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Kaithal News: कलायत में विहिप ने कपिल तीर्थ पर मनाया दीपोत्सव

Thu, 31 Oct 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Thu, 31 Oct 2024 01:00 AM IST
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VHP celebrated Deepotsav at Kapil Tirtha in Kalayat
संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। विश्व हिंदू परिषद द्वारा कलायत के श्री कपिल तीर्थ पर दीपोत्सव मनाया गया। विहिप सदस्यों ने पवित्र तीर्थ पर दीपदान किया और सामूहिक रूप से श्री हनुमान चालीसा का पाठ किया। उसके पश्चात मंदिर में दर्शन पूजन कर क्षेत्र की समृद्धि व खुशहाली की मनोकामना की।

तीर्थ पर दीपदान के बाद कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जिला उपाध्यक्ष बीरभान निर्मल ने कहा कि अयोध्या में आज 500 साल बाद राम वाली दिवाली है। अपने आराध्य के स्वागत में रामनगरी तैयार है। नए मंदिर में राम लला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद ये पहली दिवाली होगी। इसी लिए अयोध्या में दीपोत्सव से लेकर प्रभु का पुष्पक विमान में आगमन तक खुशियां से भर देने वाला होगा।
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इसी कड़ी में कलायत प्रखंड में विहिप के सदस्यों द्वारा कपिल तीर्थ पर दीपदान व दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंगला ने कहा कि विहिप हिंदू समाज में व्याप्त अस्पृश्यता जैसी सामाजिक बुराइयों के उन्मूलन के निरंतर प्रयासों के माध्यम से, समाज को विमुक्त, और अंतर्निहित हिंदू एकता को पुनर्जाग्रत करने के लिए समाज का कायाकल्प कर रही है। विहिप अपने मूल मूल्यों, विश्वासों और पवित्र परंपराओं की रक्षा के लिए श्री रामजन्मभूमि, श्री अमरनाथ यात्रा, श्री रामसेतु, श्री गंगा रक्षा, गौ रक्षा, धर्मांतरण जैसे मुद्दों को उठाकर हिंदू समाज की अदम्य शक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित कर रही है।
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यह विहिप का ही प्रभाव है कि हिंदू धर्म के सभी संप्रदायों (धर्मों) के सभी धर्माचार्यों का एक मंच पर एकत्रीकरण हुआ। सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन में अथक प्रयासों के साथ अपार सफलता मिली। समाज में हिंदू गौरव और एकता की अभिव्यक्ति को नई दिशा मिली। हाल के दिनों में अपने मूल हिंदू धर्म में लाखों लोगों की स्वैच्छिक घर वापसी हुई। प्रखंड महामंत्री डाॅ. प्रियव्रत गालब ने कहा कि भगवा रंग त्याग, बलिदान, ज्ञान, शुद्धता एवं सेवा का प्रतीक है। शिवाजी की सेना, भगवान राम, कृष्ण व अर्जुन के रथों के ध्वज का रंग भगवा ही था। इसी भगवा ध्वज की छाया में हिन्दू समाज में फैली जातिवादी प्रथा को दूर कर हिंदू समाज को एकजुट करना है।
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