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Kaithal News: आज मंडियों में आवक नहीं सिर्फ होगा धान का उठान
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नई अनाजमंडी में उठान करते श्रमिक। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में धान के उठान में देरी के कारण व्यवस्था चरमराने लगी है। मंडियों में धान रखने और ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवाजाही तक के लिए जगह नहीं बची है। हालात को संभालने के लिए प्रशासन ने रविवार को मंडियों में धान की आवक रोकने की तैयारी की है। किसानों से अपील की गई है कि वे रविवार को फसल मंडियों में न लाएं। इस दिन केवल खरीदे गए धान का उठान होगा, ताकि मंडियों में जगह बनाई जा सके।
किसान महेंद्र और सुरजा राम का कहना है कि जिन किसानों की धान की फसल कटाई के लिए तैयार है, वे उसे मंडी में न लाने की स्थिति में कहां रखें। किसानों के अनुसार, उठान में देरी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। अतिरिक्त अनाज मंडी के प्रधान रघुवीर ने बताया कि उठान नहीं होने से मंडियां जाम हो गई हैं। धान डालने और ट्रैक्टर-ट्राली निकालने तक की जगह नहीं बची। ऐसे में रविवार को केवल उठान होगा और खरीद नहीं की जाएगी। मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने भी इसकी पुष्टि की।
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खरीद के मुकाबले उठान काफी कम
डीसी अपराजिता के निर्देशानुसार, प्रशासन खरीद और उठान प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। शनिवार तक जिले में 1,93,684 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी, जबकि उठान केवल 46,162 मीट्रिक टन का हुआ। यानी खरीदे गए धान का करीब 24 प्रतिशत ही मंडियों से उठाया जा सका है। इससे मंडियों में भंडारण का दबाव बढ़ रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 95,234 मीट्रिक टन, हैफेड ने 64,642 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 33,808 मीट्रिक टन धान खरीदा है। प्रशासन का कहना है कि एजेंसियों को खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
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ढांड और पूंडरी मंडियों में सबसे अधिक खरीद
जिले की मंडियों में खरीद जारी है। सबसे ज्यादा ढांड में 32,329 मीट्रिक टन, अरनौली में 2,511 मीट्रिक टन, भागल में 2,243 मीट्रिक टन, धनौरी में 122 मीट्रिक टन, गुहला चीका की पुरानी मंडी में 18,210 मीट्रिक टन नई मंडी में 29,143 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसी प्रकार कैथल की पुरानी मंडी में 2,816 मीट्रिक टन, नई मंडी में 17,947 मीट्रिक टन, अतिरिक्त मंडी में 27,939 मीट्रिक टन, कलायत में 3,808 मीट्रिक टन, कांगथली में 516 मीट्रिक टन, कौल में 4,421 मीट्रिक टन, पाई में 3,607 मीट्रिक टन और पूंडरी में 27,017 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके अलावा राजौंद में 2,000 मीट्रिक टन, रामथली में 3,945 मीट्रिक टन, सीवन में 7,677 मीट्रिक टन, चीका में बाबुराम राइस मिल के सामने स्थित खरीद केंद्र पर 476 मीट्रिक टन, गंगोत्री मार्बल के सामने स्थित खरीद केंद्र पर 852 मीट्रिक टन और अदानी एग्रो साइलो, ढांड में 6,105 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है।
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कैथल। जिले की अनाज मंडियों में धान के उठान में देरी के कारण व्यवस्था चरमराने लगी है। मंडियों में धान रखने और ट्रैक्टर-ट्रालियों की आवाजाही तक के लिए जगह नहीं बची है। हालात को संभालने के लिए प्रशासन ने रविवार को मंडियों में धान की आवक रोकने की तैयारी की है। किसानों से अपील की गई है कि वे रविवार को फसल मंडियों में न लाएं। इस दिन केवल खरीदे गए धान का उठान होगा, ताकि मंडियों में जगह बनाई जा सके।
किसान महेंद्र और सुरजा राम का कहना है कि जिन किसानों की धान की फसल कटाई के लिए तैयार है, वे उसे मंडी में न लाने की स्थिति में कहां रखें। किसानों के अनुसार, उठान में देरी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है। अतिरिक्त अनाज मंडी के प्रधान रघुवीर ने बताया कि उठान नहीं होने से मंडियां जाम हो गई हैं। धान डालने और ट्रैक्टर-ट्राली निकालने तक की जगह नहीं बची। ऐसे में रविवार को केवल उठान होगा और खरीद नहीं की जाएगी। मार्केट कमेटी के सचिव नरेंद्र ढुल ने भी इसकी पुष्टि की।
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खरीद के मुकाबले उठान काफी कम
डीसी अपराजिता के निर्देशानुसार, प्रशासन खरीद और उठान प्रक्रिया की निगरानी कर रहा है। शनिवार तक जिले में 1,93,684 मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी थी, जबकि उठान केवल 46,162 मीट्रिक टन का हुआ। यानी खरीदे गए धान का करीब 24 प्रतिशत ही मंडियों से उठाया जा सका है। इससे मंडियों में भंडारण का दबाव बढ़ रहा है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने 95,234 मीट्रिक टन, हैफेड ने 64,642 मीट्रिक टन और हरियाणा वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन ने 33,808 मीट्रिक टन धान खरीदा है। प्रशासन का कहना है कि एजेंसियों को खरीदे गए धान का समय पर उठान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसानों को परेशानी न हो।
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ढांड और पूंडरी मंडियों में सबसे अधिक खरीद
जिले की मंडियों में खरीद जारी है। सबसे ज्यादा ढांड में 32,329 मीट्रिक टन, अरनौली में 2,511 मीट्रिक टन, भागल में 2,243 मीट्रिक टन, धनौरी में 122 मीट्रिक टन, गुहला चीका की पुरानी मंडी में 18,210 मीट्रिक टन नई मंडी में 29,143 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई है। इसी प्रकार कैथल की पुरानी मंडी में 2,816 मीट्रिक टन, नई मंडी में 17,947 मीट्रिक टन, अतिरिक्त मंडी में 27,939 मीट्रिक टन, कलायत में 3,808 मीट्रिक टन, कांगथली में 516 मीट्रिक टन, कौल में 4,421 मीट्रिक टन, पाई में 3,607 मीट्रिक टन और पूंडरी में 27,017 मीट्रिक टन धान खरीदा गया है। इसके अलावा राजौंद में 2,000 मीट्रिक टन, रामथली में 3,945 मीट्रिक टन, सीवन में 7,677 मीट्रिक टन, चीका में बाबुराम राइस मिल के सामने स्थित खरीद केंद्र पर 476 मीट्रिक टन, गंगोत्री मार्बल के सामने स्थित खरीद केंद्र पर 852 मीट्रिक टन और अदानी एग्रो साइलो, ढांड में 6,105 मीट्रिक टन धान की खरीद दर्ज की गई है।