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Kaithal News: कैथल में बनेंगे 6 नए बिजली घर, जून तक पूरे होंगे निर्माण
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सीवन स्थित 132 केवी बिजली घर, जहां अब 33 केवी का नया बिजली घर की प्रक्रिया की शुरू। संवाद
कैथल। गर्मी में ओवरलोड और बार-बार बिजली कट से परेशान जिले के लोगों को जल्द राहत मिलने वाली है। निगम के अधिकारियों के अनुसार बिजली निगम ने छह जगह 33 केवी बिजली घर बनाने का काम शुरू कर दिया है। पूंडरी, पाई, सीवन, कांगथली, गुहला और चक्कू लदाना में बनने वाले इन बिजली घरों से 14 गांवों के करीब 20 हजार उपभोक्ताओं को सीधी बिजली कटों से राहत मिलेगी। अप्रैल से जून तक इनका निर्माण पूरा होने की उम्मीद है।
नए बिजली घर मौजूदा 132 केवी बिजली घरों में ही बनाए जाएंगे। प्रत्येक बिजली घर पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनसे मौजूदा बिजली घरों का लोड बांटा जाएगा। इससे ओवरलोड की समस्या कम होने के साथ बिजली आपूर्ति भी ज्यादा स्थिर होगी। जिले में निगम की ओर से पहले 33 केवी के 87 बिजली घरों से बिजली की सप्लाई की जा रही है। छोटे उद्योगों, दुकानदारों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निर्बाध बिजली मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। इन क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण मौजूदा ट्रांसफार्मरों और सब स्टेशनों पर अत्यधिक दबाव बन रहा था।
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पूंडरी-पाई में इन गांवों को मिलेगा फायदा
पूंडरी बिजली घर से पूंडरी शहर, फतेहपुर पूंडरी और सिकंदरखेड़ी को लाभ मिलेगा। पाई बिजली घर से पाई, भाणा, करोड़ा, पिलनी और जटेहड़ी के उपभोक्ताओं को फायदा होगा। कांगथली बिजली घर से कांगथली, ककहेड़ी, भूना, थेह मुकरिया और सैर क्षेत्र को राहत मिलेगी।
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सीवन और चक्कू लदाना में भी घटेगा लोड
सीवन बिजली घर से सीवन, मलिकपुर, फिरोजपुर और डेरा गोविंदपुरा को लाभ मिलेगा। चक्कू लदाना से थेह खरकां, पक्की पिस्सौल, कच्ची पिस्सौल और मेघा माजरा को राहत मिलेगी। गुहला बिजली घर से नंदगढ़, सलेमपुर और गुहला शहर के उपभोक्ताओं को फायदा होगा।
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गर्मी सीजन में बढ़ जाता है बिजली का दबाव
मई से अगस्त तक जिले में रोजाना 540 से ज्यादा बिजली कट लगे। गर्मी में एसी-कूलर का लोड बढ़ने के साथ धान सीजन में ट्यूबवेल चलने से बिजली की मांग और बढ़ जाती है। कई बिजली घरों पर क्षमता से अधिक भार आ जाता है। इसका असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दिया। नए बिजली घर बनने से लोड का बंटवारा होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अधिक नियमित बिजली मिलने की उम्मीद है। इससे लाइन लॉस और तकनीकी दिक्कतों में कमी आने की उम्मीद है।
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जिले में 3.72 लाख बिजली उपभोक्ता
जिले में 3 लाख 72 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। सात ब्लॉकों के 293 गांवों में बिजली सप्लाई हो रही है। इनमें 284 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए नए बिजली घरों को बिजली व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बिजली निगम के एसई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली घरों पर काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जून व जुलाई तक बिजली घर बनकर चलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को कटों से राहत मिलेगी।
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गर्मी में कटौती से होती है परेशानी
गर्मी के दिनों में बिजली कट लगने से घर के साथ खेती का काम भी प्रभावित होता है। धान के सीजन में बिजली की जरूरत और बढ़ जाती है। कई बार वोल्टेज कम होने से मोटर चलाने में दिक्कत आती है। छह नए बिजली घर बनने से अगर लोड कम होता है और वोल्टेज में सुधार आता है तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। बिजली की सप्लाई नियमित रहेगी तो किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
राजेंद्र किसान, चक्कू लदाना
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कटौती कम होगी तो कारोबार को भी फायदा
