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Kaithal News: गांव क्योड़क में सरपंच और ग्रामीण पक्ष के बीच विवाद सुलझा
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कैथल। गांव क्योड़क में शिकायत, प्रशासनिक जांच के बाद सरपंच जसबीर सिंह के निलंबन और बाद में निलंबन पर रोक के बाद जश्न के दौरान हुआ विवाद आखिरकार पंचायत में सुलझ गया। सरपंच पक्ष और ग्रामीण बलदेव पक्ष के बीच हुए विवाद में सदर थाना पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर कुल 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। अब गांव के लोगों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। दोनों पक्षों ने अपनी शिकायतें वापस लेने पर सहमति जताई है।
विवाद को सुलझाने में गांव क्योड़क के ही रहने वाले भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कई बार पंचायत हुई। इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत की गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने गांव में भाईचारा बनाए रखने और विवाद को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई।
दो-दो लाख रुपये के गारंटर लिए
गांव के लोगों के अनुसार समझौते के तहत दोनों पक्षों की ओर से दो-दो लाख रुपये के गारंटर लिए गए हैं। सहमति बनी है कि कोई भी पक्ष सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक या गलत टिप्पणी नहीं करेगा। ऐसा करने पर पंचायत की ओर से तय की गई शर्त के अनुसार संबंधित पक्ष को जमानत राशि देनी होगी।
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कार्यक्रम में हुआ था दोनों पक्षों में विवाद
22 सितंबर को सरपंच जसबीर सिंह के निलंबन के आदेशों पर रोक के बाद गांव के खेल स्टेडियम में सम्मान समारोह कार्यक्रम रखा गया था। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। सरपंच पक्ष ने पांच लोगों पर हमला करने और गाड़ी के शीशे तोड़ने का आरोप लगाया था। वहीं बलदेव पक्ष ने सरपंच समेत 11 लोगों पर हमला करने, ईंटें बरसाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कुल 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
सरपंच जसबीर सिंह ने कहा कि पंचायत की पहल से विवाद खत्म हुआ है। वहीं बलदेव ने भी गांव के फैसले को स्वीकार करने की बात कही। दोनों पक्ष अब मामले को आगे नहीं बढ़ाने और अपनी-अपनी शिकायतें वापस लेने पर सहमत हैं।
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विवाद को सुलझाने में गांव क्योड़क के ही रहने वाले भाजपा नेता राव सुरेंद्र सिंह की विशेष भूमिका रही। उनके नेतृत्व में कई बार पंचायत हुई। इसमें दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत की गई। इसके बाद दोनों पक्षों ने गांव में भाईचारा बनाए रखने और विवाद को आगे नहीं बढ़ाने पर सहमति जताई।
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दो-दो लाख रुपये के गारंटर लिए
गांव के लोगों के अनुसार समझौते के तहत दोनों पक्षों की ओर से दो-दो लाख रुपये के गारंटर लिए गए हैं। सहमति बनी है कि कोई भी पक्ष सोशल मीडिया या किसी अन्य माध्यम पर दूसरे पक्ष के खिलाफ आपत्तिजनक या गलत टिप्पणी नहीं करेगा। ऐसा करने पर पंचायत की ओर से तय की गई शर्त के अनुसार संबंधित पक्ष को जमानत राशि देनी होगी।
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कार्यक्रम में हुआ था दोनों पक्षों में विवाद
22 सितंबर को सरपंच जसबीर सिंह के निलंबन के आदेशों पर रोक के बाद गांव के खेल स्टेडियम में सम्मान समारोह कार्यक्रम रखा गया था। इस दौरान दोनों पक्षों में विवाद हो गया था। सरपंच पक्ष ने पांच लोगों पर हमला करने और गाड़ी के शीशे तोड़ने का आरोप लगाया था। वहीं बलदेव पक्ष ने सरपंच समेत 11 लोगों पर हमला करने, ईंटें बरसाने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए थे। दोनों शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कुल 16 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।
सरपंच जसबीर सिंह ने कहा कि पंचायत की पहल से विवाद खत्म हुआ है। वहीं बलदेव ने भी गांव के फैसले को स्वीकार करने की बात कही। दोनों पक्ष अब मामले को आगे नहीं बढ़ाने और अपनी-अपनी शिकायतें वापस लेने पर सहमत हैं।