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Kaithal News: डिपो को अब तक नहीं मिली एक भी इलेक्ट्रिक बस
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कैथल बस अड्डा का दृश्य। संवाद
कैथल। शहर में सिटी बस सेवा शुरू होने का इंतजार है। कैथल डिपो को अभी तक एक भी इलेक्ट्रिक बस नहीं मिली है। परिवहन विभाग की ओर से पांच इलेक्ट्रिक बसों की मांग मुख्यालय को भेजी जा चुकी है लेकिन अभी तक इन बसों को मंजूरी नहीं मिली है।
इसके कारण शहर के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शहर में लंबे समय से सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई जाती रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी और निजी अस्पताल, कॉलेज, स्कूल, कोचिंग संस्थान और प्रमुख कार्यालय हैं। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार ऑटो बदलना पड़ता है या निजी वाहन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
इससे समय और किराया दोनों बढ़ जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि कैथल डिपो को इलेक्ट्रिक बसें मिल जाती हैं तो शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़कर अलग-अलग रूट बनाए जा सकते हैं। इससे लोगों को ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा।
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रोजाना करीब 40 रुपये तक खर्च : शहरवासी मनेंद्र ने बताया कि सार्वजनिक बस सेवा नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग ऑटो, ई-रिक्शा या निजी वाहनों का सहारा लेते हैं। कई लोगों को रोजाना आने-जाने में करीब 40 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों के लिए यह खर्च लगातार बढ़ता जाता है।
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इसके कारण शहर के लोगों को रोजमर्रा के आवागमन के लिए ऑटो, ई-रिक्शा और निजी वाहनों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शहर में लंबे समय से सिटी बस सेवा शुरू करने की मांग उठाई जाती रही है। शहर के अलग-अलग हिस्सों में सरकारी और निजी अस्पताल, कॉलेज, स्कूल, कोचिंग संस्थान और प्रमुख कार्यालय हैं। इन स्थानों तक पहुंचने के लिए लोगों को कई बार ऑटो बदलना पड़ता है या निजी वाहन का इस्तेमाल करना पड़ता है।
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इससे समय और किराया दोनों बढ़ जाते हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि कैथल डिपो को इलेक्ट्रिक बसें मिल जाती हैं तो शहर के प्रमुख हिस्सों को जोड़कर अलग-अलग रूट बनाए जा सकते हैं। इससे लोगों को ऑटो और निजी वाहनों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलेगा।
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रोजाना करीब 40 रुपये तक खर्च : शहरवासी मनेंद्र ने बताया कि सार्वजनिक बस सेवा नहीं होने के कारण ज्यादातर लोग ऑटो, ई-रिक्शा या निजी वाहनों का सहारा लेते हैं। कई लोगों को रोजाना आने-जाने में करीब 40 रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं। विद्यार्थियों और रोजाना काम पर जाने वाले लोगों के लिए यह खर्च लगातार बढ़ता जाता है।

कैथल बस अड्डा का दृश्य। संवाद