बिजली की बार-बार कटौती का असर दुकानों और छोटे कारोबार पर भी पड़ता है। गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से ग्राहक भी परेशान होते हैं। कई काम बिजली पर निर्भर हैं, इसलिए कट लगने पर काम रोकना पड़ता है। नए बिजली घर बनने से अगर ओवरलोड कम होता है और सप्लाई सुचारू रहती है तो दुकानदारों को फायदा होगा। इससे कारोबार का काम बिना रुकावट चल सकेगा और बार-बार बिजली आने-जाने की समस्या भी कम होगी।
मनोज कुमार, दुकानदार पूंडरी
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नए बिजली घर मौजूदा 132 केवी बिजली घरों में ही बनाए जाएंगे। प्रत्येक बिजली घर पर करीब चार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इनसे मौजूदा बिजली घरों का लोड बांटा जाएगा। इससे ओवरलोड की समस्या कम होने के साथ बिजली आपूर्ति भी ज्यादा स्थिर होगी। जिले में निगम की ओर से पहले 33 केवी के 87 बिजली घरों से बिजली की सप्लाई की जा रही है। छोटे उद्योगों, दुकानदारों और अन्य व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निर्बाध बिजली मिलने से आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी। इन क्षेत्रों में पिछले कई वर्षों से बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। आबादी और व्यावसायिक गतिविधियों में वृद्धि के कारण मौजूदा ट्रांसफार्मरों और सब स्टेशनों पर अत्यधिक दबाव बन रहा था।
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पूंडरी-पाई में इन गांवों को मिलेगा फायदा
पूंडरी बिजली घर से पूंडरी शहर, फतेहपुर पूंडरी और सिकंदरखेड़ी को लाभ मिलेगा। पाई बिजली घर से पाई, भाणा, करोड़ा, पिलनी और जटेहड़ी के उपभोक्ताओं को फायदा होगा। कांगथली बिजली घर से कांगथली, ककहेड़ी, भूना, थेह मुकरिया और सैर क्षेत्र को राहत मिलेगी।
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सीवन और चक्कू लदाना में भी घटेगा लोड
सीवन बिजली घर से सीवन, मलिकपुर, फिरोजपुर और डेरा गोविंदपुरा को लाभ मिलेगा। चक्कू लदाना से थेह खरकां, पक्की पिस्सौल, कच्ची पिस्सौल और मेघा माजरा को राहत मिलेगी। गुहला बिजली घर से नंदगढ़, सलेमपुर और गुहला शहर के उपभोक्ताओं को फायदा होगा।
गर्मी सीजन में बढ़ जाता है बिजली का दबाव
मई से अगस्त तक जिले में रोजाना 540 से ज्यादा बिजली कट लगे। गर्मी में एसी-कूलर का लोड बढ़ने के साथ धान सीजन में ट्यूबवेल चलने से बिजली की मांग और बढ़ जाती है। कई बिजली घरों पर क्षमता से अधिक भार आ जाता है। इसका असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दिया। नए बिजली घर बनने से लोड का बंटवारा होगा और किसानों को सिंचाई के लिए अधिक नियमित बिजली मिलने की उम्मीद है। इससे लाइन लॉस और तकनीकी दिक्कतों में कमी आने की उम्मीद है।
जिले में 3.72 लाख बिजली उपभोक्ता
जिले में 3 लाख 72 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। सात ब्लॉकों के 293 गांवों में बिजली सप्लाई हो रही है। इनमें 284 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। बढ़ती मांग को देखते हुए नए बिजली घरों को बिजली व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बिजली निगम के एसई भूपेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली घरों पर काम शुरू करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जून व जुलाई तक बिजली घर बनकर चलने की उम्मीद है। उपभोक्ताओं को कटों से राहत मिलेगी।
गर्मी में कटौती से होती है परेशानी
गर्मी के दिनों में बिजली कट लगने से घर के साथ खेती का काम भी प्रभावित होता है। धान के सीजन में बिजली की जरूरत और बढ़ जाती है। कई बार वोल्टेज कम होने से मोटर चलाने में दिक्कत आती है। छह नए बिजली घर बनने से अगर लोड कम होता है और वोल्टेज में सुधार आता है तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। बिजली की सप्लाई नियमित रहेगी तो किसानों को सिंचाई के लिए भी परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी।
राजेंद्र किसान, चक्कू लदाना
कटौती कम होगी तो कारोबार को भी फायदा
बिजली की बार-बार कटौती का असर दुकानों और छोटे कारोबार पर भी पड़ता है। गर्मी में पंखे और कूलर बंद होने से ग्राहक भी परेशान होते हैं। कई काम बिजली पर निर्भर हैं, इसलिए कट लगने पर काम रोकना पड़ता है। नए बिजली घर बनने से अगर ओवरलोड कम होता है और सप्लाई सुचारू रहती है तो दुकानदारों को फायदा होगा। इससे कारोबार का काम बिना रुकावट चल सकेगा और बार-बार बिजली आने-जाने की समस्या भी कम होगी।
मनोज कुमार, दुकानदार पूंडरी

सीवन स्थित 132 केवी बिजली घर, जहां अब 33 केवी का नया बिजली घर की प्रक्रिया की शुरू। संवाद