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Kaithal News: आचार संहिता के बाद होगा स्थायी समाधान
Sun, 29 Sep 2024 02:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 29 Sep 2024 02:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मूंदड़ी गांव में करीब एक महीने पहले सिरसा ब्रांच नहर के टूटे हुए हिस्सों का अब सिंचाई विभाग नए सिरे से निर्माण कर नहर को दुरुस्त करेगा। विधानसभा चुनाव आचार संहिता के बाद इसके स्थायी समाधान के लिए विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय से पत्राचार किया है। अधिकारियों ने पत्र के जरिये टूटे हिस्सों को दोबारा बनाने के लिए अनुमति मांगी है। हालांकि अभी ये पता नहीं है कि अनुमति कब तक मिलेगी, लेकिन विभाग ने आचार संहिता के बाद इस कार्य को शुरू करने की संभावना जताई है।
दरअसल, क्षतिग्रस्त हिस्सों के नए सिरे से बनने के बाद नहर टूटने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। नहर का हिस्सा टूटने के बाद शहर में जन स्वास्थ्य विभाग ने पानी का समय घटाया है। अब जनस्वास्थ्य विभाग उन क्षेत्रों में केवल एक ही समय पानी दे रहा है। जिन क्षेत्रों में नहरी पानी की सप्लाई की जाती है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में एक अतिरिक्त ट्यूबवैल भी पानी की सप्लाई के लिए लगाया है।
गौरतलब है कि शहर में इस समय करीब 70 प्रतिशत क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति की जाती है। एक महीना पहले सिरसा ब्रांच नहर का बड़ा हिस्सा टूट गया था। गनीमत रही कि जिस स्थान पर नहर टूटी, वहीं से हांसी-बुटाना नहर गुजरती है। ऐसे में सारा पानी साथ लगती नहर में चला गया। अगर ऐसा न होता तो सैकड़ों एकड़ रकबे में धान की फसल हो नुकसान हो सकता था।
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इसी नहर से आता है शहर में नहरी पेयजल ः
जनस्वास्थ्य विभाग के प्योदा रोड स्थित पेयजल स्टोरेज टैंकों में भी सिरसा ब्रांच नहर से ही पानी आता है, जिसे बाद में फिल्टर करके शहर में सप्लाई किया जाता है। नहर के टूटे हिस्से को अस्थायी तौर पर जोड़कर इसमें 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, ताकि पेयजल टैंकों को भरा जा सके। सामान्य स्थिति में नहर में 1600 से 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इतने ज्यादा पानी में अस्थायी प्रबंध ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे।
सिरसा ब्रांच नहर के टूटे हुए हिस्से का अब नए सिरे से निर्माण करने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। कुछ दिन पहले ही नहर के टूटे हुए हिस्से की जांच करने के लिए रुड़की से टीम भी पहुंची थी। उन्होंने भी इस नहर के हिस्से का नए सिरे का निर्माण करने की बात कही थी। फिलहाल शहर में पानी की सप्लाई के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - एमआर गर्ग, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल। - एमआर गर्ग, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल।
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कैथल। मूंदड़ी गांव में करीब एक महीने पहले सिरसा ब्रांच नहर के टूटे हुए हिस्सों का अब सिंचाई विभाग नए सिरे से निर्माण कर नहर को दुरुस्त करेगा। विधानसभा चुनाव आचार संहिता के बाद इसके स्थायी समाधान के लिए विभाग के स्थानीय अधिकारियों ने मुख्यालय से पत्राचार किया है। अधिकारियों ने पत्र के जरिये टूटे हिस्सों को दोबारा बनाने के लिए अनुमति मांगी है। हालांकि अभी ये पता नहीं है कि अनुमति कब तक मिलेगी, लेकिन विभाग ने आचार संहिता के बाद इस कार्य को शुरू करने की संभावना जताई है।
दरअसल, क्षतिग्रस्त हिस्सों के नए सिरे से बनने के बाद नहर टूटने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। नहर का हिस्सा टूटने के बाद शहर में जन स्वास्थ्य विभाग ने पानी का समय घटाया है। अब जनस्वास्थ्य विभाग उन क्षेत्रों में केवल एक ही समय पानी दे रहा है। जिन क्षेत्रों में नहरी पानी की सप्लाई की जाती है। हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर में एक अतिरिक्त ट्यूबवैल भी पानी की सप्लाई के लिए लगाया है।
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गौरतलब है कि शहर में इस समय करीब 70 प्रतिशत क्षेत्रों में नहरी पानी की आपूर्ति की जाती है। एक महीना पहले सिरसा ब्रांच नहर का बड़ा हिस्सा टूट गया था। गनीमत रही कि जिस स्थान पर नहर टूटी, वहीं से हांसी-बुटाना नहर गुजरती है। ऐसे में सारा पानी साथ लगती नहर में चला गया। अगर ऐसा न होता तो सैकड़ों एकड़ रकबे में धान की फसल हो नुकसान हो सकता था।
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इसी नहर से आता है शहर में नहरी पेयजल ः
जनस्वास्थ्य विभाग के प्योदा रोड स्थित पेयजल स्टोरेज टैंकों में भी सिरसा ब्रांच नहर से ही पानी आता है, जिसे बाद में फिल्टर करके शहर में सप्लाई किया जाता है। नहर के टूटे हिस्से को अस्थायी तौर पर जोड़कर इसमें 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, ताकि पेयजल टैंकों को भरा जा सके। सामान्य स्थिति में नहर में 1600 से 1800 क्यूसेक पानी छोड़ा जाता है। इतने ज्यादा पानी में अस्थायी प्रबंध ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएंगे।
सिरसा ब्रांच नहर के टूटे हुए हिस्से का अब नए सिरे से निर्माण करने के लिए मुख्यालय से अनुमति मांगी गई है। कुछ दिन पहले ही नहर के टूटे हुए हिस्से की जांच करने के लिए रुड़की से टीम भी पहुंची थी। उन्होंने भी इस नहर के हिस्से का नए सिरे का निर्माण करने की बात कही थी। फिलहाल शहर में पानी की सप्लाई के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। - एमआर गर्ग, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल। - एमआर गर्ग, अधीक्षक अभियंता, सिंचाई विभाग, कैथल।