पति... प्रताड़ना और खुदकुशी: 'पत्नी ने छोड़ा... लिव-इन में रहने लगी किसी और संग, आत्महत्या के लिए किया मजबूर'
घटना के समय युवक घर पर अकेला था। जब आस-पास के लोग घर पहुंचे तो उन्होंने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया।
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अर्जुन नगर निवासी हर्ष (25) ने रविवार दोपहर बाद घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से पुलिस को पांच पेज का सुसाइड नोट मिला है, जिसमें युवक ने अपनी पत्नी उसके लिव इन पार्टनर और सास पर आत्महत्या के लिए उकसाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक ने पत्र में ही अपनी मां से माफी भी मांगी है। युवक के पिता ने शहर थाने में तहरीर दी है।
घटना के समय युवक घर पर अकेला था। जब आस-पास के लोग घर पहुंचे तो उन्होंने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भेज दिया। डॉक्टरों ने जांच के बाद युवक को मृत घोषित कर दिया।
युवक के पिता सुमेरचंद ने बताया कि उनके बेटे हर्ष की शादी करीब चार साल पहले पटियाला निवासी जसप्रीत कौर से हुई थी। कुछ समय तक सब ठीक रहा, लेकिन बाद में दोनों के बीच मतभेद बढ़ गए। उनका तीन साल का बेटा रुद्र है। उन्होंने बताया कि रक्षाबंधन पर हर्ष की पत्नी जसप्रीत यह कहकर घर से गई थी कि वह अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए जा रही है, लेकिन जाते ही उसने अपना मोबाइल नंबर बंद कर दिया। साथ ही उसके बेटे हर्ष को दूसरे नंबर से कॉल करके कहा कि अब वह उसके साथ नहीं रहना चाहती और उसे तलाक ले लेगी। तभी से वह यहां पर नहीं आई।
दर्द भरे शब्द पढ़ हर किसी का पसीज गया दिल
मां, मैं माफी मांगता हूं… आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मेरी अंतिम इच्छा यह है कि मेरे बेटे रुद्रांश की परवरिश मेरी मां और पिता करें। ये दर्द भरे शब्द हैं 25 वर्षीय हर्ष कुमार के, जिसने आत्महत्या से पहले पांच पेज का सुसाइड नोट लिखकर अपनी पत्नी, सास और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। युवक ने लिखा कि पत्नी जसप्रीत कौर, उसकी मां चरणजीत कौर और चरणजीत के लिव-इन पार्टनर रणजीत सिंह के दबाव और मानसिक प्रताड़ना के कारण उसे यह कदम उठाना पड़ा।
हर्ष ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसकी पत्नी काफी समय से किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध में थी। जब उसने विरोध किया तो उसे तलाक की धमकी दी गई। पत्नी और ससुराल वालों ने उस पर झूठे आरोप लगाकर तलाक का केस दर्ज करवाया और उसके माता-पिता की जमीन अपने नाम करवाने का दबाव बनाया। पत्र में उसने लिखा है कि मेरे ऊपर लगाया गया केस झूठा है, इसकी जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
नीचे सिग्नेचर भी किया
हर्ष ने सुसाइड नोट पर हस्ताक्षर करते हुए लिखा कि मेरी मृत्यु की वजह मेरी पत्नी जसप्रीत कौर और मेरे ससुराल वाले हैं, जिन्होंने मुझे इस स्थिति में पहुंचाया। उसने बताया कि ससुराल पक्ष ने उसे यह कहकर तनाव में रखा कि अगर मां-बाप की जमीन अपने नाम नहीं करवाएगा तो बीवी-बच्चे को भूल जा। हर्ष ने कहा कि मेरी धर्मपत्नी भी इसमें पूरी तरह शामिल थी, उसने तलाक की धमकी देकर और झूठे आरोप लगाकर मेरा मानसिक संतुलन बिगाड़ दिया।
सास को बताया चरित्रहीन
हर्ष ने लिखा कि उसकी सास खुद एक अन्य व्यक्ति के साथ संबंध में है। मेरी पत्नी और सास दोनों ने मेरे जीवन को बर्बाद कर दिया। झूठे आरोप लगाकर मुझे अपमानित किया गया और मानसिक रूप से इतना तोड़ा गया कि आत्महत्या ही एकमात्र रास्ता बचा। उसने मांग की कि उसके ऊपर लगाए गए झूठे आरोपों की सच्चाई पोस्टमार्टम रिपोर्ट के साथ सामने लाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मां-पिता के नाम भावुक संदेश
हर्ष ने लिखा है- मां, मैं माफ़ी मांगता हूं… मैं आपका अच्छा बेटा नहीं बन पाया। मैंने हमेशा आपको दुख ही दिए, पर आप जैसी मां हर किसी को नहीं मिलती। आपने मुझे बहुत प्यार से पाला, मैं आपका कर्ज कभी नहीं चुका सकता। अपने पिता के लिए लिखा, बापू, मैं तेरे जैसा नहीं बन सका। तेरे जैसा बड़ा कोई भगवान नहीं। तू मेरे लिए सबसे बड़ा देवता है। पर बापू, मैं जिंदगी से हार गया, मुझे माफ कर देना।
परिजनों और दोस्तों के लिए लिखा आभार
हर्ष ने अपने भाइयों करमवीर, सुरेश, मनीष, भाभी रानी और अन्य परिजनों का नाम लेकर लिखा कि उन्होंने उसे हमेशा प्यार और साथ दिया, पर वह जीवन की लड़ाई हार गया।
अपने मामा-मामी के नाम लिखा- मामी, कृष और मनु की पढ़ाई पूरी कराना, उनके सपने अधूरे मत छोड़ना। आपने मुझे हमेशा बेटे की तरह रखा, मैं आपका कर्जदार हूं। कॉलेज और ट्यूशन के दोस्तों के लिए लिखा- आप सभी ने मुझे हमेशा सहारा दिया, लेकिन मैं अब थक गया हूं। माफ करना, मैं आपको इस तरह छोड़कर जा रहा हूं।
बेटे के नाम आखिरी संदेश
सुसाइड नोट के अंतिम हिस्से में हर्ष ने अपने बेटे रुद्रांश को संबोधित करते हुए लिखा, बेटा रुद्र, तेरे बाप को माफ कर देना। तेरे लिए जो सपने देखे थे, वो अधूरे रह गए। मैंने सोचा था तुझे पढ़ाकर अपनी जिंदगी का हर अधूरा सपना पूरा करूंगा, पर तेरी मां ने जमीन को तुझसे ज़्यादा प्यार किया। तेरी मां ने कसम खाई थी कि तेरे बिना नहीं रह सकती, पर सब झूठ निकला।