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Kaithal News: पारा गिरा तो गर्मी से राहत पर फसल देख किसान चिंतित
Thu, 19 Mar 2026 01:51 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 19 Mar 2026 01:51 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। मार्च में समय से पहले बढ़ी गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। आसमान में छाए बादलों और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं खेतों में फसल की हालत देखकर किसान चिंतित हैं।
अधिकतम तापमान घटकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो एक सप्ताह पहले 35 डिग्री तक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण यह बदलाव आया है। अगले 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पिछले दिनों दोपहर के समय अप्रैल-मई जैसी गर्मी महसूस की जा रही थी, लेकिन अब मौसम में नरमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली हैै।
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार, तापमान में गिरावट रबी फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए लाभकारी है, क्योंकि अधिक गर्मी से फसल समय से पहले पकने लगती है।
दूसरी ओर डॉक्टरों ने बदलते मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बासी खानेेेेे से परहेज की सलाह दी है।
मुआवजे की उठी मांग
राजौंद। दो दिनों से चली तेज हवाओं और हल्की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें गिरने से नुकसान की आशंका गहरा गई है। सबसे अधिक असर गेहूं की फसल पर पड़ा है, जो पकने की अवस्था में थी। तेज हवा के कारण कई जगहों पर फसल जमीन पर बिछ गई, जिससे उत्पादन घटने का खतरा है।
किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह के मौसम बदलाव ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा सरसों और चने की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से बारिश या तेज हवा चली तो नुकसान बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का जल्द सर्वे करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। संवाद
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कैथल। मार्च में समय से पहले बढ़ी गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। आसमान में छाए बादलों और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं खेतों में फसल की हालत देखकर किसान चिंतित हैं।
अधिकतम तापमान घटकर 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया है, जो एक सप्ताह पहले 35 डिग्री तक था। वहीं न्यूनतम तापमान भी गिरकर 17 डिग्री सेल्सियस हो गया है, जिससे सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।
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मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण यह बदलाव आया है। अगले 48 घंटों तक आसमान में बादल छाए रहने और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। पिछले दिनों दोपहर के समय अप्रैल-मई जैसी गर्मी महसूस की जा रही थी, लेकिन अब मौसम में नरमी आने से लोगों ने राहत की सांस ली हैै।
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कृषि विशेषज्ञ डॉ. रमेश चंद्र के अनुसार, तापमान में गिरावट रबी फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए लाभकारी है, क्योंकि अधिक गर्मी से फसल समय से पहले पकने लगती है।
दूसरी ओर डॉक्टरों ने बदलते मौसम में सतर्क रहने की सलाह दी है। तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल बुखार का खतरा बढ़ सकता है, इसलिए खान-पान और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। बासी खानेेेेे से परहेज की सलाह दी है।
मुआवजे की उठी मांग
राजौंद। दो दिनों से चली तेज हवाओं और हल्की बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में खड़ी फसलें गिरने से नुकसान की आशंका गहरा गई है। सबसे अधिक असर गेहूं की फसल पर पड़ा है, जो पकने की अवस्था में थी। तेज हवा के कारण कई जगहों पर फसल जमीन पर बिछ गई, जिससे उत्पादन घटने का खतरा है।
किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह के मौसम बदलाव ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। इसके अलावा सरसों और चने की फसल भी प्रभावित हुई है। किसानों ने आशंका जताई है कि यदि आने वाले दिनों में फिर से बारिश या तेज हवा चली तो नुकसान बढ़ सकता है। किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान का जल्द सर्वे करवाने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। संवाद