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Kaithal News: शिव मंदिर के कुंड में स्नान नहीं कर पा रहीं महिलाएं

Thu, 24 Oct 2024 02:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 24 Oct 2024 02:03 AM IST
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Women are not able to bathe in the pond of Shiva temple
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। कलायत मेंं बिना चूना व मिट्टी के पंच रथ शैली से निर्मित शिव मंदिर परिसर ऐतिहासिक है। मान्यता है कि इस मंदिर का निर्माण सातवीं शताब्दी में करवाया गया था। इस समय यहां घाटघाट सूखने से महिला श्रद्धालु इस बार कार्तिक माह का विशेष स्नान नहीं कर पा रही हैं। कुंड पूरी तरह सूखा है।

गौरतलब है कि देश और दुनिया में इस स्थल का बड़ा महत्व माना जाता है। इस स्थान पर भगवान कपिल मुनि ने अपनी माता देवहुति को सरस्वती नदी के तट पर सांख्य दर्शन का ज्ञान करवाया गया था। बावजूद इसके देश-प्रदेश के कोने-कोने से स्नान को आने वाली महिला श्रद्धालुओं को कुंड पर मायूसी हाथ लगती है।
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इससे भी ज्यादा चिंता जनक हालात पुरुष स्नान कुंड के हैं। इसमें पानी तो है परत पर हरे शैवालों के साथ-साथ कचरा तैर रहा है। सुरक्षा और व्यवस्था आसपास नजर नहीं आ रही।कार्तिक माह 18 अक्टूबर से शुरू हो चुका है। 16 नवंबर को पूर्णिमा स्नान होगा।
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इसके साथ ही हिंदू मान्यताओं में तुलसी विवाह और अन्य त्योहारों के समय कुंड स्नान शुभ एवं फलदायक रहता है। इसलिए शासन-प्रशासन को श्री कपिल मुनि सरोवर और इसके साथ पुरातत्व विभाग द्वारा अधिकृत प्राचीन शिव मंदिर परिसर मेंं महिला व पुरुष कुंड में स्वच्छ जल का भराव जरूरी है।

श्री कपिल मुनि तीर्थ कमेटी प्रधान राजू कौशिक, हरियाणा नंबरदार एसोसिएशन प्रांतीय कोषाध्यक्ष संजय सिंगला, विश्व हिंदु परिषद जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल और दूसरे श्रद्धालुओं ने कहा कि कलायत स्थित पंच रथ शैली से निर्मित शिव मंदिर परिसर में महिला घाट की हालात चिंताजनक है। ऐसे में श्रद्धालुओं का स्नान करना संभव नहीं हो रहा है। कार्तिक माह में विशेष स्नान का महत्व होता है। इस दौरान भक्तजन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं।

महिलाओं के लिए बने कुंड सूखने से स्थानीय श्रद्धालुओं में निराशा का माहौल है। कार्तिक पूर्णिमा और अन्य पर्वों पर यहां श्रद्धालुओं की भीड़ होती है लेकिन इस बार पानी की कमी के चलते स्नान की परंपरा बाधित हो रही है। मंदिर के पुजारी संजय गौतम और अनिरुद्ध गौतम ने बताया कि कार्तिक माह मुख्य त्योहारों का समय होता है। कार्तिक में विशेष रूप से नदियों में स्नान करने, व्रत रखने और भगवान विष्णु की पूजा का महत्व है।

इस दौरान भक्तजन विशेष रूप से गंगा, यमुना और अन्य पवित्र नदियों में स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं। कलायत एसडीएम सत्यवान मान ने बताया कि कार्तिक माह मेंं धार्मिक स्थलोंं पर स्नान के लिए स्वच्छ जल उपलब्ध न होने और बुनियादी सुविधाओं को लेकर श्रद्धालुओं द्वारा की जा रही शिकायतों पर त्वरित संज्ञान लिया गया है।


इसके तहत उन्होंने अधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ श्री कपिल मुनि तीर्थ का दौरा किया है। साथ ही पंच रथ शैली से निर्मित शिव मंदिर परिसर मेंं स्थित महिला और पुरुष कुंडों का मुआयना किया गया है। स्थिति की रिपोर्ट शीर्ष अधिकारियों को प्रेषित की जाएगी। शासन-प्रशासन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रयासरत है।
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