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लघु सचिवालय और बस अड्डे का पानी पीने लायक नहीं
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:21 PM IST
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शहर में लघु सचिवालय एवं बस अड्डे सहित कई संस्थानों का पानी पीने लायक नहीं है। इसका खुलासा स्वास्थ्य मंत्री के आदेश पर की सैंपलिंग हुआ है। स्वास्थ्य विभाग ने इस सभी संस्थानों को नोटिस जारी कर दिए हैं। सैंपलिंग की यह प्रक्रिया पूरे जिले में सभी संस्थानों में पानी की जांच होने तक जारी रहेगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में दिए जा रहे पानी की जांच के आदेश जारी किए थे। इसके बाद जिलेभर में विभिन्न स्थानों से पानी के सैंपल लेने के बाद आठ अगस्त को जांच के लिए भेजे गए। इसकी रिपोर्ट में कुछ चौकाने वाले खुलासे हुए।
इसमें लघु सचिवालय, सामान्य बस अड्डा, शहर के बड़े होटल व कई स्कूलों के सैंपल फेल पाए गए। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जिस पानी के सेंपल फेल पाए गए हैं, उस पानी से हैजा, पीलिया, टाइफाइड सहित पानी जनित अन्य रोग हो रहे हैं। इसीलिए इन सभी जगहों का पानी ठीक करवाया जाना अनिवार्य है।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने एक जुलाई को लघु सचिवालय के पानी की टंकियों की बदहाली का समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद औपचारिकता निभाते हुए सीटीएम ने पानी की टंकियों की जांच की, लेकिन टंकियों की हालत पर ध्यान नहीं दिया। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता भी सामने आ गई है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारी तो कैंपर का पानी पी लेते हैं, लेकिन आम लोगों को टोंटियों का पानी पीना पड़ता है, जो पीने लायक नहीं है।
इनके हुए सैंपल फेल
1. लघु सचिवालय
2. जन्नत होटल करनाल रोड, हनुमान वाटिका के पास
3. बस अड्डे का पानी
4. जैन बर्फ फेक्टरी चंदाना गेट, कैथल
5. अग्रवाल वाटर कैंफर
6. जाट स्कूल
7. कमल होटल खुराना रोड
8. मधु होटल, अंबाला रोड
9. श्रीकृष्णा मिष्ठान भंडार, करनाल रोड
10. दुर्ग मिष्ठान भंडार, करनाल रोड
11. हिंदू पब्लिक स्कूल
12. राजकीय विद्यालय सीवन
13. स्प्रिंगफील्ड रिजॉर्ट, जींद रोड कैथल।(क्लोरिन टेस्ट में)
कार्रवाई की जाएगी
जिन संस्थानों में पानी का सैंपल फेल पाया गया है, उन संस्थानों के संचालकों, मुखियाओं को नोटिस जारी किया जाएगा। जिसमें इस पानी को शीघ्रता से ठीक कराने के निर्देश के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. आरके पूनिया, सीएमओ, कैथल
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स्वास्थ्य मंत्री ने सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में दिए जा रहे पानी की जांच के आदेश जारी किए थे। इसके बाद जिलेभर में विभिन्न स्थानों से पानी के सैंपल लेने के बाद आठ अगस्त को जांच के लिए भेजे गए। इसकी रिपोर्ट में कुछ चौकाने वाले खुलासे हुए।
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इसमें लघु सचिवालय, सामान्य बस अड्डा, शहर के बड़े होटल व कई स्कूलों के सैंपल फेल पाए गए। विभागीय अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जिस पानी के सेंपल फेल पाए गए हैं, उस पानी से हैजा, पीलिया, टाइफाइड सहित पानी जनित अन्य रोग हो रहे हैं। इसीलिए इन सभी जगहों का पानी ठीक करवाया जाना अनिवार्य है।
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अमर उजाला ने उठाया था मुद्दा
अमर उजाला ने एक जुलाई को लघु सचिवालय के पानी की टंकियों की बदहाली का समाचार प्रकाशित किया था। इसके बाद औपचारिकता निभाते हुए सीटीएम ने पानी की टंकियों की जांच की, लेकिन टंकियों की हालत पर ध्यान नहीं दिया। अब स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट में पानी की गुणवत्ता भी सामने आ गई है। यहां प्रतिदिन सैकड़ों लोग अपनी फरियाद लेकर आते हैं। अधिकारी एवं कर्मचारी तो कैंपर का पानी पी लेते हैं, लेकिन आम लोगों को टोंटियों का पानी पीना पड़ता है, जो पीने लायक नहीं है।
इनके हुए सैंपल फेल
1. लघु सचिवालय
2. जन्नत होटल करनाल रोड, हनुमान वाटिका के पास
3. बस अड्डे का पानी
4. जैन बर्फ फेक्टरी चंदाना गेट, कैथल
5. अग्रवाल वाटर कैंफर
6. जाट स्कूल
7. कमल होटल खुराना रोड
8. मधु होटल, अंबाला रोड
9. श्रीकृष्णा मिष्ठान भंडार, करनाल रोड
10. दुर्ग मिष्ठान भंडार, करनाल रोड
11. हिंदू पब्लिक स्कूल
12. राजकीय विद्यालय सीवन
13. स्प्रिंगफील्ड रिजॉर्ट, जींद रोड कैथल।(क्लोरिन टेस्ट में)
कार्रवाई की जाएगी
जिन संस्थानों में पानी का सैंपल फेल पाया गया है, उन संस्थानों के संचालकों, मुखियाओं को नोटिस जारी किया जाएगा। जिसमें इस पानी को शीघ्रता से ठीक कराने के निर्देश के साथ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी।
डॉ. आरके पूनिया, सीएमओ, कैथल