिए बतौर पायलेट के तौर पर नियुक्ति मिली थी। अपनी नौकरी के दौरान उन्हें तेजपुर, सिरसा, पूना, बरेली सहित कई इलाकों में तैनाती मिली। इस दौरान उन्हें करीब 3000 घंटे तक मिग-21 उड़ाने का अनुभव प्राप्त है। अभी हाल ही मेें उनकी कमांडिंग ऑफिसर के तौर पर तैनाती हुई थी।

पिता का था एयरफोर्स में जाने का सपना, उड़ते जहाजों को करते थे सैल्यूट, बेटे ने पूरा किया:
मुरारी गेरा ने कहा कि उनका सपना लड़ाकू विमान उड़ाने का था। जिस कारण बचपन में वे जब भी आसमान में उड़ते जहाजों को देखते थे तो उन्हें सैल्यूट करते हुए काफी देर तक खड़े रहते थे। पारिवारिक हालातों के कारण वे एनडीए पास नहीं कर पाए। लेकिन उनके बेटे ने उनका सपना पूरा कर दिया है।


यह बात कहते हुए उनका गला भर आया और कहा कि उनका सपना पूरा होने से उन्हें बेहद खुशी है और उन्हें अपने बेटे पर गर्व है। आज जब उनका बेटा कमांडिंग ऑफिसर बन गया है तो उनका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। मुरारी गेरा कैथल में ही रहकर अपने छोटे बेटे गोरांग गेरा के साथ बिजनेस चलाते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed