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Kaithal News: गांवों में संयुक्त रूप से काम करें, ताकि डाटा में किसी प्रकार का कोई अंतर न हो ः एडीसी
Wed, 19 Mar 2025 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 19 Mar 2025 12:54 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में महिला बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने सुपोषित हरियाणा अभियान के तहत की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिए कि दोनों विभाग कुपोषण मुक्त अभियान के तहत चिह्नित किए गए गांवों में संयुक्त
रूप से काम करें, ताकि डाटा में किसी प्रकार का कोई अंतर न हो और एक भी बच्चा कुपोषित न रहे।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरबीएसके टीम के विजिट के दौरान विभाग की एएनएम, आशा वर्कर, महिला एवं बाल विभाग की सुपरवाईजर, आंगनबाड़ी वर्कर को साथ लें।
उन्होंने बताया कि कुपोषण मुक्त अभियान के तहत जिले के 12 गांव विभिन्न अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए हैं, जिसमें रिवाड जागीर, रत्ताखेड़ा लुकमान, पोलड़, मांझला, किठाना, कसान, ढूंढवा, शिमला, पाई, जडौला, सेगा, कुलतारण के कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें कुपोषण से मुक्त करने का काम करें।
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डाटा को एक दूसरे के साथ सांझा करें और क्रॉस चेक करें। जहां भी कुपोषण को खत्म करने के लिए तकनीकी एवं मेडिकल सहायता की जरूरत है, उसमें स्वास्थ्य विभाग अपनी अहम भूमिका निभाएं। इसके साथ साथ गांव में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाएं और उसमें दूध पिलाने वाली माताओं, गर्भवती महिलाओं को शामिल करें। उन्हें अच्छे खान पान का के लिए प्रेरित करें।
बैठक के दौरान एडीसी ने इस अभियान के तहत चिह्नित किए गए गांव की प्रगति रिपोर्ट ली। इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डा. विकास धवन, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, शशीबाला, सभी गांव के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, आरबीएसके टीम मौजूद रहे।
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कैथल। लघु सचिवालय के सभागार में महिला बाल विकास विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ मंगलवार को एडीसी दीपक बाबूलाल करवा ने सुपोषित हरियाणा अभियान के तहत की बैठक ली। इस मौके पर उन्होंने निर्देश दिए कि दोनों विभाग कुपोषण मुक्त अभियान के तहत चिह्नित किए गए गांवों में संयुक्त
रूप से काम करें, ताकि डाटा में किसी प्रकार का कोई अंतर न हो और एक भी बच्चा कुपोषित न रहे।
उन्होंने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए कि आरबीएसके टीम के विजिट के दौरान विभाग की एएनएम, आशा वर्कर, महिला एवं बाल विभाग की सुपरवाईजर, आंगनबाड़ी वर्कर को साथ लें।
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उन्होंने बताया कि कुपोषण मुक्त अभियान के तहत जिले के 12 गांव विभिन्न अधिकारियों द्वारा गोद लिए गए हैं, जिसमें रिवाड जागीर, रत्ताखेड़ा लुकमान, पोलड़, मांझला, किठाना, कसान, ढूंढवा, शिमला, पाई, जडौला, सेगा, कुलतारण के कुपोषित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान करते हुए उन्हें कुपोषण से मुक्त करने का काम करें।
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डाटा को एक दूसरे के साथ सांझा करें और क्रॉस चेक करें। जहां भी कुपोषण को खत्म करने के लिए तकनीकी एवं मेडिकल सहायता की जरूरत है, उसमें स्वास्थ्य विभाग अपनी अहम भूमिका निभाएं। इसके साथ साथ गांव में नियमित रूप से जागरूकता अभियान चलाएं और उसमें दूध पिलाने वाली माताओं, गर्भवती महिलाओं को शामिल करें। उन्हें अच्छे खान पान का के लिए प्रेरित करें।
बैठक के दौरान एडीसी ने इस अभियान के तहत चिह्नित किए गए गांव की प्रगति रिपोर्ट ली। इस अवसर पर उप सिविल सर्जन डा. विकास धवन, जिला कार्यक्रम अधिकारी गुरजीत कौर, शशीबाला, सभी गांव के मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एएनएम, आरबीएसके टीम मौजूद रहे।