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Kaithal News: हड़ताल जारी....अभी तीन दिन और नहीं उठेगा सड़कों से कूड़ा
Tue, 12 May 2026 12:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 12 May 2026 12:51 AM IST
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नगर परिषद के सामने वाले रोड पर कूड़ा फैलाते कर्मी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने 14 मई तक हड़ताल बढ़ा दी है। नगर परिषद के पास वैकल्पिक व्यवस्था न होने से शहर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। अभी तीन दिन और सड़कों पर कचरा नजर आएगा। फिलहाल करीब करीब 500 टन कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा है।
कई जगहों पर विरोध स्वरूप सफाई कर्मचारियों ने शहर की मुख्य सड़कों पर कचरा बिखेरकर प्रशासन के खिलाफ रोष भी जताया। गुरु तेग बहादुर चौक के पास कचरा फैलाने पर सिख समाज ने नाराजगी जताई। इसके बाद कर्मचारियों ने चौक के पास से कचरा हटा दिया। उधर, कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और पुलिस प्रशासन को भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
सड़कों पर कचरा फैलाए जाने से ट्रैफिक प्रभावित हुआ और शहर में जाम लगने की अफवाह फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी सड़कों को पूरी तरह जाम कर सकते हैं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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हालांकि मौके पर जाम जैसी स्थिति नहीं बनी, लेकिन सड़कों पर फैले कचरे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। संगठन पदाधिकारी शिवचरण ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल आंदोलन को 14 मई तक बढ़ा दिया गया है।
500 टन कचरा बना बीमारी का खतरा : शहर से प्रतिदिन लगभग 90 से 100 टन कचरा निकलता है। इसमें से कुछ कचरा डोर-टू-डोर व्यवस्था के माध्यम से उठाया जा रहा है, लेकिन बाकी कचरा सड़कों और बाजारों में जमा हो रहा है। गलियों-मुख्य चौराहों पर करीब 500 टन कचरा जमा हो चुका है। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण कचरा सड़ने लगा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने निवासियों और दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नगर परिषद के पास नहीं कोई प्लान-बी
सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद असहाय नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार करीब 600 सफाई कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने के कारण विकल्प बेहद सीमित हो गए हैं। हालांकि नगर परिषद ने एक निजी एजेंसी को डोर-टू-डोर कचरा उठाने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन एजेंसी केवल घरों से कचरा एकत्र कर पा रही है। सड़कों और डंपिंग प्वाइंट्स पर जमा सैकड़ों टन कचरा हटाने के लिए परिषद के पास फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं है।
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कैथल। नगर परिषद के सफाई कर्मचारियों ने 14 मई तक हड़ताल बढ़ा दी है। नगर परिषद के पास वैकल्पिक व्यवस्था न होने से शहर में सफाई व्यवस्था ध्वस्त है। अभी तीन दिन और सड़कों पर कचरा नजर आएगा। फिलहाल करीब करीब 500 टन कचरा सड़कों पर बिखरा पड़ा है।
कई जगहों पर विरोध स्वरूप सफाई कर्मचारियों ने शहर की मुख्य सड़कों पर कचरा बिखेरकर प्रशासन के खिलाफ रोष भी जताया। गुरु तेग बहादुर चौक के पास कचरा फैलाने पर सिख समाज ने नाराजगी जताई। इसके बाद कर्मचारियों ने चौक के पास से कचरा हटा दिया। उधर, कर्मचारियों के प्रदर्शन के दौरान शहर की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और पुलिस प्रशासन को भी मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
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सड़कों पर कचरा फैलाए जाने से ट्रैफिक प्रभावित हुआ और शहर में जाम लगने की अफवाह फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस को आशंका थी कि प्रदर्शनकारी सड़कों को पूरी तरह जाम कर सकते हैं, जिससे कानून व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
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हालांकि मौके पर जाम जैसी स्थिति नहीं बनी, लेकिन सड़कों पर फैले कचरे के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कर्मचारियों ने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी उठाई। संगठन पदाधिकारी शिवचरण ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस सहमति नहीं बनती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। फिलहाल आंदोलन को 14 मई तक बढ़ा दिया गया है।
500 टन कचरा बना बीमारी का खतरा : शहर से प्रतिदिन लगभग 90 से 100 टन कचरा निकलता है। इसमें से कुछ कचरा डोर-टू-डोर व्यवस्था के माध्यम से उठाया जा रहा है, लेकिन बाकी कचरा सड़कों और बाजारों में जमा हो रहा है। गलियों-मुख्य चौराहों पर करीब 500 टन कचरा जमा हो चुका है। तेज धूप और बढ़ती गर्मी के कारण कचरा सड़ने लगा है, जिससे उठने वाली दुर्गंध ने निवासियों और दुकानदारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
नगर परिषद के पास नहीं कोई प्लान-बी
सफाई व्यवस्था पर नगर परिषद असहाय नजर आ रही है। अधिकारियों के अनुसार करीब 600 सफाई कर्मचारियों के एक साथ हड़ताल पर चले जाने के कारण विकल्प बेहद सीमित हो गए हैं। हालांकि नगर परिषद ने एक निजी एजेंसी को डोर-टू-डोर कचरा उठाने की जिम्मेदारी दी है, लेकिन एजेंसी केवल घरों से कचरा एकत्र कर पा रही है। सड़कों और डंपिंग प्वाइंट्स पर जमा सैकड़ों टन कचरा हटाने के लिए परिषद के पास फिलहाल कोई वैकल्पिक व्यवस्था मौजूद नहीं है।

नगर परिषद के सामने वाले रोड पर कूड़ा फैलाते कर्मी।

नगर परिषद के सामने वाले रोड पर कूड़ा फैलाते कर्मी।